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Maharajganj News: मोबाइल नहीं मिला तो किशोर ने फंदा लगाकर दी जान
Sun, 28 Jan 2024 02:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 28 Jan 2024 02:35 AM IST
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फरेंदा। भगवतनगर परसिया में एक किशोर ने मोबाइल की मांग पूरी न होने पर फंदा लगा कर जान दे दी। इसकी जानकारी परिजनों को मिलते ही कोहराम मच गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फरेंदा थाना क्षेत्र के भगवतनगर परसिया के टोला कटया निवासी हरीराम यादव का 12 वर्षीय पुत्र प्रशांत यादव नवजीवन मिशन स्कूल में कक्षा छह में पढ़ता था। वह 25 जनवरी की शाम कहीं से खेल कर घर आया और मोबाइल के लिए जिद करने लगा। जब परिजनों ने मोबाइल देने से मना कर दिया तो वह नाराज होकर कमरे में गया। वहां साड़ी से फंदा लगाकर पंखे से झूल गया।
कुछ देर के बाद परिजन कमरे में गए तो अंदर का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। आनन-फानन में फंदे से उतार कर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने किशोर को मृत घोषित कर दिया। वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। प्रशांत के मौत से मां बदहवास होकर बार-बार बेसुध हो रही थी। थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की पुष्टि की।
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सामाजिक तुलना और नकारात्मक बातचीत किशोरों के आत्म-दृष्टिकोण और पारस्परिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया सामग्री में अक्सर युवाओं के बीच आत्म-नुकसान और आत्महत्या को सामान्य बनना और यहां तक कि बढ़ावा देना शामिल होता है। बड़ी संख्या में युवा स्मार्टफोन के भारी उपयोग और मीडिया मल्टीटास्किंग में संलग्न हैं। इसके परिणामस्वरूप नींद की कमी होती है और संज्ञानात्मक नियंत्रण, शैक्षणिक प्रदर्शन और सामाजिक-भावनात्मक कामकाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
डॉ. आशुतोष दास, मनोचिकित्सक
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फरेंदा थाना क्षेत्र के भगवतनगर परसिया के टोला कटया निवासी हरीराम यादव का 12 वर्षीय पुत्र प्रशांत यादव नवजीवन मिशन स्कूल में कक्षा छह में पढ़ता था। वह 25 जनवरी की शाम कहीं से खेल कर घर आया और मोबाइल के लिए जिद करने लगा। जब परिजनों ने मोबाइल देने से मना कर दिया तो वह नाराज होकर कमरे में गया। वहां साड़ी से फंदा लगाकर पंखे से झूल गया।
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कुछ देर के बाद परिजन कमरे में गए तो अंदर का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। आनन-फानन में फंदे से उतार कर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने किशोर को मृत घोषित कर दिया। वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। प्रशांत के मौत से मां बदहवास होकर बार-बार बेसुध हो रही थी। थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की पुष्टि की।
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सामाजिक तुलना और नकारात्मक बातचीत किशोरों के आत्म-दृष्टिकोण और पारस्परिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया सामग्री में अक्सर युवाओं के बीच आत्म-नुकसान और आत्महत्या को सामान्य बनना और यहां तक कि बढ़ावा देना शामिल होता है। बड़ी संख्या में युवा स्मार्टफोन के भारी उपयोग और मीडिया मल्टीटास्किंग में संलग्न हैं। इसके परिणामस्वरूप नींद की कमी होती है और संज्ञानात्मक नियंत्रण, शैक्षणिक प्रदर्शन और सामाजिक-भावनात्मक कामकाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
डॉ. आशुतोष दास, मनोचिकित्सक