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कुपोषण बीमारी की सबसे बड़ी जड़ - सीडीओ
Mahoba
Updated Fri, 05 Dec 2014 05:30 AM IST
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महोबा। मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण ने कहा कि कुपोषण एक बीमारी नहीं बीमारी की जड़ है, जो अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा करता है। इसके बचाव के लिए जरूरी है कि 18 साल से पहले किसी लड़के लड़की की शादी न करें और 20 साल से पहले लड़की का गर्भधारण न हो। कहा कि गर्भ का पता चलते ही गर्भवती मां आंगनबाड़ी केंद्र में रजिस्ट्रेशन कराएं।
मुख्य विकास अधिकारी गुरुवार को ब्लाक पनवाड़ी के आंगनबाड़ी केंद्र स्योढ़ी में जिला कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित गोद भराई कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कहा कि गर्भवती महिलाएं आयरन की गोलियां, समय-समय पर लें, जिससे खून की कमी न हो और आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करें। आयोडीन नमक बुद्धि का विकास करता है और गर्भवती महिलाआें में आयोडीन की कमी से होने वाले रोगाें को दूर करता है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने कहा कि छह माह तक नवजात शिशु को माता का दूध पिलाया जाए। गाय और बकरी का दूध न पिलाएं। बाहरी दूध और पानी संक्रमित हो सकता है। छह माह के बाद मां के दूध के साथ-साथ अन्य आहार देना शुरू करें। बच्चे को समय-समय पर टीका लगवाकर कुपोषण से बचा जा सकता है। इस मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी, एएनएम रामकली, सीडीपीओ और सुपरवाइजर मौजूद रहीं।
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आठ महिलाआें की हुई गोद भराई- महोबा। स्योढ़ी गांव की महिलाओं की आठ महिलाआें को आयोडीन नमक, हरी सब्जियां और पोषाहार से गोद भराई की गई। 23 कुपोषित बच्चे पाए गए, जबकि इनमें से चार गंभीर कुपोषित थे। बच्चाें को कुपोषण से बचाने के लिए जानकारी दी गई। माह के तीसरे शनिवार को ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस मनाए जाने के आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें और एएनएम को निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य कुपोषण दिवस पर बच्चाें का पुन: वजन लिया जाएगा, जिससे बच्चाें के स्वास्थ्य सुधार के बाबत जानकारी हो सकेगी।
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मुख्य विकास अधिकारी गुरुवार को ब्लाक पनवाड़ी के आंगनबाड़ी केंद्र स्योढ़ी में जिला कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित गोद भराई कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कहा कि गर्भवती महिलाएं आयरन की गोलियां, समय-समय पर लें, जिससे खून की कमी न हो और आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करें। आयोडीन नमक बुद्धि का विकास करता है और गर्भवती महिलाआें में आयोडीन की कमी से होने वाले रोगाें को दूर करता है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने कहा कि छह माह तक नवजात शिशु को माता का दूध पिलाया जाए। गाय और बकरी का दूध न पिलाएं। बाहरी दूध और पानी संक्रमित हो सकता है। छह माह के बाद मां के दूध के साथ-साथ अन्य आहार देना शुरू करें। बच्चे को समय-समय पर टीका लगवाकर कुपोषण से बचा जा सकता है। इस मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी, एएनएम रामकली, सीडीपीओ और सुपरवाइजर मौजूद रहीं।
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आठ महिलाआें की हुई गोद भराई- महोबा। स्योढ़ी गांव की महिलाओं की आठ महिलाआें को आयोडीन नमक, हरी सब्जियां और पोषाहार से गोद भराई की गई। 23 कुपोषित बच्चे पाए गए, जबकि इनमें से चार गंभीर कुपोषित थे। बच्चाें को कुपोषण से बचाने के लिए जानकारी दी गई। माह के तीसरे शनिवार को ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस मनाए जाने के आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें और एएनएम को निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य कुपोषण दिवस पर बच्चाें का पुन: वजन लिया जाएगा, जिससे बच्चाें के स्वास्थ्य सुधार के बाबत जानकारी हो सकेगी।