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हत्या के मामले में चार लोगों को 7-7 साल की सजा
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महोबा। जनपद न्यायाधीश महताब आलम ने एक ग्रामीण की हत्या के मामले में पिता-पुत्र समेत चार लोगों को सात-सात साल की सजा सुनाई। साथ ही 13-13 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
थाना खन्ना के ग्राम पचपहरा में 17 नवंबर 2014 की शाम छह बजे बलवीर यादव अपने बेटे हरीशंकर के साथ घर के चबूतरे पर बैठे बात कर रहे थे। तभी रंजिश के चलते गांव के ही गनेश पुत्र लक्ष्मी यादव, रणछोड़ यादव पुत्र मथुरा यादव, राकेश पुत्र रणछोड़, मलखान यादव पुत्र मथुरा यादव, लालजी पुत्र भूरा यादव ने बलवीर और उसके बेटे हरीशंकर पर लाठी-डंडों से हमलाकर लहूूलुहान कर दिया। जिससे बलवीर की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। बीच बचाव करने आई बलवीर की पत्नी भूरी और हरिशंकर की पत्नी बेसन पर भी लाठी डंडों से हमलाकर अधमरा कर दिया था। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के बेटे रामपाल यादव ने थाना खन्ना में 18 नवंबर 2014 को पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद गनेश, रणछोड़ यादव, उसके बेटे राकेश यादव और मलखान यादव को हत्या का दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। अदालत ने धारा 308 में चारों को तीन-तीन साल की सजा और तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस मुकदमे की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि पांचवें आरोपी लालजी की मुकदमा के दौरान मौत हो गई थी।
हत्या के मामले में चार लोगों को 7-7 साल की सजा
- अदालत ने अभियुक्तों पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका
थाना खन्ना के ग्राम पचपहरा में 17 नवंबर 2014 की शाम छह बजे बलवीर यादव अपने बेटे हरीशंकर के साथ घर के चबूतरे पर बैठे बात कर रहे थे। तभी रंजिश के चलते गांव के ही गनेश पुत्र लक्ष्मी यादव, रणछोड़ यादव पुत्र मथुरा यादव, राकेश पुत्र रणछोड़, मलखान यादव पुत्र मथुरा यादव, लालजी पुत्र भूरा यादव ने बलवीर और उसके बेटे हरीशंकर पर लाठी-डंडों से हमलाकर लहूूलुहान कर दिया। जिससे बलवीर की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। बीच बचाव करने आई बलवीर की पत्नी भूरी और हरिशंकर की पत्नी बेसन पर भी लाठी डंडों से हमलाकर अधमरा कर दिया था। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के बेटे रामपाल यादव ने थाना खन्ना में 18 नवंबर 2014 को पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद गनेश, रणछोड़ यादव, उसके बेटे राकेश यादव और मलखान यादव को हत्या का दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। अदालत ने धारा 308 में चारों को तीन-तीन साल की सजा और तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस मुकदमे की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि पांचवें आरोपी लालजी की मुकदमा के दौरान मौत हो गई थी।
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हत्या के मामले में चार लोगों को 7-7 साल की सजा
- अदालत ने अभियुक्तों पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका