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Maharajganj News: हाईवे पर सर्विस रोड के नाले चोक, बदबू ने बढ़ाई दुश्वारी

Fri, 07 Aug 2026 02:14 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:14 AM IST
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The drains on the service road on the highway are choked, the stench increases the problem.
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साल 2019 में बना था गोरखपुर-फरेंदा हाईवे स्थित सक्सेना चौक से केएमसी तक की सड़क का निर्माण
2022 से ही जाम है नाले, नहीं हो रही है सफाई, नगर पालिका को एनएच अथॉरिटी से नहीं मिल रही अनुमति

महराजगंज। गोरखपुर-फरेंदा मार्ग (एनएच 730) के सर्विस रोड पर बने नाले जगह-जगह चोक हो गए हैं। नाले से उठ रही बदबू के कारण राहगीर और स्थानीय दुकानदार परेशान हैं। हल्की बारिश के बाद बदबू असहनीय हो जाती है। करीब तीन किमी के लंबे नाले के पास गुजरने वालों को नाक पर रुमाल रखकर निकलना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, जनपद में चौड़ी सड़कों के सहारे विकास का प्रतिमान गढ़ा जा रहा है लेकिन निवासियों की दुश्वारी से शायद जिम्मेदारों का सरोकार ही नहीं है। एनएच 730 गोरखपुर से फरेंदा तक जनपद मुख्यालय को जोड़ते हुए 2019 में निर्मित किया गया था। यह परतावल तक फोर लेन तो परतावल से फरेंदा टू लेन है।
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नेशनल हाईवे पर सक्सेना चौक से केएमसी मेडिकल कॉलेज तक 10 मीटर चौड़े टू लेन हाईवे के बाद दोनों किनारे पर पैदल यात्रियों के लिए सर्विस रोड भी बनाया गया। यही नहीं बारिश में जलनिकासी की सुविधा के लिए दोनों तरफ नाला भी बनाया गया। लेकिन 2019 में निर्माण कार्य के दौरान यह ख्याल नहीं रखा गया कि नाले का पानी निकलकर कहां जाएगा। ऐसे में नाले के पानी की निकासी का इंतजाम नहीं किया गया। नतीजतन 2022 के बाद यह नाले चोक पड़े हैं।
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नाले चोक होने की वजह से गंदगी बढ़ती जा रही है। नाले से उठ रहे दुर्गंध से तो लोग परेशान हैं ही, गंदगी और जलभराव की वजह से मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को संक्रामक बीमारियों का खतरा भी महसूस हो रहा है। बारिश अगर एक घंटे होती है तो सर्विस रोड पर पानी भर जाता है। इसके बाद नाले की गंदगी सड़क पर आ जाती है और बदबू से लगभग एक लाख की आबादी को जूझना पड़ता है।
दूसरी तरफ नगर पालिका का कहना है कि एक वर्ष पहले नाले की सफाई के लिए एनएच अथॉरिटी से अनुमति मांगी थी लेकिन अभी नहीं मिली है।
स्पीकअप-
पिछली बार बारिश से व्यापारियों ने नगर पालिका परिषद में ज्ञापन देकर दोनों नालों के सफाई की मांग की थी लेकिन सफाई आज तक नहीं हुई। नाले से उठ रही बदबू के कारण दुकान पर बैठना दुश्वार हो गया है।
-कैलाश वर्मा, कारोबारी।
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एनएच निर्माण के समय हम लोगों ने यह समस्या उठाई थी कि जब पानी निकलने की जगह नहीं है तो पानी कहां जाएगा। लेकिन उस वक्त अंडरग्राउंड पाइपलाइन की बात कहकर हमें शांत करा दिया गया था।
-धीरेंद्र निगम, कारोबारी।
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जब सिंगल सड़क थी तो कोई दिक्कत नहीं थी। हाईवे बना तो रोड तो चौड़ा हो गया लेकिन नाले के पानी की निकासी नहीं होने से बदबू से काफी परेशानी हो रही है। जब तक नया निर्माण नहीं होगा यह दिक्कत नहीं समाप्त होगी।
-राम आसरे, कारोबारी।
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सर्विस रोड के दोनों नालों की स्थिति यह है कि नाले का स्लैब हल्का भी टूट जाए तो इतनी बदबू होती है कि दुकान खोलने तक की हिम्मत नहीं कर पाते। ऐसे में अपने पास से नाले का ढ़क्कन लगवाकर किसी तरह हम दुकानदार बदबू को कम करने का प्रयास करते हैं।

- वीरेंद्र गुप्ता, कारोबारी
वर्जन
महराजगंज-फरेंदा हाईवे के निर्माण के समय ही सर्विस रोड व दो नालों का निर्माण एनएच अथॉरिटी ने कराया था। नाला वर्षों से चोक है इसकी सफाई के लिए एनएच से अनुमति मांगी गई लेकिन एक वर्ष बाद भी अनुमति नहीं मिली। नाले नगर पालिका के दायरे में जरूर हैं लेकिन नियम के कारण हमारे हाथ बंधे हैं हम सफाई या निर्माण बिना अनुमति नहीं कर सकते।
-आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी,नगर पालिका परिषद महराजगंज।
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