{"_id":"6acd4a25c51473674203c0ca","slug":"work-at-all-arogya-mandirs-sub-health-centres-and-health-and-wellness-centres-in-the-district-was-affected-maharajganj-news-c-206-1-mhg1039-187011-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: एनएचएम कर्मियों व आशा कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार जारी, मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: एनएचएम कर्मियों व आशा कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार जारी, मरीज परेशान
विज्ञापन
महराजगंज। सोमवार को भी जिले के सभी आरोग्य मंदिर, उप स्वास्थ्य केंद्र एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कामकाज प्रभावित रहा। इस दौरान न केवल जांच-इलाज का काम प्रभावित रहा बल्कि इलाज के लिए आए मरीजों को पीएचसी-सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ी।
सोमवार को एनएचएम कर्मियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा। अस्पतालों में प्रसूताओं का जननी सुरक्षा योजना का आवेदन अटका पड़ा है तो वहीं नवजातों का जन्म प्रमाण पत्र तक निर्गत नहीं हो पा रहा है। वहीं सीएचसी-पीएचसी पर जांच-इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं गर्भवती महिलाओं व शून्य से दो साल तक के बच्चों को नियमित टीकाकरण तक नहीं हो पाया।
पांचवें दिन भी एनएचएम कर्मियों का कार्य बहिष्कार, ओपीडी में भटके मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल।
सीएचसी, निचलौल में एनएचएम के कर्मचारियों का पांचवें दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। डॉक्टरों के चैंबर छोड़कर महिला विंग परिसर में धरने पर बैठने से ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
सीएचसी में कोई हाथ में पर्ची लेकर डॉक्टरों की तलाश में भटकता रहा तो कोई उपचार के इंतजार में बैठा रहा। अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी रही। सीएचसी अधीक्षक डॉ. उमेश चंद ने बताया कि कार्य बहिष्कार के कारण स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में दिक्कत आ रही है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकांश कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पहले सप्ताह में दो दिन टीकाकरण आदि कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की अब लगातार पांच दिन ड्यूटी लगाई जा रही है।
धरना-प्रदर्शन में डॉ. अंजली सिंह, डॉ. सौरभ साहनी, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. संदीप कुमार कसौधन, डॉ. इरशाद अहमद, डॉ. रंजना तिवारी, हरिहर राय, दिलीप पटेल, सुशील श्रीवास्तव, गीता गुप्ता, गीता देवी, आराधना मौर्य, साधना, वंदना यादव, गीता बघेल, शैलेश कुमार, आनंद कौशल यादव और अखंड प्रताप समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।
तीन सूत्री मांगों को लेकर धरना पर बैठी आशा व संगिनी
परसामलिक।
ब्लॉक अध्यक्ष विमला देवी व मंत्री अमित कुमार गौतम के नेतृत्व में सोमवार को दर्जनों की संख्या में के आशा व संगिनी ने तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा और सीएचसी रतनपुर के मुख्य द्वार पर कार्य बहिष्कार करके धरना पर बैठ गईं। सीएचसी अधीक्षक को दिए ज्ञापन में कहा है कि आशा कार्यकर्ता व आशा संगिनी द्वारा स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने तथा शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने व जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों को नियमित टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की नियमित देखभाल का कार्य कराया जाता है लेकिन सरकार हम बहनों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इस दौरान धरना प्रदर्शन में वंदना गुप्ता, सुमित्रा देवी, मीना, नीलम, निर्मला, विंद्रावती, ममता, रीता, किरन, मंजू, सरिता, संगीता, रिंकी, सुभावती, पूजा, तारामती, पुष्पा सहित तमाम आशा व संगिनी शामिल रहीं।
मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग, कार्य बहिष्कार
लक्ष्मीपुर।
मानदेय में बढ़ोतरी और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आशा कार्यकर्ता संगठन की ब्लॉक इकाई लक्ष्मीपुर के नेतृत्व में सोमवार को सीएसची अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन की घोषणा की गई। ब्लॉक अध्यक्ष चित्रकान्ती एवं संरक्षक शिवभुजा पांडेय ने कहा कि मानदेय देने की घोषणा के बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं हुई हैं। आर्थिक तंगी के कारण परिवार चलाने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं का मांगपत्र उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
विज्ञापन
सोमवार को एनएचएम कर्मियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा। अस्पतालों में प्रसूताओं का जननी सुरक्षा योजना का आवेदन अटका पड़ा है तो वहीं नवजातों का जन्म प्रमाण पत्र तक निर्गत नहीं हो पा रहा है। वहीं सीएचसी-पीएचसी पर जांच-इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं गर्भवती महिलाओं व शून्य से दो साल तक के बच्चों को नियमित टीकाकरण तक नहीं हो पाया।
विज्ञापन
पांचवें दिन भी एनएचएम कर्मियों का कार्य बहिष्कार, ओपीडी में भटके मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल।
सीएचसी, निचलौल में एनएचएम के कर्मचारियों का पांचवें दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। डॉक्टरों के चैंबर छोड़कर महिला विंग परिसर में धरने पर बैठने से ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
सीएचसी में कोई हाथ में पर्ची लेकर डॉक्टरों की तलाश में भटकता रहा तो कोई उपचार के इंतजार में बैठा रहा। अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी रही। सीएचसी अधीक्षक डॉ. उमेश चंद ने बताया कि कार्य बहिष्कार के कारण स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में दिक्कत आ रही है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकांश कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पहले सप्ताह में दो दिन टीकाकरण आदि कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की अब लगातार पांच दिन ड्यूटी लगाई जा रही है।
धरना-प्रदर्शन में डॉ. अंजली सिंह, डॉ. सौरभ साहनी, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. संदीप कुमार कसौधन, डॉ. इरशाद अहमद, डॉ. रंजना तिवारी, हरिहर राय, दिलीप पटेल, सुशील श्रीवास्तव, गीता गुप्ता, गीता देवी, आराधना मौर्य, साधना, वंदना यादव, गीता बघेल, शैलेश कुमार, आनंद कौशल यादव और अखंड प्रताप समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।
तीन सूत्री मांगों को लेकर धरना पर बैठी आशा व संगिनी
परसामलिक।
ब्लॉक अध्यक्ष विमला देवी व मंत्री अमित कुमार गौतम के नेतृत्व में सोमवार को दर्जनों की संख्या में के आशा व संगिनी ने तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा और सीएचसी रतनपुर के मुख्य द्वार पर कार्य बहिष्कार करके धरना पर बैठ गईं। सीएचसी अधीक्षक को दिए ज्ञापन में कहा है कि आशा कार्यकर्ता व आशा संगिनी द्वारा स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने तथा शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने व जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों को नियमित टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की नियमित देखभाल का कार्य कराया जाता है लेकिन सरकार हम बहनों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इस दौरान धरना प्रदर्शन में वंदना गुप्ता, सुमित्रा देवी, मीना, नीलम, निर्मला, विंद्रावती, ममता, रीता, किरन, मंजू, सरिता, संगीता, रिंकी, सुभावती, पूजा, तारामती, पुष्पा सहित तमाम आशा व संगिनी शामिल रहीं।
मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग, कार्य बहिष्कार
लक्ष्मीपुर।
मानदेय में बढ़ोतरी और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आशा कार्यकर्ता संगठन की ब्लॉक इकाई लक्ष्मीपुर के नेतृत्व में सोमवार को सीएसची अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन की घोषणा की गई। ब्लॉक अध्यक्ष चित्रकान्ती एवं संरक्षक शिवभुजा पांडेय ने कहा कि मानदेय देने की घोषणा के बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं हुई हैं। आर्थिक तंगी के कारण परिवार चलाने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं का मांगपत्र उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।