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पहली डोज लगवाने में जागरुकता, दूसरी में उदासीनता
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पहली डोज लगवाने में जागरुकता, दूसरी में उदासीनता
प्रभावी ढंग से जागरूक नहीं करने के कारण दूसरा डोज लगवाने में नहीं दिख रही रुचि, बूस्टर डोज लगवाने में दिख रही लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। कोरोनारोधी टीके का पहला डोज लगाने में लोग ज्यादा जागरूक हैं, वहीं दूसरा डोज लगवाने के प्रति लोगों ने कम गंभीरता दिखाई है। बूस्टर डोज लगवाने के प्रति लोगों में ज्यादा उदासीनता दिख रही है। केंद्रों पर तैनात कर्मियों द्वारा पूरे मनोयोग से जागरूक नहीं करने के कारण दूसरे डोज का ग्राफ नहीं बढ़ रहा है, जबकि प्रत्येक दिन कोरोना के केस में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
जानकारी के अनुसार 12 से 14 वर्ष तक के 1,13723 लक्ष्य के सापेक्ष 1,01,396 को पहला डोज लग चुका है। 53551 को दूसरा डोज लगा है, जबकि बूस्टर डोज लगवाने के किसी ने जागरुकता नहीं दिखाई। 15 से 17 वर्ष के 1,88,294 लक्ष्य के सापेक्ष 1,67,327 को पहला डोज लगा है। दूसरे डोज को लगवाने में कुछ खास रुचि नहीं दिखी। 1,41,901 को दूसरा डोज लगा। 18 से 44 वर्ष तक 12,87,038 लक्ष्य के सापेक्ष 13,23061 को पहले डोज का टीका लगा है। 10,43,378 लोगों को दूसरा डोज लगा है। इस उम्र के महज के तीन लोगों ने बूस्टर डोज लगवाया है। 45 से 59 वर्ष के 37344 लक्ष्य के सापेक्ष 361827 ने पहला डोज लगवाया है। 338218 ने दूसरा डोज लगवाया। बूस्टर डोज किसी ने नहीं लगवाया। 60 वर्ष से अधिक उम्र के 241992 लक्ष्य के सापेक्ष 228323 ने पहला डोज लगवाया। 215994 ने दूसरा डोज लगवाया। बूस्टर डोज लगवाने में बुजुर्गों ने ज्यादा जागरुकता दिखाई। 7939 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहला डोज लगवाने की प्रगति 100 प्रतिशत है, लेकिन 82.4 प्रतिशत लोगों ने दूसरा डोज लगवाने में जागरुकता दिखाई है। बूस्टर डोज अब तक 30280 लोगों ने लगवाया है। आंकड़ों के अनुसार लोगों में जागरुकता का अभाव दिख रहा है।
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दूसरा डोज लगवाना भी बेहद जरूरी है। इसमें लापरवाही नहीं करनी चाहिए। पहला डोल लगवाकर भूल जाना ठीक नहीं है। संगठन की तरफ से लोगों को जागरूक किया जाता है। आने वाले दिनों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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- विंध्यवासिनी सिंह, संस्थापक अध्यक्ष, रोटरी क्लब
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टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रों पर तैनात कर्मी लोगों को हमेशा जागरूक करते हैं। दूसरा डोज लगवाने के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ ही बूस्टर डोज लगवाने के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। केंद्रों के अलावा कैंप लगाकर टीका लगाया जा रहा है।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी
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प्रभावी ढंग से जागरूक नहीं करने के कारण दूसरा डोज लगवाने में नहीं दिख रही रुचि, बूस्टर डोज लगवाने में दिख रही लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। कोरोनारोधी टीके का पहला डोज लगाने में लोग ज्यादा जागरूक हैं, वहीं दूसरा डोज लगवाने के प्रति लोगों ने कम गंभीरता दिखाई है। बूस्टर डोज लगवाने के प्रति लोगों में ज्यादा उदासीनता दिख रही है। केंद्रों पर तैनात कर्मियों द्वारा पूरे मनोयोग से जागरूक नहीं करने के कारण दूसरे डोज का ग्राफ नहीं बढ़ रहा है, जबकि प्रत्येक दिन कोरोना के केस में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
जानकारी के अनुसार 12 से 14 वर्ष तक के 1,13723 लक्ष्य के सापेक्ष 1,01,396 को पहला डोज लग चुका है। 53551 को दूसरा डोज लगा है, जबकि बूस्टर डोज लगवाने के किसी ने जागरुकता नहीं दिखाई। 15 से 17 वर्ष के 1,88,294 लक्ष्य के सापेक्ष 1,67,327 को पहला डोज लगा है। दूसरे डोज को लगवाने में कुछ खास रुचि नहीं दिखी। 1,41,901 को दूसरा डोज लगा। 18 से 44 वर्ष तक 12,87,038 लक्ष्य के सापेक्ष 13,23061 को पहले डोज का टीका लगा है। 10,43,378 लोगों को दूसरा डोज लगा है। इस उम्र के महज के तीन लोगों ने बूस्टर डोज लगवाया है। 45 से 59 वर्ष के 37344 लक्ष्य के सापेक्ष 361827 ने पहला डोज लगवाया है। 338218 ने दूसरा डोज लगवाया। बूस्टर डोज किसी ने नहीं लगवाया। 60 वर्ष से अधिक उम्र के 241992 लक्ष्य के सापेक्ष 228323 ने पहला डोज लगवाया। 215994 ने दूसरा डोज लगवाया। बूस्टर डोज लगवाने में बुजुर्गों ने ज्यादा जागरुकता दिखाई। 7939 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहला डोज लगवाने की प्रगति 100 प्रतिशत है, लेकिन 82.4 प्रतिशत लोगों ने दूसरा डोज लगवाने में जागरुकता दिखाई है। बूस्टर डोज अब तक 30280 लोगों ने लगवाया है। आंकड़ों के अनुसार लोगों में जागरुकता का अभाव दिख रहा है।
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दूसरा डोज लगवाना भी बेहद जरूरी है। इसमें लापरवाही नहीं करनी चाहिए। पहला डोल लगवाकर भूल जाना ठीक नहीं है। संगठन की तरफ से लोगों को जागरूक किया जाता है। आने वाले दिनों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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- विंध्यवासिनी सिंह, संस्थापक अध्यक्ष, रोटरी क्लब
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टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रों पर तैनात कर्मी लोगों को हमेशा जागरूक करते हैं। दूसरा डोज लगवाने के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ ही बूस्टर डोज लगवाने के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। केंद्रों के अलावा कैंप लगाकर टीका लगाया जा रहा है।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी