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सिल्ट जाने से खत्म हो जाएगा लाखों रुपए से बना नाला
Mahoba
Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
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महोबा। चरखारी बाईपास पर तीन माह पूर्व बनाए गए नाले के किनारे डाला गया मलबा आज तक नहीं हटाया गया जिससे बरसात में मलबा फिर से नाले में पहुंचने से नाला जमींदोज हो जाएगा और पानी सड़कों पर बहने लगेगा।
फरवरी में चरखारी बाईपास में रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने से टीवीएस एजेंसी तक नाले का निर्माण नगर पालिका ने कराया था। इसका टाप सड़क लेबल से डेढ़ मीटर नीचे था। नाला सफाई में निकला मलबा भी ठेकेदार ने बनाए गए नाले के किनारे डाल दिया था। इसे हटवाने के लिए संजय गुप्ता, ललित तिवारी, नरेंद्र कुशवाहा ने कई बार नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से की थी लेकिन आज तक न तो नाले के ऊपर पड़ा मलबा हटाया गया और न ही नाले का टाप सड़क के टाप से मिलाया गया जिससे इस नाले के निर्माण का कोई औचित्य ही लोगों को समझ में नहीं आ रहा है। नाले की खुदाई सड़क के लेवल से दो से ढाई मीटर के बीच की गई और नाला निर्माण केवल एक मीटर ही किया गया जिससे सड़क के लेवल और नाले के टाप मेें डेढ मीटर का अंतर है नाले के टाप के किनारे मिट्टी से खुले हुए हैं। साथ ही उसके ऊपर नाले की खुदाई का सैकड़ों ट्राली मलबा भी पड़ा हुआ है। इसे आज तक नहीं हटाया गया। मंडी के पास रह रहे लोगों का कहना है कि जल्द ही बरसात आने वाली है और नाले का निर्माण सड़क लेवल तक नहीं बढ़ाया गया तो नाले के किनारे लगे कचरे के ढेर नाले में जाकर उसे चोक कर देंगे। नागरिकाें ने अविलंब नाले के किनारे लगे कूड़े-कचरे को हटाए जाने की मांग की है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अविलंब नाले के किनारे लगा कचरा हटावा दिया जाएगा जिससे बरसात में नाले पर कोई असर न पड़े।
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फरवरी में चरखारी बाईपास में रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने से टीवीएस एजेंसी तक नाले का निर्माण नगर पालिका ने कराया था। इसका टाप सड़क लेबल से डेढ़ मीटर नीचे था। नाला सफाई में निकला मलबा भी ठेकेदार ने बनाए गए नाले के किनारे डाल दिया था। इसे हटवाने के लिए संजय गुप्ता, ललित तिवारी, नरेंद्र कुशवाहा ने कई बार नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से की थी लेकिन आज तक न तो नाले के ऊपर पड़ा मलबा हटाया गया और न ही नाले का टाप सड़क के टाप से मिलाया गया जिससे इस नाले के निर्माण का कोई औचित्य ही लोगों को समझ में नहीं आ रहा है। नाले की खुदाई सड़क के लेवल से दो से ढाई मीटर के बीच की गई और नाला निर्माण केवल एक मीटर ही किया गया जिससे सड़क के लेवल और नाले के टाप मेें डेढ मीटर का अंतर है नाले के टाप के किनारे मिट्टी से खुले हुए हैं। साथ ही उसके ऊपर नाले की खुदाई का सैकड़ों ट्राली मलबा भी पड़ा हुआ है। इसे आज तक नहीं हटाया गया। मंडी के पास रह रहे लोगों का कहना है कि जल्द ही बरसात आने वाली है और नाले का निर्माण सड़क लेवल तक नहीं बढ़ाया गया तो नाले के किनारे लगे कचरे के ढेर नाले में जाकर उसे चोक कर देंगे। नागरिकाें ने अविलंब नाले के किनारे लगे कूड़े-कचरे को हटाए जाने की मांग की है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अविलंब नाले के किनारे लगा कचरा हटावा दिया जाएगा जिससे बरसात में नाले पर कोई असर न पड़े।
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