{"_id":"75242","slug":"Mahoba-75242-44","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रमिकाें को मजदूरी न मिलने पर डीएम भड़कीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रमिकाें को मजदूरी न मिलने पर डीएम भड़कीं
Mahoba
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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महोबा। जिलाधिकारी डा. काजल ने लघु सिंचाई विभाग द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष कुएं न बनाए जाने और श्रमिकाें की मजदूरी का भुगतान न करने पर नाराजगी जताई। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी यतींद्र कुमार को मामले की जांच सौंप दी।
जिलाधिकारी बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक में बोल रहीं थीं। उन्हाेंने कहा कि जिला पंचायतराज द्वारा बनाए गए स्वच्छ शौचालयाें की वास्तविक जानकारी नहीं मिल रही है। उन्हाेंने डीपीआरओ को कितने शौचालय बनाए गए और कितने मौके पर हैं, इसका सत्यापन कराए जाने के निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि आरएफसी और एफसीआई का उठान नहीं हो पा रहा है। इससे मध्याह्न भोजन नहीं बन पा रहा है। जिलाधिकारी ने पत्राचार करने के निर्देश दिए हैं। उन्हाेंने सभी उप जिलाधिकारियाें को जिले की वृद्धावस्था, विकलांग, विधवा पेंशनराें के अलावा गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियाें का भौतिक सत्यापन 15 दिन के अंदर कराए जाने के निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा कि सत्यापन के बाद कितने लोग जीवित हैं, कितने लोगाें की मौत हो चुकी है, इसका डाटा मिल जाएगा। इसके बाद सभी लाभार्थियाें के खाताें में पेंशन भेजी जाएगी। उन्हाेंने कहा कि जिले में पानी की समस्या नहीं आनी चाहिए। इसके लिए अधिकारी कमर कस लें।
उन्हाेंने कहा कि हैंडपंप चालू रखें। ड्राई हैंडपंपाें को रिबोर कराएं, जरूरत वाले स्थानाें पर हैंडपंप लगवाए जाएं। सरकारी नलकूप से पोखराें को भरें जिससे पशुआें को पीने का पानी मयस्सर हो सके। उन्हाेंने कहा कि गर्मी में टैंकर चालू रखे जाएं जहां पर भी पानी की समस्या आए, तत्काल टैंकर भरे जाएं। इसमें किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वाईके उपाध्याय, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतेश कुमार, जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी उमापति, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी गंगा सिंह राजपूत, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता शीलनिधि शुक्ला सहित तमाम लोग मौजूद रहे। इससे पूर्व सुबह 11 बजे मुख्य विकास अधिकारी यतींद्र कुमार उपाध्याय ने अधिकारियाें की बैठक ली। बैठक में ग्रामीण क्षेत्राें में लगे हैंडपंपाें को ठीक कराने और पेयजल समस्या की रिपोर्ट देने के अधिकारियाें को निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक में बोल रहीं थीं। उन्हाेंने कहा कि जिला पंचायतराज द्वारा बनाए गए स्वच्छ शौचालयाें की वास्तविक जानकारी नहीं मिल रही है। उन्हाेंने डीपीआरओ को कितने शौचालय बनाए गए और कितने मौके पर हैं, इसका सत्यापन कराए जाने के निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि आरएफसी और एफसीआई का उठान नहीं हो पा रहा है। इससे मध्याह्न भोजन नहीं बन पा रहा है। जिलाधिकारी ने पत्राचार करने के निर्देश दिए हैं। उन्हाेंने सभी उप जिलाधिकारियाें को जिले की वृद्धावस्था, विकलांग, विधवा पेंशनराें के अलावा गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियाें का भौतिक सत्यापन 15 दिन के अंदर कराए जाने के निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा कि सत्यापन के बाद कितने लोग जीवित हैं, कितने लोगाें की मौत हो चुकी है, इसका डाटा मिल जाएगा। इसके बाद सभी लाभार्थियाें के खाताें में पेंशन भेजी जाएगी। उन्हाेंने कहा कि जिले में पानी की समस्या नहीं आनी चाहिए। इसके लिए अधिकारी कमर कस लें।
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उन्हाेंने कहा कि हैंडपंप चालू रखें। ड्राई हैंडपंपाें को रिबोर कराएं, जरूरत वाले स्थानाें पर हैंडपंप लगवाए जाएं। सरकारी नलकूप से पोखराें को भरें जिससे पशुआें को पीने का पानी मयस्सर हो सके। उन्हाेंने कहा कि गर्मी में टैंकर चालू रखे जाएं जहां पर भी पानी की समस्या आए, तत्काल टैंकर भरे जाएं। इसमें किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वाईके उपाध्याय, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतेश कुमार, जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी उमापति, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी गंगा सिंह राजपूत, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता शीलनिधि शुक्ला सहित तमाम लोग मौजूद रहे। इससे पूर्व सुबह 11 बजे मुख्य विकास अधिकारी यतींद्र कुमार उपाध्याय ने अधिकारियाें की बैठक ली। बैठक में ग्रामीण क्षेत्राें में लगे हैंडपंपाें को ठीक कराने और पेयजल समस्या की रिपोर्ट देने के अधिकारियाें को निर्देश दिए।
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