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Maharajganj News: पुराने मामले सुलझे तो वादकारियों ने महसूस की राहत
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महराजगंज। जनपद न्यायाधीश अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को दीवानी न्यायालय, महराजगंज, बाह्य न्यायालय फरेंदा परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ जनपद न्यायाधीश और अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने किया। इस दौरान 55,349 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें विभिन्न न्यायालयों और बैंकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण द्वारा 140 वादों का निस्तारण कर 5,97,79,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। परिवार न्यायालय ने 50 वैवाहिक वादों का समाधान किया, जबकि स्थायी लोक अदालत ने दो वादों में 11,971 रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) द्वारा 188 वादों का निस्तारण हुआ, जिसमें 1,100 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 1,540 वादों का निस्तारण कर 6,18,275 रुपये का अर्थदंड वसूला। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 506 वादों का निपटारा किया, जिसमें 16,160 रुपये अर्थदंड और 55,26,882.76 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए गए। सिविल जज (प्रवर खंड) ने 153 वादों में 3,040 रुपये अर्थदंड, ग्राम न्यायालय नौतनवा ने 100 वादों में 500 रुपये, और ग्राम न्यायालय निचलौल ने 288 वादों में 21,310 रुपये अर्थदंड वसूला।
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फरेंदा के सिविल जज (अवर खंड) ने 100 वादों, अपर सिविल जज (कोर्ट सं.-1) ने 116 वादों में 9,740 रुपये, और अपर सिविल जज (कोर्ट सं.-3) ने 385 वादों में 1,15,000 रुपये अर्थदंड जमा कराया गया। इसके अतिरिक्त, राजस्व और चकबंदी न्यायालयों ने 50,267 लंबित और प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया। बैंकों द्वारा 1,512 ऋण वसूली से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक (359), बड़ौदा यूपी बैंक (408), पंजाब नेशनल बैंक (129), और श्रीराम फाइनेंस (250) जैसे बैंकों ने योगदान दिया।
बैंकों ने कुल 2,47,80,097 रुपये वसूले, 10,03,25,339 रुपये के ऋण सेटल किए, और 3,39,63,188 रुपये की छूट प्रदान की, जिससे ऋणधारकों को बड़ी राहत मिली।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) रवि नाथ, पीठासीन अधिकारी (मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण) अखिलेश कुमार पाठक, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) संजय मिश्र, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) फूलचंद कुशवाहा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुनील कुमार नागर सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण द्वारा 140 वादों का निस्तारण कर 5,97,79,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। परिवार न्यायालय ने 50 वैवाहिक वादों का समाधान किया, जबकि स्थायी लोक अदालत ने दो वादों में 11,971 रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) द्वारा 188 वादों का निस्तारण हुआ, जिसमें 1,100 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 1,540 वादों का निस्तारण कर 6,18,275 रुपये का अर्थदंड वसूला। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 506 वादों का निपटारा किया, जिसमें 16,160 रुपये अर्थदंड और 55,26,882.76 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए गए। सिविल जज (प्रवर खंड) ने 153 वादों में 3,040 रुपये अर्थदंड, ग्राम न्यायालय नौतनवा ने 100 वादों में 500 रुपये, और ग्राम न्यायालय निचलौल ने 288 वादों में 21,310 रुपये अर्थदंड वसूला।
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फरेंदा के सिविल जज (अवर खंड) ने 100 वादों, अपर सिविल जज (कोर्ट सं.-1) ने 116 वादों में 9,740 रुपये, और अपर सिविल जज (कोर्ट सं.-3) ने 385 वादों में 1,15,000 रुपये अर्थदंड जमा कराया गया। इसके अतिरिक्त, राजस्व और चकबंदी न्यायालयों ने 50,267 लंबित और प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया। बैंकों द्वारा 1,512 ऋण वसूली से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक (359), बड़ौदा यूपी बैंक (408), पंजाब नेशनल बैंक (129), और श्रीराम फाइनेंस (250) जैसे बैंकों ने योगदान दिया।
बैंकों ने कुल 2,47,80,097 रुपये वसूले, 10,03,25,339 रुपये के ऋण सेटल किए, और 3,39,63,188 रुपये की छूट प्रदान की, जिससे ऋणधारकों को बड़ी राहत मिली।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) रवि नाथ, पीठासीन अधिकारी (मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण) अखिलेश कुमार पाठक, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) संजय मिश्र, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) फूलचंद कुशवाहा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुनील कुमार नागर सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।