{"_id":"5aee00044f1c1bb56a8b7f46","slug":"work-nicely-for-liberation-from-nutrition-nutrition-sakhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘कुपोषण से मुक्ति के िलए मनोयोग से कार्य करें पोषण सखी’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘कुपोषण से मुक्ति के िलए मनोयोग से कार्य करें पोषण सखी’
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Sun, 06 May 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
‘कुपोषण से मुक्ति के िलए मनोयोग से कार्य करें पोषण सखी’
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। सदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में शनिवार को पोषण सखी के कार्यों की समीक्षा के लिए बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला पोषण विशेषज्ञ डॉक्टर चंद्र मोहन प्रसाद सिंह ने कहा कि कुपोषण मुक्त जिला बनाने के लिए सभी पोषण सखियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरे मनोयोग से करना होगा। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी प्रेरित करने को कहा। यह भी कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियमित रूप से भ्रमण कर गर्भवती महिलाओं को सेहत के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने पोषण सखियों से कहा कि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान समय से टीकाकरण, आवश्यक उपचार व सावधानी के बारे में बताएं। वहीं धात्री महिलाओं को भी उनके सेहत के प्रति सचेत करें। इस बात पर विशेष जोर होना चाहिए कि छह माह तक मां अपने बच्चों को स्तनपान कराती रहें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी कुपोषित बच्चों को लाल से पीला तथा पीला से हरा श्रेणी में लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करानी होगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने केंद्रों के अलावा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करना होगा।बच्चों का समय से टीकाकरण कराने की भी जानकारी संबंधित लोगों को देनी होगी। जिला तकनीकी इकाई से जुड़ी करीब 15 पोषण सखी तैनात हैं। सभी पोषण सखी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से समन्वय स्थापित कर बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराएं।
विज्ञापन
उन्होंने पोषण सखियों से कहा कि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान समय से टीकाकरण, आवश्यक उपचार व सावधानी के बारे में बताएं। वहीं धात्री महिलाओं को भी उनके सेहत के प्रति सचेत करें। इस बात पर विशेष जोर होना चाहिए कि छह माह तक मां अपने बच्चों को स्तनपान कराती रहें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी कुपोषित बच्चों को लाल से पीला तथा पीला से हरा श्रेणी में लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करानी होगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने केंद्रों के अलावा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करना होगा।बच्चों का समय से टीकाकरण कराने की भी जानकारी संबंधित लोगों को देनी होगी। जिला तकनीकी इकाई से जुड़ी करीब 15 पोषण सखी तैनात हैं। सभी पोषण सखी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से समन्वय स्थापित कर बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराएं।
विज्ञापन