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Maharajganj News: छोटे मेडिकल स्टोरों को निजी वेबसाइट बनाने से मिले राहत
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महराजगंज। कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को फार्मेसी एंड फार्मासिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष शेषमणि गुप्ता के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इसमें छोटे मेडिकल स्टोरों को निजी वेबसाइट बनाने से राहत की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा कि छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों को निजी वेबसाइट बनवाने की अनिवार्यता से राहत देने के साथ ही विभाग की ओर से निशुल्क पोर्टल उपलब्ध कराने की जरूरत है। साथ ही दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई।
जिलाध्यक्ष शेषमणि गुप्ता ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के छह अक्तूबर के आदेश के तहत प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोरों को अपनी निजी वेबसाइट बनाकर उस पर साप्ताहिक स्टॉक और फार्मासिस्ट का विवरण अपडेट करना अनिवार्य किया गया है। इससे छोटे दवा कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने दवाओं की कीमतों का मुद्दा भी उठाया गया।
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उन्होंने कहा कि ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के दायरे से बाहर की दवाएं ऊंचे दामों और अधिक ट्रेड मार्जिन पर बेचे जाने से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। दवा कंपनियों की ओर से फॉर्मूलेशन में बदलाव कर मूल्य नियंत्रण से बाहर रहने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग की गई।
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ज्ञापन में कहा कि छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों को निजी वेबसाइट बनवाने की अनिवार्यता से राहत देने के साथ ही विभाग की ओर से निशुल्क पोर्टल उपलब्ध कराने की जरूरत है। साथ ही दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई।
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जिलाध्यक्ष शेषमणि गुप्ता ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के छह अक्तूबर के आदेश के तहत प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोरों को अपनी निजी वेबसाइट बनाकर उस पर साप्ताहिक स्टॉक और फार्मासिस्ट का विवरण अपडेट करना अनिवार्य किया गया है। इससे छोटे दवा कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने दवाओं की कीमतों का मुद्दा भी उठाया गया।
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उन्होंने कहा कि ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के दायरे से बाहर की दवाएं ऊंचे दामों और अधिक ट्रेड मार्जिन पर बेचे जाने से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। दवा कंपनियों की ओर से फॉर्मूलेशन में बदलाव कर मूल्य नियंत्रण से बाहर रहने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग की गई।