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परेड की सलामी के लिए डीएम को नहीं मिला न्यौता
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महोबा। गणतंत्र दिवस पर पुलिस लाइन में परेड की सलामी के लिए डीएम को आमंत्रित नहीं किया गया बल्कि उनके स्थान पर जनपद न्यायाधीश महताब अहमद ने परेड की सलामी ली। पुलिस लाइन में डीएम के मौजूद न होने पर तरह-तरह चर्चाएं होती रही। पहली दफा परेड में जनपद न्यायाधीश ने पुलिस की गाड़ी में परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद सलामी ली।
वर्ष 1995 में महोबा जिले का गठन हुआ था। 24 साल से लगातार परेड में जिलाधिकारी या राज्यमंत्री द्वारा परेड की सलामी ली गई। 24 साल में पहली दफा परेड की सलामी में डीएम मौजूद नहीं रहे। जिलाधिकारी सहदेव को आमंत्रण पत्र न भेजे जाने और आमंत्रण पत्र में उनका नाम न होने पर राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी परेड कार्यक्रम में शिरकत नहीं की।
जिलाधिकारी का कहना है कि प्रोटोकॉल के मुताबिक परेड की सलामी के लिए जिले का प्रभारी मंत्री या राज्यमंत्री मौजूद है तो वह परेड की सलामी लेगा। राज्यमंत्री के न होने पर जिलाधिकारी परेड की सलामी लेते है। हर जिले में जिलाधिकारी को ही सलामी के लिए पुलिस लाइन आमंत्रित किया जाता है। उन्हें कोई आमंत्रण पत्र नहीं मिला जबकि पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह का कहना है कि डीएम को आमंत्रण पत्र भेजा गया। वह जिलेभर के तमाम राष्ट्रीय कार्यक्रमों की व्यवस्था के कारण नहीं आ सके है।
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परेड की सलामी के लिए डीएम को नहीं मिला न्योता
-24 साल में पहली दफा परेड की सलामी में नहीं दिखे डीएम
वर्ष 1995 में महोबा जिले का गठन हुआ था। 24 साल से लगातार परेड में जिलाधिकारी या राज्यमंत्री द्वारा परेड की सलामी ली गई। 24 साल में पहली दफा परेड की सलामी में डीएम मौजूद नहीं रहे। जिलाधिकारी सहदेव को आमंत्रण पत्र न भेजे जाने और आमंत्रण पत्र में उनका नाम न होने पर राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी परेड कार्यक्रम में शिरकत नहीं की।
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जिलाधिकारी का कहना है कि प्रोटोकॉल के मुताबिक परेड की सलामी के लिए जिले का प्रभारी मंत्री या राज्यमंत्री मौजूद है तो वह परेड की सलामी लेगा। राज्यमंत्री के न होने पर जिलाधिकारी परेड की सलामी लेते है। हर जिले में जिलाधिकारी को ही सलामी के लिए पुलिस लाइन आमंत्रित किया जाता है। उन्हें कोई आमंत्रण पत्र नहीं मिला जबकि पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह का कहना है कि डीएम को आमंत्रण पत्र भेजा गया। वह जिलेभर के तमाम राष्ट्रीय कार्यक्रमों की व्यवस्था के कारण नहीं आ सके है।
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परेड की सलामी के लिए डीएम को नहीं मिला न्योता
-24 साल में पहली दफा परेड की सलामी में नहीं दिखे डीएम