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रैली में बसे अधिग्रहीत होने से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
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महोबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झांसी में शुक्रवार को रैली को लेकर जिले की प्राइवेट बसें अधिग्रहीत कर लिए जाने से महोबा से छतरपुर, खजुराहो, सागर, टीकमगढ़ सहित मध्यप्रदेश के तमाम जिलों में आवागमन ठप हो गया है। जिससे लोगों को मध्य प्रदेश की यात्रा रद्द करनी पड़ी। मध्यप्रदेश के विभिन्न कस्बों और जिलों में जाने के लिए यात्री सारा दिन बसों के इंतजार में इधर-उधर भटकते रहे।
गौरतलब है कि महोबा से ग्वालियर, टीकमगढ़, सागर, छतरपुर, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सतना विभिन्न जिलों और कस्बों के लिए प्राइवेट बसों का संचालन होता है। 15 फरवरी को प्रधानमंत्री की झांसी में रैली होने के कारण कार्यकर्ताओं और भीड़ को ले जाने के लिए महोबा की सारी बसें अधिग्रहीत कर ली गई है। जिससे श्रीनगर, नौगांव सहित मध्यप्रदेश के हिस्सों में जाने के लिए यात्री सारा दिन इधर से उधर भटकते रहे। तमाम यात्रियों ने बसे न मिलने पर यात्रा रद्द कर दी। वहीं कुछ यात्रियों ने घूमकर ट्रेन के जरिये एक घंटे का सफर चार से पांच घंटे में तय किया। जिला मुख्यालय से रीवा, सागर, छतरपुर, नौगांव के लिए कोई भी ट्रेन सुविधा न होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सुबह से एक भी बस न मिलने के कारण यात्रियों की प्राइवेट बस स्टैंड में भीड़ लगी रही।
बसें न चलने से टेंपो चालकों की बल्ले-बल्ले
प्राइवेट बसों का आवागमन ठप रहने से टेंपो संचालकों ने जमकर कमाई की। जिला मुख्यालय से तीस किमी दूर तक टेंपो चालक यात्रियों को लाने ले जाने में जुटे रहे। जिससे तमाम कस्बे के लोगों ने टेंपो से यात्रा सुविधा पूरी की। लेकिन मध्य प्रदेश जाने वाले यात्रियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। एमपी से आई इक्का दुक्का प्राइवेट बसों का यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। बस आते ही भारी संख्या में लोगों की भीड़ टूट पड़ी और बस भूसे की तरह भरकर छतरपुर पहुंची। जबकि मध्य प्रदेश के अन्य कई जिलों में आवागमन ठप रहा।
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रैली में बसें अधिग्रहीत होने से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
- साधन न मिलने से तमाम यात्रियों ने रद्द कर दी यात्रा
गौरतलब है कि महोबा से ग्वालियर, टीकमगढ़, सागर, छतरपुर, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सतना विभिन्न जिलों और कस्बों के लिए प्राइवेट बसों का संचालन होता है। 15 फरवरी को प्रधानमंत्री की झांसी में रैली होने के कारण कार्यकर्ताओं और भीड़ को ले जाने के लिए महोबा की सारी बसें अधिग्रहीत कर ली गई है। जिससे श्रीनगर, नौगांव सहित मध्यप्रदेश के हिस्सों में जाने के लिए यात्री सारा दिन इधर से उधर भटकते रहे। तमाम यात्रियों ने बसे न मिलने पर यात्रा रद्द कर दी। वहीं कुछ यात्रियों ने घूमकर ट्रेन के जरिये एक घंटे का सफर चार से पांच घंटे में तय किया। जिला मुख्यालय से रीवा, सागर, छतरपुर, नौगांव के लिए कोई भी ट्रेन सुविधा न होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सुबह से एक भी बस न मिलने के कारण यात्रियों की प्राइवेट बस स्टैंड में भीड़ लगी रही।
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बसें न चलने से टेंपो चालकों की बल्ले-बल्ले
प्राइवेट बसों का आवागमन ठप रहने से टेंपो संचालकों ने जमकर कमाई की। जिला मुख्यालय से तीस किमी दूर तक टेंपो चालक यात्रियों को लाने ले जाने में जुटे रहे। जिससे तमाम कस्बे के लोगों ने टेंपो से यात्रा सुविधा पूरी की। लेकिन मध्य प्रदेश जाने वाले यात्रियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। एमपी से आई इक्का दुक्का प्राइवेट बसों का यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। बस आते ही भारी संख्या में लोगों की भीड़ टूट पड़ी और बस भूसे की तरह भरकर छतरपुर पहुंची। जबकि मध्य प्रदेश के अन्य कई जिलों में आवागमन ठप रहा।
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रैली में बसें अधिग्रहीत होने से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
- साधन न मिलने से तमाम यात्रियों ने रद्द कर दी यात्रा