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Maharajganj News: वेंटीलेटर का कंप्रेशर खराब, ऑक्सीजन की गुणवत्ता ठीक नहीं
Tue, 27 May 2025 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 27 May 2025 01:06 AM IST
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महराजगंज। कोरोना की संभावना को देखते हुए तैयारी तेज कर दी गई है। अस्पतालों में पहले से उपलब्ध व्यवस्थाओं को अपडेट किया जा रहा है। गुजरे वक्त में पूर्वाभ्यास के जरिए संसाधनों के क्रियाशीलता की परख की गई थी।
इधर, संसाधन धीरे-धीरे खराब होने की स्थिति में आ रहे हैं। अस्पताल के पड़ताल में वेंटीलेटर का कंप्रेशर खराब होने की बात सामने आई। वहीं ऑक्सीजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। इसे इंजीनियर की ओर से ठीक किया जा रहा था।
सोमवार को जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के पास इंजीनियर अरमान काम करते दिखे। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की गुणवत्ता थोड़ी खराब है। इसे ठीक किया जा रहा है। यहां से आगे बढ़ने पर महिला अस्पताल ऊपरी तल पर कर्मी कमरे की सफाई करते दिखे।
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यहां बेड इधर-उधर बिखरे पड़े थे। पता चला की वेंटीलेटर का कंप्रेशर अधिक दिन से रखे होने के कारण खराब हो गया है। उपकरण धूल फांक रहे थे। सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि संसाधन ठीक हालत में है। पूर्वाभ्यास के जरिए संसाधनों के कार्य क्षमता की परख की जा चुकी है।
उधर, कोरोना से इलाज की सभी व्यवस्था पहले से ही जिले में उपलब्ध है। निर्देश आने के बाद से ही भारत नेपाल सीमा पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाहर से आने वालों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित कर्मी मंगलवार से सोनौली सीमा पर स्क्रीनिंग शुरू करेंगे।
जिला महिला अस्पताल में 100 बेड का कोरोना वार्ड पहले से है। इसके अलावा चयनित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 30 से 60 बेड की व्यवस्था है। कोविड-19 हॉस्पिटल और सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध है। पूर्वाभ्यास के जरिए संसाधनों की क्षमता की परख की जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में कोरोना से बचाव की तैयारी की जा चुकी है। जिला अस्पताल में 550 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा है। साथ ही एलटू-जिला महिला अस्पताल में 330 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी परतावल में 250 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी फरेंदा में 250 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी घुघली में 300 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी गोपाल में 250 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। जिम्मेदारों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन के लिए परेशानी नहीं होगी।
महिला अस्पताल में 100 बेड पर 100 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। सीएचसी घुघली में 30 बेड में से 20 पर, सीएचसी गोपाला में 50 बेड में से 20 पर, सीएचसी नौतनवां में 40 बेड में से 20 पर, सीएचसी धानी में 60 बेड में से 20 पर, सीएचसी परतावल में 50 बेड में से 20 पर एवं सीएचसी फरेंदा में 30 बेड में से 20 पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। इनमें सीएचसी परतावल और फरेंदा का जरूरत पड़ने पर कोविड अस्पताल के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
जिले में कोरोना से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। बाॅर्डर पर स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। सभी संसाधन ठीक हालत में हैं। इलाज की बेहतर व्यवस्था जिले में है।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमओ
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इधर, संसाधन धीरे-धीरे खराब होने की स्थिति में आ रहे हैं। अस्पताल के पड़ताल में वेंटीलेटर का कंप्रेशर खराब होने की बात सामने आई। वहीं ऑक्सीजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। इसे इंजीनियर की ओर से ठीक किया जा रहा था।
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सोमवार को जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के पास इंजीनियर अरमान काम करते दिखे। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की गुणवत्ता थोड़ी खराब है। इसे ठीक किया जा रहा है। यहां से आगे बढ़ने पर महिला अस्पताल ऊपरी तल पर कर्मी कमरे की सफाई करते दिखे।
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यहां बेड इधर-उधर बिखरे पड़े थे। पता चला की वेंटीलेटर का कंप्रेशर अधिक दिन से रखे होने के कारण खराब हो गया है। उपकरण धूल फांक रहे थे। सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि संसाधन ठीक हालत में है। पूर्वाभ्यास के जरिए संसाधनों के कार्य क्षमता की परख की जा चुकी है।
उधर, कोरोना से इलाज की सभी व्यवस्था पहले से ही जिले में उपलब्ध है। निर्देश आने के बाद से ही भारत नेपाल सीमा पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाहर से आने वालों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित कर्मी मंगलवार से सोनौली सीमा पर स्क्रीनिंग शुरू करेंगे।
जिला महिला अस्पताल में 100 बेड का कोरोना वार्ड पहले से है। इसके अलावा चयनित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 30 से 60 बेड की व्यवस्था है। कोविड-19 हॉस्पिटल और सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध है। पूर्वाभ्यास के जरिए संसाधनों की क्षमता की परख की जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में कोरोना से बचाव की तैयारी की जा चुकी है। जिला अस्पताल में 550 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगा है। साथ ही एलटू-जिला महिला अस्पताल में 330 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी परतावल में 250 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी फरेंदा में 250 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी घुघली में 300 लीटर प्रति मिनट, सीएचसी गोपाल में 250 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। जिम्मेदारों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन के लिए परेशानी नहीं होगी।
महिला अस्पताल में 100 बेड पर 100 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। सीएचसी घुघली में 30 बेड में से 20 पर, सीएचसी गोपाला में 50 बेड में से 20 पर, सीएचसी नौतनवां में 40 बेड में से 20 पर, सीएचसी धानी में 60 बेड में से 20 पर, सीएचसी परतावल में 50 बेड में से 20 पर एवं सीएचसी फरेंदा में 30 बेड में से 20 पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। इनमें सीएचसी परतावल और फरेंदा का जरूरत पड़ने पर कोविड अस्पताल के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
जिले में कोरोना से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। बाॅर्डर पर स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। सभी संसाधन ठीक हालत में हैं। इलाज की बेहतर व्यवस्था जिले में है।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमओ