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Maharajganj News: आरोपी बोला, मारने नहीं समझाने के लिए ले गया था पोखरे की तरफ

Mon, 04 Sep 2023 12:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Sep 2023 12:38 AM IST
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The accused said that he had taken him towards the pond to convince him not to kill him.
आरोपी बोला, मारने नहीं समझाने के लिए ले गया था पोखरे की तरफ
कहा, मारपीट के दौरान पैर फिसलने से पोखरे में गिरा था रोहन
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दोनों को पोखरे की तरफ जाते हुए महिला ने देखा था, उसी से पुलिस को मिली जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। घुघली थाना क्षेत्र के खानपुर गांव में बृहस्पतिवार रात रोहन व उसका साथी पोखरे पर जा रहे थे। रात में गांव की एक महिला ने दोनों को जाते हुए देखा था। उसी ने पुलिस को बताया तो पूछताछ के बाद पूरी कहानी सामने आ गई।
पकड़े गए बाल अपचारी ने बताया कि रोहन को जान से मारने का इरादा नहीं था। उसने कंकड़ फेंका था तो सोचा की उसे समझा दूं। बातचीत के दौरान वह मुझसे झगड़ने लगा। इसके बाद गुस्से में उसे मारा तो उसने भी मुझे मारा। करीब 20 मिनट तक हम दोनों ने मारपीट की। इसके बाद मैंने पैर से रोहन को मारा तो वह फिसल कर पोखरे में गिर गया। मैंने यह देखा तो उसे बचाने की कोशिश की। वह तैरना नहीं जानता था। इस वह मैं पोखरे में कूदकर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह गहराई में चला गया। पानी में शरीर भारी होने के कारण खींच नहीं पाया। इसके बाद पोखरे से निकलकर घर पहुंचा। धीरे से कमरे में गया। रात होने के कारण किसी ने ध्यान नहीं दिया। कपड़ा बदलकर धीरे से सो गया। सुबह रोहन का शव मिलने का हल्ला हुआ तो मन में डर लगने लगा। किसी तरह से खामोश होकर सब देख रहा था, लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया।
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पकड़े गए बाल अपचारी ने पिता ने बताया कि कभी-कभी वह गुस्सा हो जाता है, लेकिन उसकी नियत जान से मारने की नहीं रही होगी। गलती से ऐसा हुआ होगा। नादानी में ऐसी घटना हो गई। ईश्वर को यही मंजूर था कि कम उम्र ही ऐसा हो जाएगा। उधर, मृत रोहन के पिता सत्तन भारती ने बताया कि बेटा रोहन शांत स्वभाव का था। वह कभी किसी से नहीं झगड़ता था। यह सब कुछ कैसे हो गया, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। आरोपी किशोर भी कभी-कभी घर भी आता था। वह ऐसा कर देगा, यह नहीं सोचा था। अब तो जो होना है, हो गया, इसमें कोई क्या कर सकता है। मृतक की मां शकुंतला देवी ने बताया कि रात में खाना जल्दी मांग रहा था।
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घुघली थानाध्यक्ष नीरज राय ने बताया कि गांव की एक महिला से जानकारी मिलने पर किशोर को पकड़कर पूछताछ की गई तो मामला खुल गया।
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किशोरों में आवेगों एवं संवेगों की बहुत प्रबलता होती है। इसी कारण वे विभिन्न अवसरों पर भिन्न-भिन्न व्यवहार करते हैं। उदाहरण के तौर पर किसी समय वह बहुत क्रियाशील रहता है तो किसी समय कायर या उदासीन। उनमें उत्साह व उत्साहहीनता के लक्षण समय के अनुसार देखे जा सकते हैं। किशोरावस्था में बालक अत्यंत संवेगात्मक अवस्था में रहता है। उसमें भावुकता, अस्थिरता, घबराहट के भाव उतार चढ़ाव एवं चरम सीमा पर होते हैं। वह कभी-कभी बहुत उत्तेजित हो जाता है। यदि उस पर किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाया जाता है, तो उसमें विद्रोह की भावना विकसित होती है।
डॉ. देवेंद्र कुमार पाठक, समाज शास्त्री
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किशोर अपराध एक बहुत बड़ी समस्या है, जिससे अधिकांश अपना जीवन बर्बाद कर लेते हैं। बाल अपराध और उससे जुड़ी समस्याओं के कारण उनके परिवारों और पूरे समाज को कई परिणाम भुगतने पड़ते हैं। किशोर अपराधियों के परिवार, उनके भविष्य और समग्र रूप से समाज को भी प्रभावित करता है। वे भावनात्मक रूप से अस्थिर हो जाते हैं और बार-बार उनके मूड में बदलाव देखा जाता है। इस अवधि के दौरान वे किसी न किसी जरूरत को पूरा करने के लिए कुछ ऐसे काम करते हैं जो अक्सर उन्हें अपराधी बना देते हैं।
गुलाब चंद्र, मनोविज्ञानी
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