अब नहीं लगानी पड़ेगी लाइन: घर बैठे ही अब बनाएं क्यूआर, नेपाल जाना हुआ आसान;अब आसानी से जा सकेंगे पर्यटक
पहले, नेपाल में प्रवेश करने वाली विदेशी गाड़ियों को कस्टम चेकपोस्ट पर जाकर अस्थायी परमिट भंसार पेपर बनवाना पड़ता था। साथ ही, यात्रा अवधि बढ़ाने के लिए भी उन्हें दोबारा चेकपोस्ट जाना पड़ता था या जुर्माना भरना पड़ता था। अब इस नई ऑनलाइन प्रणाली से पर्यटक अपनी यात्रा से पहले ही वाहन की पूरी जानकारी भरकर ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकते हैं।
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भारत से सड़क मार्ग के जरिए नेपाल जाने वाले पर्यटकों के लिए अब यात्रा और भी आसान हो गई है। नेपाल सरकार ने नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम के तहत एक नई ऑनलाइन सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से भारतीय और अन्य विदेशी पर्यटक अपनी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन और परमिट अब घर बैठे ही ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
नेपाल के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कस्टम विभाग की ओर से विकसित इस प्रणाली का उद्घाटन वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में किया। इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब पर्यटकों को सीमा पर लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी।
पहले, नेपाल में प्रवेश करने वाली विदेशी गाड़ियों को कस्टम चेकपोस्ट पर जाकर अस्थायी परमिट भंसार पेपर बनवाना पड़ता था। साथ ही, यात्रा अवधि बढ़ाने के लिए भी उन्हें दोबारा चेकपोस्ट जाना पड़ता था या जुर्माना भरना पड़ता था। अब इस नई ऑनलाइन प्रणाली से पर्यटक अपनी यात्रा से पहले ही वाहन की पूरी जानकारी भरकर ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकते हैं।
कस्टम विभाग के महानिदेशक श्याम प्रसाद मैनाली के अनुसार, इस डिजिटल सिस्टम से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो गई है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद पर्यटकों को ईमेल के माध्यम से एक क्यू आर कोड प्राप्त होगा, जिसे सीमा पर दिखाकर वे आसानी से नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि यह पहल सुशासन और तेज सार्वजनिक सेवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सीमा क्षेत्रों में पर्यटकों को होने वाली परेशानियों में कमी आएगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। नई व्यवस्था के लागू होने से खासकर भारत-नेपाल सीमा सोनौली से यात्रा करने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कस्टम विभाग के महानिदेशक श्याम प्रसाद मैनाली ने बताया कि फिलहाल यह सेवा नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय और तीसरे देशों के पर्यटकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों के लिए लागू की गई है। विभाग ने बताया है पर्यटक चीनी सीमा के रास्ते चीनी वाहनों सहित किसी भी भूमि मार्ग से नहीं आ रहे हैं, और यदि वे आते हैं, तो यह सेवा उनके लिए भी उपलब्ध है।
विभाग के जिम्मेदारों के अनुसार, फिलहाल भारत और बांग्लादेश के पर्यटक इस सेवा से लाभान्वित होंगे। बेलहिया कस्टम चीफ हरिहर पोडेल ने बताया कि nnsw.gov.np/tiv/gen बेबसाइड पर जा कर जो भी कागजात जानकारी मांगी जा रही हैं उसको डिजिटल भरकर नेपाल की यात्रा की जा सकती है।