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दीपदान कर याद किया फांसी पर झूले क्रांतिकारियों को
Updated Mon, 05 Nov 2018 09:44 PM IST
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महोबा। अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले 16 क्रांतिकारियों को वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के दौरान अंग्रेजी हुकूमत ने हवेली दरवाजा शहीद स्थल पर इमली के पेड़ पर फांसी दी थी। सोमवार की शाम दीपदान कर उन सभी 16 क्रांतिकारियों को याद किया गया।
शहीदों की याद में हवेली दरवाजा शहीद स्थल पर साफ-सफाई कराकर शाम को यहां 200 दीपक जलाए गए। बुंदेली समाज की अगुवाई में आयोजित दीपदान कार्यक्रम में पहला दीपक पूर्व विधायक बाबू लाल तिवारी 103 ने जलाया। उसके बाद नगर के अन्य गणमान्य नागरिकों ने आजादी के मतवालों की याद में एक-एक दीपक जलाए। करीब 200 लोगों ने बुंदेली समाज की इस पहल में हिस्सा लेकर दीपदान किया। जिससे दिवाली त्योहार के मौके पर शहीद स्थल भी दीयों से जगमगा उठा।
बुंदेली समाज ने दो साल पहले दिवाली त्योहार के मौके पर शहीद स्थल हवेली दरवाजा में दीपदान की परंपरा शुरू की थी। 100 दीपदान से शुरु की गई परंपरा के तहत इस साल 200 दीये जलाए गए। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने बताया कि अगले साल 300 दीये जलाए जाएंगे।
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दीपदान कर याद किया क्रांतिकारियों को
-हवेली दरवाजा शहीद स्थल पर 200 दीपक जलाकर दी श्रद्धांजलि
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शहीदों की याद में हवेली दरवाजा शहीद स्थल पर साफ-सफाई कराकर शाम को यहां 200 दीपक जलाए गए। बुंदेली समाज की अगुवाई में आयोजित दीपदान कार्यक्रम में पहला दीपक पूर्व विधायक बाबू लाल तिवारी 103 ने जलाया। उसके बाद नगर के अन्य गणमान्य नागरिकों ने आजादी के मतवालों की याद में एक-एक दीपक जलाए। करीब 200 लोगों ने बुंदेली समाज की इस पहल में हिस्सा लेकर दीपदान किया। जिससे दिवाली त्योहार के मौके पर शहीद स्थल भी दीयों से जगमगा उठा।
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बुंदेली समाज ने दो साल पहले दिवाली त्योहार के मौके पर शहीद स्थल हवेली दरवाजा में दीपदान की परंपरा शुरू की थी। 100 दीपदान से शुरु की गई परंपरा के तहत इस साल 200 दीये जलाए गए। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने बताया कि अगले साल 300 दीये जलाए जाएंगे।
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दीपदान कर याद किया क्रांतिकारियों को
-हवेली दरवाजा शहीद स्थल पर 200 दीपक जलाकर दी श्रद्धांजलि