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Maharajganj News: छोटे बंडलों में मंगाते हैं कपड़ा, टैक्स चोरी के साथ मोटा मुनाफा भी

Tue, 06 May 2025 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 06 May 2025 01:22 AM IST
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They order clothes in small bundles, they evade taxes and also make huge profits
महराजगंज। कपड़े की तस्करी में बड़ा खेल हो रहा है। धंधेबाजों के तार दिल्ली, कानपुर, सूरत समेत अन्य बड़े शहरों से जुड़े हैं। फाेन से ही आर्डर कर ट्रांसपोर्ट से कपड़ा मंगाया जाता है।
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किसी को शक न हो इस वजह से अलग-अलग नामों से 50 हजार के अंदर तक सामान मंगाया जाता है। इसके बाद नेपाल भेजने का खेल शुरू होता है। भारतीय और नेपाल के क्षेत्र में भी समय-समय पर सुरक्षा कर्मी बरामदगी करते रहते हैं।
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बीते दिनों की बात करें तो नेपाल के रूपनदेही में लेडीज सूट बरामद हुआ था। इसे तस्कर भारतीय क्षेत्र से लेकर गए थे। नेपाल पुलिस की जांच में इसकी जानकारी हुई थी। सूत्रों की माने तो तस्करी के खेल में अक्सर कैरियर ही हाथ लगते हैं।
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सूरत से कपड़ा लाने के दौरान कई लोगों के नाम पर बुकिंग कर ट्रांसपोर्ट तक सामान आ जाता है। इसके अलावा एक नंबर के बिल पर भी कपड़ा मंगाया जाता है, लेकिन यह भारतीय क्षेत्र में नहीं बिकता है। इसे समय देखकर धंधेबाज सरहद पार करा देते हैं।
भारतीय क्षेत्र से 500 रुपये का सूट नेपाल पहुंचते ही 1500 से 2000 रुपये तक हो जाता है। अगर यह एक नंबर बिल से नेपाल जाए तो जीएसटी का कई गुना कस्टम शुल्क हो जाएगा। ऐसे में एक नंबर के बिल से सामान मंगाकर चोर रास्ते से सरहद पार कर मोटी कमाई की जा रही है। एक कैरियर को एक चक्कर में 1000 रुपये मिलते हैं। ऐसे में वे भी मौके की तलाश में रहते हैं।
सूत्रों की माने तो सीमा से सटे नौतनवा व सोनौली क्षेत्रों में सैकड़ों ऐसे अवैध गोदाम संचालित हो रहे हैं, जिनका कोई सरकारी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। इन गोदामों में जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर धंधेबाज अपना काम करते हैं। नेपाल में कपड़ों पर कस्टम ड्यूटी 800 रुपये मूल्य के सूट के कपड़े पर करीब 350 रुपये कस्टम ड्यूटी देना पड़ता है ऐसे में कपड़े के तस्कर कैरियर के माध्यम से प्रति सूट 80 रुपये से 100 रुपये तक के हिसाब से भैरहवा के मंडी में पहुंचा देते हैं।
नेपाल में कपड़े पर कस्टम ड्यूटी अधिक है। इस कारण नेपाल के दुकानदार सस्ते दाम में भारत से कपड़ा हासिल करने के लिए नौतनवा और सोनौली क्षेत्र में जीएसटी फर्म खोलने वाले लोगों का सहारा लेते हैं। यह अपने गोदाम में सामान मंगाने के बाद कैरियर के माध्यम से नेपाल भेज देते हैं।
फल-सब्जी की आड़ में नेपाल पहुंच रहा कपड़ा : सूत्रों की माने तो कच्चे और फल-सब्जी की आड़ में कपड़ा नेपाल पहुंच रहा है। भारत की ओर से नेपाल निर्यात के लिए कोई टैक्स नहीं है, लेकिन नेपाल कस्टम में कपड़े पर पांच प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक टैक्स लगता है।
यह टैक्स चोरी करने के लिए भारत से नेपाल जाने वाले सामानों को कच्चे बिल पर बॉर्डर तक मंगवा कर नेपाल भेज दिया जाता है। नेपाल भंसार में हर एक वस्तु जो भारत सहित अन्य देशों से नेपाल में आयात होती है। उस समान पर नेपाल सरकार ने वस्तु अनुसार ड्यूटी मानक तय कर रखा है। इसकी चोरी के लिए यह सब खेल होता है। भंसार विभाग ने कपड़े पर 5 से 20 प्रतिशत ड्यूटी लगा रखी है।

हैवी ड्यूटी वाले सामानों पर करते हैं खेल : नेपाल में भारत से एक्सपोर्ट के दौरान टैक्स नहीं लगता है, लेकिन नेपाल में नेपाल सरकार ने हर एक वस्तु के लिए ड्यूटी मानक पहले ही निर्धारित है। कौन से सामान में कितना रेट है और कितना टैक्स है। जिसको लेकर तस्कर पहले से ही सक्रिय हो जाते हैं।
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