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वित्तविहीन विद्यालय के प्रबंधकों का धरना
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 17 May 2018 12:39 AM IST
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वित्तविहीन विद्यालय के प्रबंधकों का धरना
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। उत्तर प्रदेश वित्तविहिन विद्यालय प्रबंधक संघ की जिला कमेटी के पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने समस्याओं के समाधान के मसले पर विचार-विमर्श किया। साथ ही चेतावनी दी कि प्रबंधकों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करेंगे।
संगठन के जिलाध्यक्ष रामराज चौरसिया ने शासन एवं प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही उत्पीड़न बंद करने की मांग की। उन्होंने विभाग के अधिकारियों छापे की कार्रवाई कर विद्यालयों की जांच के बाद नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों के प्रबंधकों की तरफ से मानक पूरा होने के बाद फाइल मान्यता के लिए बेसिक शिक्षा कार्यालय में फाइल भेजी गई है, उन्हें तत्काल मान्यता दी जाए। ताकि विद्यालय संचालन में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने विभागीय प्रशासन से मांग की कि जिन स्कूलों में मानक पूरे नहीं हैं, उन्हें इसके लिए कम से कम दो साल का समय दिया जाए। ताकि प्रबंधकों को मानक पूरा करने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि मानक पूरा करने के लिए उन्हें समय नहीं दिए जाने पर स्कूल बंद हो जाने की स्थिति में गांवों के गरीब परिवारों के बच्चों का पठन - पाठन प्रभावित होगा। चेतावनी दी कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर वह 22 मई से बच्चों के अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।
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संगठन के जिलाध्यक्ष रामराज चौरसिया ने शासन एवं प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही उत्पीड़न बंद करने की मांग की। उन्होंने विभाग के अधिकारियों छापे की कार्रवाई कर विद्यालयों की जांच के बाद नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों के प्रबंधकों की तरफ से मानक पूरा होने के बाद फाइल मान्यता के लिए बेसिक शिक्षा कार्यालय में फाइल भेजी गई है, उन्हें तत्काल मान्यता दी जाए। ताकि विद्यालय संचालन में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने विभागीय प्रशासन से मांग की कि जिन स्कूलों में मानक पूरे नहीं हैं, उन्हें इसके लिए कम से कम दो साल का समय दिया जाए। ताकि प्रबंधकों को मानक पूरा करने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि मानक पूरा करने के लिए उन्हें समय नहीं दिए जाने पर स्कूल बंद हो जाने की स्थिति में गांवों के गरीब परिवारों के बच्चों का पठन - पाठन प्रभावित होगा। चेतावनी दी कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर वह 22 मई से बच्चों के अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।
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