गांव के लोगों का छलका दर्द: क्षेत्र का विकास तो होगा, लेकिन घर के पास कहां मिलेगी कीमती जमीन
महराजगंज शहर से लेकर नेपाल बार्डर तक बनने जा रहे फोरलेन पर भागाटार में ओवरब्रिज तो मदनपुरा में टोल प्लाजा बनेगा। आने वाले दिनों में गोरखपुर से नेपाल बार्डर ठूठीबारी तक जाने के लिए दो स्थानों पर टोल टैक्स चुकाना पड़ेगा।
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क्षेत्र का विकास तो होगा, लेकिन कीमती जमीन घर के पास कहां मिलेगी? पुरखों ने जमीनों को बचाकर रखी थी। चाहे कितनी भी विपदा आई, लेकिन जमीन बेचने को नहीं सोची। अब वहीं जमीन हाथ से जा रही है तो दर्द होना लाजिमी है। क्षेत्र का विकास होगा तो इस तरह की दिक्कतों को झेलना ही पड़ेगा। इससे कुछ तकलीफें होंगी तो कुछ फायदे भी भविष्य में दिख रहे हैं। हाईवे के किनारे होटल-रेस्टोरेंट आदि के जरिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
ये बातें सोमवार को भागाटार चौराहे बातचीत के दौरान लोगों ने कही। रामफल ने कहा कि भागाटार में ही फोरलेन पर ओवरब्रिज बनेगा। ओवरब्रिज के दायरे में दर्जन भर से अधिक किसानों की जमीन आ रहीं हैं। चौराहे पर चर्चा के दौरान झिनकू, इंसान अली ने कहा कि आने वाले दिनों में क्षेत्र का विकास जरूर होगा, लेकिन घर के पास जमीन कहां मिलेगी। जो पैसा मिलेगा, वह इतना ज्यादा नहीं है कि कहीं खेत खरीदी जा सके।
इनकी बात को काटते हुए जाहिद अली, अब्दुल्लाह ने कहा कि सुना है कि सरकार ने मुआवजा के लिए एक करोड़ रुपये जारी कर दिया है। जिसकी जितनी जमीन होगी, उस हिसाब से रकम मिलेगी। यह लोग बोल ही रहे थे कि लंबी सांस लेते हुए राधेश्याम ने कहा कि अब जो होगा, उसे देखा जाएगा।
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हाईवे होने से दूरदराज से गाड़ियां, पर्यटक आएंगे। इससे क्षेत्र को कुछ फायदा तो जरूर होगा। पास में बैठे ठाकुर ने कहा कि भाई जमीन जिसकी जाएगी, दर्द उसी को होगा। रकम तो चंद दिनों में समाप्त हो जाएगी। जब सरकार ने जमीन ले ली है तो क्या किया जा सकता है। बेचन, हनीफ, रामदरस ने भी सभी की बातों पर सहमति जताते हुए कहा कि आने वाले दिनों देखा जाए, किस तरह से काम हो रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो कोई बात नहीं, लेकिन गड़बड़ी हुई तो विरोध से परहेज नहीं किया जाएगा।
मदनपुरा में टोल प्लाजा बनने में 30 डिस्मिल जमीन आ रही है। भविष्य में आने-जाने के दौरान हर रोज किचकिच होगी। विकास के साथ दुश्वारियां झेलनी पड़ेगी। -अबरार अहमद, मदनपुरा।
टोल प्लाजा बनने से सबसे ज्यादा छोटे किसानों को समस्या है। मेरी पूरी जमीन ही जा रही है। 35 डिस्मिल जमीन है। इसके अलावा कहीं खेत नहीं है, लेकिन क्या किया जा सकता है।-सुनील कुमार, मदनपुरा
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भागाटार में ओवरब्रिज बनने से किसानों की कीमती जमीन चली जाएगी। जमीन हाथ से निकल जाने से दोबारा नहीं खरीद पाएंगे। 50 डिस्मिल जमीन ओवरब्रिज में चली जाएगी। राहुल कन्नौजिया, भागाटार
सड़क के किनारे खेत की जमीन और आवासीय मकान है। ओवरब्रिज बनने में 70 डिस्मिल पुश्तैनी जमीन चली जाएगी। रकम तो मिलेगी, लेकिन इतनी नजदीक जमीन नहीं मिलेगी।-छोटे गुप्ता, भागाटार।
भागाटार में ओवरब्रिज तो मदनपुरा में बनेगा टोल प्लाजा
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फोरलेन को लेकर इन दिनों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हर कोई इस बात को जानने में जुटा है कि कहां क्या बनेगा। एक-एक करके सभी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जमीनों को चिह्नित कर मुआवजे का निर्धारण कर दिया गया है। एक माह बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मदनपुरा गांव के पास बनने वाले टोल प्लाजा के दायरे में मदनपुरा, सिधावे, खर्चौली, हरदी, रुद्रौली, बरोहिया, पचमा,जमुई पंडित, जगदौर, मिठौरा, बाली, दमकी, खोन्हौली, निचलौल, बरगदवा, ओवरी,परागपुर समेत अन्य गांव आएंगे।