{"_id":"44-208754","slug":"Mahoba-208754-44","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन बार हुई जांच, नहीं हटा अतिक्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन बार हुई जांच, नहीं हटा अतिक्रमण
Mahoba
Updated Sat, 06 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खन्ना (महोबा)। कानपुर-सागर हाईवे के किनारे नाले पर अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन के उदासीन रवैये से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणाें की शिकायत पर जांच होने के उपरांत भी प्रशासनिक अफसराें ने अतिक्रमण हटाने में रुचि नहीं ली। वहीं अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई न होती देख अन्य लोगाें ने भी अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है, जिससे नाले का अस्तित्व खत्म हो रहा है।
जून 2014 में कस्बा खन्ना के इंद्र बहादुर, किशना, चांद मोहम्मद, बरदानी, शिवकरन, इस्लाम ने डीएम को दिए पत्र में कानपुर-सागर हाईवे के किनारे स्थित नाले पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत की थी। डीएम ने कानूनगो और लेखपाल से मामले की जांच कराई थी। जांचोपरांत कानूनगो और खन्ना लेखपाल ने एसडीएम को सौंपी रिपोर्ट में हाईवे किनारे नाले पर सात अवैध कब्जे होने की पुष्टि की।
प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि तीन बार हुई जांच में अतिक्रमण पाए जाने के बावजूद आज तक अतिक्रमण नहीं हटवाया गया। प्रशासनिक कार्रवाई न होती देख अन्य दबंगों के हौसले बुलंद हो गए हैं, जिससे नाले पर अतिक्रमण और बढ़ने लगा है। अवैध कब्जों के चलते नाले का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। अतिक्रमण न हटवाए जाने के कारण ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।
विज्ञापन
मामले की शिकायत मिलने पर जांच कराई गई थी, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट मुझे प्राप्त नहीं हुई है। अगर जांच में अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटवाया जाएगा। अतिक्रमणकारियों को किसी भी हालत में नाले पर अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।- राकेश कुमार गुप्ता, उप जिलाधिकारी सदर।
विज्ञापन
जून 2014 में कस्बा खन्ना के इंद्र बहादुर, किशना, चांद मोहम्मद, बरदानी, शिवकरन, इस्लाम ने डीएम को दिए पत्र में कानपुर-सागर हाईवे के किनारे स्थित नाले पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत की थी। डीएम ने कानूनगो और लेखपाल से मामले की जांच कराई थी। जांचोपरांत कानूनगो और खन्ना लेखपाल ने एसडीएम को सौंपी रिपोर्ट में हाईवे किनारे नाले पर सात अवैध कब्जे होने की पुष्टि की।
विज्ञापन
प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि तीन बार हुई जांच में अतिक्रमण पाए जाने के बावजूद आज तक अतिक्रमण नहीं हटवाया गया। प्रशासनिक कार्रवाई न होती देख अन्य दबंगों के हौसले बुलंद हो गए हैं, जिससे नाले पर अतिक्रमण और बढ़ने लगा है। अवैध कब्जों के चलते नाले का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। अतिक्रमण न हटवाए जाने के कारण ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।
विज्ञापन
मामले की शिकायत मिलने पर जांच कराई गई थी, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट मुझे प्राप्त नहीं हुई है। अगर जांच में अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटवाया जाएगा। अतिक्रमणकारियों को किसी भी हालत में नाले पर अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।- राकेश कुमार गुप्ता, उप जिलाधिकारी सदर।