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Mahoba News: धसान नदी की नहर टूटने से 200 बीघा फसल जलमग्न
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पनवाड़ी (महोबा)। ब्लॉक पनवाड़ी के नगाराघाट से निकली धसान नदी की मुख्य नहर टूटने से आसपास स्थित किसानों की करीब 200 बीघा फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। अभी कुछ दिन पहले ही किसानों ने यहां खरीफ फसल की बोबनी की थी। किसानों का आरोप है कि बालू माफियाओं ने पानी रोकने के लिए नहर को अवरुद्ध किया। जिससे नहर टूटी और उन्हें हजारों का नुकसान हुआ।
नगारा घाट से धसान नदी की मुख्य नहर निकली हुई है। मुख्य नहर के माइनर के टूटने से आसपास खेतों में लगी किसानों की 200 बीघा खरीफ की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने यहां मूंगफली, तिल, उर्द, मूंग व अरहर की बुआई की थी। नहर टूटने की जानकारी मिलने पर किसान खेतों पर पहुंचे। जहां उनके खेत पानी से भरे मिले। किसान लच्छी, हरगोविंद, हरिशंकर, देवकी, मुरलीधर, लखन, मैयादीन, पप्पू, बहादुर ने बालू माफियाओं पर आरोप लगाया। कहा कि बालू माफियाओं ने नहर के पानी को रोकने के लिए माइनर को अवरूद्ध कर दिया। जिससे नहर टूट गई। फसल जलमग्न होने से इस बार खरीफ में उन्हें कुछ भी हासिल नहीं होगा। किसानों का कहना है कि उन्हें लाखों का नुकसान हुआ। कर्ज लेकर बीज खरीदे थे लेकिन अब इसकी भरपाई हो पाना मुश्किल है।
सिंचाई विभाग जेई अजय कुमार भारती का कहना है कि हो सकता कि किसान ने खेत में पानी पहुंचने के लिए फावड़ा चलाया हो। पानी की तेज रफ्तार होने से नहर कट गई हो। तेज बहाव में बालू कारोबारी यह नहीं कर सकते। अभी वहां पेड़ गिरा पड़ा है। जल्द ही नहर दुरुस्त करा दी जाएगी।
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नगारा घाट से धसान नदी की मुख्य नहर निकली हुई है। मुख्य नहर के माइनर के टूटने से आसपास खेतों में लगी किसानों की 200 बीघा खरीफ की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने यहां मूंगफली, तिल, उर्द, मूंग व अरहर की बुआई की थी। नहर टूटने की जानकारी मिलने पर किसान खेतों पर पहुंचे। जहां उनके खेत पानी से भरे मिले। किसान लच्छी, हरगोविंद, हरिशंकर, देवकी, मुरलीधर, लखन, मैयादीन, पप्पू, बहादुर ने बालू माफियाओं पर आरोप लगाया। कहा कि बालू माफियाओं ने नहर के पानी को रोकने के लिए माइनर को अवरूद्ध कर दिया। जिससे नहर टूट गई। फसल जलमग्न होने से इस बार खरीफ में उन्हें कुछ भी हासिल नहीं होगा। किसानों का कहना है कि उन्हें लाखों का नुकसान हुआ। कर्ज लेकर बीज खरीदे थे लेकिन अब इसकी भरपाई हो पाना मुश्किल है।
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सिंचाई विभाग जेई अजय कुमार भारती का कहना है कि हो सकता कि किसान ने खेत में पानी पहुंचने के लिए फावड़ा चलाया हो। पानी की तेज रफ्तार होने से नहर कट गई हो। तेज बहाव में बालू कारोबारी यह नहीं कर सकते। अभी वहां पेड़ गिरा पड़ा है। जल्द ही नहर दुरुस्त करा दी जाएगी।
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