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Maharajganj News: 10 डिस्मिल जमीन के लिए गन्ना समिति व नगर पंचायत आमने-सामने
Sun, 24 Mar 2024 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 24 Mar 2024 01:06 AM IST
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-नगर पंचायत अध्यक्ष ने उपजिलाधिकारी को सौंपा शिकायती पत्र संवाद न्यूज एजेंसी
घुघली। गन्ना समिति घुघली की ओर से सुरक्षा की दृष्टि से परिसर के चारों तरफ पिलर लगवाकर गेट बनवाया जा रहा था। नगर पंचायत अध्यक्ष ने निर्माण कार्य रोकवाने का प्रयास किया फिर भी गन्ना समिति ने कार्य नहीं रोका। नगर पंचायत अध्यक्ष ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पिलर रोकवाने व सीमांकन कराने को कहा। उपजिलाधिकारी सदर नायब तहसीलदार को जमीन की पैमाइश करने के लिए कहा।
शनिवार को नायब तहसीलदार विवेक कुमार श्रीवास्तव, कानूनगो मदन गोपाल व लेखपाल एनुल्हक टीम के साथ केन यूनियन के बगल से जाने वाले सात कड़ी रास्ते की पैमाइश शुरू की। इस पर केन यूनियन के अधिकारी भड़क गए और आपत्ति करने लगे। दोनों विभागों आमने सामने देख उपजिलाधिकारी सदर रमेश कुमार ने शनिवार को राजस्व की टीम के साथ केन यूनियन के जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव व केन यूनियन सचिव डाक्टर प्रेम नारायण के मौजूदगी में पैमाइश करवाया। नगर पंचायत की सड़क केन यूनियन के परिसर में सात कड़ी अंदर तक पहुंची। जिस पर केन यूनियन के अधिकारियों ने मानने से इंकार कर दिया।
गन्ना समिति का 10 डिस्मिल जमीन कम है
सचिव डाॅ. प्रेम नारायण पांडेय ने नगर पंचायत व राजस्व कर्मियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि गन्ना परिसर का अराजी सं 1142 व रकवा 0.0400 हेक्टेयर व आराजी संख्या 1143 रकवा 0.3280 हेक्टेयर में स्थित सहकारी गन्ना समिति की बिल्डिंग व परिसर है। जिसमे मौजूदा समय में उपजिलाधिकारी के मौजूदगी में परिसर की पैमाइश की गई तो मौके पर भूमि का क्षेत्रफल 81 डिस्मिल पाया गया। जबकि 91 डिस्मिल होना चाहिए। गन्ना समिति का 10 डिस्मिल जमीन कम है। वर्तमान समय में की गई परिसर की पैमाइश से गन्ना समिति के अधिकारी सहमत नहीं हैं।
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दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी
उपजिलाधिकारी सदर रमेश कुमार कहा कि दोनो लोगों के आपसी सहमति के आधार पर परिसर की पैमाइश हुई है। गन्ना समिति का कहना है की हमारा 10 डिस्मिल जमीन कम है। जबकि नगर पंचायत कहना है कि हमारा 29 डिस्मिल चाहिए जो गन्ना समिति अतिक्रमण कर पिलर लगवा रही है। जब गन्ना समिति का जमीन कम है तो उनकी भी सुनी जाएगी, लेकिन अतिक्रमण है उनको हटाना पड़ेगा। जब वह अपना पक्ष रखेंगे तो उनकी भी सुनवाई की जाएगी।
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घुघली। गन्ना समिति घुघली की ओर से सुरक्षा की दृष्टि से परिसर के चारों तरफ पिलर लगवाकर गेट बनवाया जा रहा था। नगर पंचायत अध्यक्ष ने निर्माण कार्य रोकवाने का प्रयास किया फिर भी गन्ना समिति ने कार्य नहीं रोका। नगर पंचायत अध्यक्ष ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पिलर रोकवाने व सीमांकन कराने को कहा। उपजिलाधिकारी सदर नायब तहसीलदार को जमीन की पैमाइश करने के लिए कहा।
शनिवार को नायब तहसीलदार विवेक कुमार श्रीवास्तव, कानूनगो मदन गोपाल व लेखपाल एनुल्हक टीम के साथ केन यूनियन के बगल से जाने वाले सात कड़ी रास्ते की पैमाइश शुरू की। इस पर केन यूनियन के अधिकारी भड़क गए और आपत्ति करने लगे। दोनों विभागों आमने सामने देख उपजिलाधिकारी सदर रमेश कुमार ने शनिवार को राजस्व की टीम के साथ केन यूनियन के जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव व केन यूनियन सचिव डाक्टर प्रेम नारायण के मौजूदगी में पैमाइश करवाया। नगर पंचायत की सड़क केन यूनियन के परिसर में सात कड़ी अंदर तक पहुंची। जिस पर केन यूनियन के अधिकारियों ने मानने से इंकार कर दिया।
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गन्ना समिति का 10 डिस्मिल जमीन कम है
सचिव डाॅ. प्रेम नारायण पांडेय ने नगर पंचायत व राजस्व कर्मियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि गन्ना परिसर का अराजी सं 1142 व रकवा 0.0400 हेक्टेयर व आराजी संख्या 1143 रकवा 0.3280 हेक्टेयर में स्थित सहकारी गन्ना समिति की बिल्डिंग व परिसर है। जिसमे मौजूदा समय में उपजिलाधिकारी के मौजूदगी में परिसर की पैमाइश की गई तो मौके पर भूमि का क्षेत्रफल 81 डिस्मिल पाया गया। जबकि 91 डिस्मिल होना चाहिए। गन्ना समिति का 10 डिस्मिल जमीन कम है। वर्तमान समय में की गई परिसर की पैमाइश से गन्ना समिति के अधिकारी सहमत नहीं हैं।
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दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी
उपजिलाधिकारी सदर रमेश कुमार कहा कि दोनो लोगों के आपसी सहमति के आधार पर परिसर की पैमाइश हुई है। गन्ना समिति का कहना है की हमारा 10 डिस्मिल जमीन कम है। जबकि नगर पंचायत कहना है कि हमारा 29 डिस्मिल चाहिए जो गन्ना समिति अतिक्रमण कर पिलर लगवा रही है। जब गन्ना समिति का जमीन कम है तो उनकी भी सुनी जाएगी, लेकिन अतिक्रमण है उनको हटाना पड़ेगा। जब वह अपना पक्ष रखेंगे तो उनकी भी सुनवाई की जाएगी।