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कथा सुनने से अर्थ, धर्म, काम व मोक्ष की होती है प्राप्ति-आचार्य
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:08 PM IST
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कुलपहाड़ (महोबा)। शारदीय नवरात्र पर्व पर सांई मंदिर गोविंद नगर कुलपहाड़ में सतचंडी महायज्ञ व श्रीमद् देवी भागवत पुराण का आयोजन चल रहा है। शुक्रवार को कथा में चित्रकूट धाम कर्वी से पधारे आचार्य नवलेश दीक्षित ने कहा कि श्रीमद् देवी भागवत पुराण अठारह पुराणों में सर्वश्रेष्ठ है, जिसमें तीनों लोकों की जननी साक्षात सनातनी भगवती की महिमा का वर्णन है। जो साधक देवी भागवत के आधे या चौथाई श्लोक को प्रतिदिन सुनता या पढ़ता है वह परमगति को प्राप्त होता है। साथ ही धर्म, अथर, काम और मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। आचार्य ने कहा कि भगवती का कथा रुपी अमृत साधक के सम्पूर्ण कुल को ही अजर अमर बना देता है। जो लोग सदा भक्ति, श्रद्धा पूर्वक श्रीमद् देवी भागवत की कथा सुनते है उन्हें सिद्घि प्राप्त होने होती है। इसलिए मनुष्यों को इस पुराण का सदा पठन व श्रवण करना चाहिए। यह पुराण जिस घर में विधि पूर्वक पूजित होकर स्थित रहता है, उस घर को लक्ष्मी और सरस्वती कभी नहीं छोड़ती। उन्होंने कहा कि देवी भागवत की कथा सर्वप्रथम नारद जी ने भगवान श्रीकृष्ण के पिता वासुदेव, माता देवकी को सुनाई थी। तभी भागवन श्री कृष्ण मिले। उन्होंने स्मंतक मणि की कथा का वर्णन करते हुए नीति पूर्वक धन कमाने की सलाह दी। कहा कि एक परिवार को धर्मानुसार उतनी संपत्ति रखने का अधिकार है जितनी संपत्ति से उसके परिवार का पालन पोषण हो जाए। शास्त्रों के अनुसार अधिक संपत्ति रखने वाला चोर होता है। अत्याधिक संपत्ति राष्ट्र की होती है। अनीति से कमाई संपत्ति विनाश का कारण होती है। इसके साथ ही उन्होंने दुर्गा सप्तसती में प्रथम, द्वितीय, उत्तम चरित्र तथा सतचंडी महायज्ञ की महिमा का वर्णन किया। कथा सुनने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही।
कथा सुनने से अर्थ, धर्म, काम व मोक्ष की होती है प्राप्ति-आचार्य
- श्रीमद् देवी भागवत पुराण सुनने के लिए जुट रही भक्तों की भीड़
कथा सुनने से अर्थ, धर्म, काम व मोक्ष की होती है प्राप्ति-आचार्य
- श्रीमद् देवी भागवत पुराण सुनने के लिए जुट रही भक्तों की भीड़