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Mahoba News: धोखाधड़ी कर खाते से 20 लाख निकाले, मुकदमा दर्ज
Sun, 11 Aug 2024 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 11 Aug 2024 12:09 AM IST
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श्रीनगर (महोबा)। थाना श्रीनगर के डिगरिया गांव में भाई की मौत के बाद नॉमिनी के तौर पर दर्ज बड़े भाई के खाते में आई 20 लाख की धनराशि को गांव के युवक ने धोखाधड़ी कर निकाल लिया।
यह रकम बैंक से अलग-अलग तिथियों में निकाली गई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
डिगरिया निवासी नंदी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके छोटे भाई बाबूलाल का भारतीय स्टेट बैंक से बीमा था। शादी न होने और माता-पिता का निधन हो जाने पर बीमे में वह नॉमिनी के तौर पर दर्ज हैं।
छोटे भाई की छह माह पहले दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद उसके खाते में बीमा की 20 लाख की धनराशि आई। इसकी जानकारी गांव के इंद्रभान सिंह उर्फ राहुल यादव को हो गई।
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आरोप लगाया कि इंद्रभान सिंह ने आठ फरवरी को आरटीजीएस के माध्यम से दस लाख, इसके बाद नौ फरवरी को 50 हजार, फिर साढ़े चार लाख और पांच लाख की धनराशि अपने व परिचितों के खातों में स्थानांतरित करा ली। जब उसे रुपयों की जरूरत पड़ी तो बैंक जाकर पता किया तो जानकारी हुई कि उसके खाते में रुपये नहीं है।
आरोप लगाया कि इंद्रभान सिंह ने धोखाधाड़ी कर उसके खाते में जमा रुपये निकाल लिए। थानाध्यक्ष शिवपाल सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर आरोपी इंद्रभान के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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यह रकम बैंक से अलग-अलग तिथियों में निकाली गई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
डिगरिया निवासी नंदी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके छोटे भाई बाबूलाल का भारतीय स्टेट बैंक से बीमा था। शादी न होने और माता-पिता का निधन हो जाने पर बीमे में वह नॉमिनी के तौर पर दर्ज हैं।
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छोटे भाई की छह माह पहले दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद उसके खाते में बीमा की 20 लाख की धनराशि आई। इसकी जानकारी गांव के इंद्रभान सिंह उर्फ राहुल यादव को हो गई।
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आरोप लगाया कि इंद्रभान सिंह ने आठ फरवरी को आरटीजीएस के माध्यम से दस लाख, इसके बाद नौ फरवरी को 50 हजार, फिर साढ़े चार लाख और पांच लाख की धनराशि अपने व परिचितों के खातों में स्थानांतरित करा ली। जब उसे रुपयों की जरूरत पड़ी तो बैंक जाकर पता किया तो जानकारी हुई कि उसके खाते में रुपये नहीं है।
आरोप लगाया कि इंद्रभान सिंह ने धोखाधाड़ी कर उसके खाते में जमा रुपये निकाल लिए। थानाध्यक्ष शिवपाल सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर आरोपी इंद्रभान के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।