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मिल दबाए बैठी है पैसा, कर्ज लेकर बिटिया का ब्याह कर रहे किसान
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:28 AM IST
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मिल दबाए बैठी है पैसा, कर्ज लेकर बिटिया का ब्याह कर रहे किसान
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। निचलौल क्षेत्र के बैठवलियां गांव के किसान व्यासमुनी द्विवेदी इन दिनों काफी परेशान हैं। हों भी क्यों नहीं आखिर बिटिया का ब्याह जो सिर पर है। काफी भागदौड़ के बाद शादी तय कर ली है, लेकिन अब दूसरी चिंता सताने लगी है।
अब वह शादी में होने वाले खर्च के इंतजाम को मारे-मारे फिर रहे हैं। जेएचवी चीनी मिल गडौरा पर उनका 1 लाख 25 हजार रुपये बकाया है। आस थी कि बकाया भुगतान हो जाएगा और बिटिया की शादी आसानी से निपट जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। व्यासमुनी अब निराश हो चुके हैं। उनका कहना है कि अब तो कर्ज लेकर ही बिटिया के हाथ पीले करने होंगे। यह कहानी सिर्फ एक किसान की नहीं है, ऐसे और कई हैं जो कर्ज लेकर जरूरी काम निपटा रहे हैं और चीनी मिल उनके गन्ने का पैसा दबाए बैठी है। बहुआर कला के किसान ईश्वर शरण दास भी इस साल बिटिया की शादी करना चाहते हैं। वे शादी तय करने की कोशिश में लगे हुए हैं। चीनी मिल पर उनका 1 लाख 40 हजार रुपये का बकाया है। उन्होंने कहा कि अगर गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाता तो बिटिया की शादी आसानी से हो जाती है। ईश्वर शरण ने बताया कि वह बकाया भुगतान के लिए कई बार जिम्मेदारों से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने कहा कि लगता है कि बेटी की शादी कर्ज लेकर ही करना शादी करनी पडे़गी। दिन रात यही चिंता रहती है कि रकम की व्यवस्था कैसे होगी।इस सबंधं में जिला गन्ना अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जेएचवी सुगर मिल पर वर्ष 2014-15 का 22 करोड़ रुपये बकाया हैं। 31 दिसंबर के पहले बकाया भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए चीनी मिल प्रबंधन को पत्र भेजा गया है। कुमार ने बताया कि इस वर्ष 25 नवंबर के बाद चीन मिल चलाने की तैयारी है। उधर, किसानों का कहना है कि वे कई बार संबंधित अधिकारी को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। रकम नहीं मिलने से उन्हें काफी परेशानी हो रह है। पैसे की जरूरत पड़ने पर दोस्तों, रिश्तेदारों से उधार लेने पड़ रहे हैं।
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अब वह शादी में होने वाले खर्च के इंतजाम को मारे-मारे फिर रहे हैं। जेएचवी चीनी मिल गडौरा पर उनका 1 लाख 25 हजार रुपये बकाया है। आस थी कि बकाया भुगतान हो जाएगा और बिटिया की शादी आसानी से निपट जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। व्यासमुनी अब निराश हो चुके हैं। उनका कहना है कि अब तो कर्ज लेकर ही बिटिया के हाथ पीले करने होंगे। यह कहानी सिर्फ एक किसान की नहीं है, ऐसे और कई हैं जो कर्ज लेकर जरूरी काम निपटा रहे हैं और चीनी मिल उनके गन्ने का पैसा दबाए बैठी है। बहुआर कला के किसान ईश्वर शरण दास भी इस साल बिटिया की शादी करना चाहते हैं। वे शादी तय करने की कोशिश में लगे हुए हैं। चीनी मिल पर उनका 1 लाख 40 हजार रुपये का बकाया है। उन्होंने कहा कि अगर गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाता तो बिटिया की शादी आसानी से हो जाती है। ईश्वर शरण ने बताया कि वह बकाया भुगतान के लिए कई बार जिम्मेदारों से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने कहा कि लगता है कि बेटी की शादी कर्ज लेकर ही करना शादी करनी पडे़गी। दिन रात यही चिंता रहती है कि रकम की व्यवस्था कैसे होगी।इस सबंधं में जिला गन्ना अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जेएचवी सुगर मिल पर वर्ष 2014-15 का 22 करोड़ रुपये बकाया हैं। 31 दिसंबर के पहले बकाया भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए चीनी मिल प्रबंधन को पत्र भेजा गया है। कुमार ने बताया कि इस वर्ष 25 नवंबर के बाद चीन मिल चलाने की तैयारी है। उधर, किसानों का कहना है कि वे कई बार संबंधित अधिकारी को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। रकम नहीं मिलने से उन्हें काफी परेशानी हो रह है। पैसे की जरूरत पड़ने पर दोस्तों, रिश्तेदारों से उधार लेने पड़ रहे हैं।
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