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Maharajganj News: बंदरों के आतंक से परेशान कस्बेवासी, छतों पर जाना हुआ मुश्किल
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परतावल। श्यामदेउरवां कस्बे में बंदरों के बढ़ते आतंक से लोग परेशान हैं। दर्जनों बंदरों का झुंड घरों की छतों और दुकानों के आसपास घूमता रहता है। इससे लोगों को अपने घरों में भी सतर्क रहना पड़ रहा है। बंदरों के डर से बच्चों और महिलाओं का छत पर जाना मुश्किल हो गया है।
वहीं, दुकानदार भी इनके उत्पात से परेशान हैं। कस्बे में बंदरों का झुंड छतों पर लगे डिश एंटीना, पानी की टंकियों और गमलों में लगे पौधों को नुकसान पहुंचा रहा है। घरों में रखे फल-सब्जियों को भी बंदर उठा ले जा रहे हैं। चौराहे पर फल की दुकानों के आसपास बंदरों का झुंड पहुंचते ही दुकानदारों को सतर्क होना पड़ता है। बंदर मौका मिलते ही दुकानों में घुसकर फल उठा ले जाते हैं और सामान बिखेर देते हैं। इससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों की संख्या लगातार बढ़ने से परेशानी बढ़ गई है। छतों पर जाने और घरों के बाहर निकलने में भी डर बना रहता है। बंदरों के उत्पात के कारण लोगों को अपने सामान की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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स्थानीय निवासी रिंकू जायसवाल, नीतेश गुप्त, विवेकानंद पाण्डेय, मनीष चौरसिया, आशीष जायसवाल, शिवम पाण्डेय, आदित्य अग्रवाल, राम गोविंद त्रिपाठी, ओमप्रकाश त्रिपाठी, सोनू यादव ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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वहीं, दुकानदार भी इनके उत्पात से परेशान हैं। कस्बे में बंदरों का झुंड छतों पर लगे डिश एंटीना, पानी की टंकियों और गमलों में लगे पौधों को नुकसान पहुंचा रहा है। घरों में रखे फल-सब्जियों को भी बंदर उठा ले जा रहे हैं। चौराहे पर फल की दुकानों के आसपास बंदरों का झुंड पहुंचते ही दुकानदारों को सतर्क होना पड़ता है। बंदर मौका मिलते ही दुकानों में घुसकर फल उठा ले जाते हैं और सामान बिखेर देते हैं। इससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों की संख्या लगातार बढ़ने से परेशानी बढ़ गई है। छतों पर जाने और घरों के बाहर निकलने में भी डर बना रहता है। बंदरों के उत्पात के कारण लोगों को अपने सामान की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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स्थानीय निवासी रिंकू जायसवाल, नीतेश गुप्त, विवेकानंद पाण्डेय, मनीष चौरसिया, आशीष जायसवाल, शिवम पाण्डेय, आदित्य अग्रवाल, राम गोविंद त्रिपाठी, ओमप्रकाश त्रिपाठी, सोनू यादव ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।