श्रीनगर का बीस फाटक बैराज टूटा,आवागमन ठप
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कोल्हुई (महराजगंज)। आखिरकार श्रीनगर ताल पर बना बीस फाटक बैराज बुधवार को टूट गया। अंग्रेजों के जमाने बना यह मरम्मत न होने के कारण टूट गया। गनीमत थी कि कोई हादसा नहीं हुआ। बीस फाटक टूट जाने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। आवागमन ठप हो जाने से करीब दर्जन भर गांवों के लोगों को आने -जाने में परेशानी होगी।
दो विधानसभा फरेंदा व नौतनवां को जोड़ने वाला श्रीनगर बैराज ब्रिटिश हुकूमत में अंग्रेजों ने व्यापार व पर्यटन के उद्देश्य से 1936 में बना था, जो श्रीनगर पुल के नाम से जाना जाने लगा। चालीस मीटर लंबे इस पुल में 20 फाटक थे। ताल पर सिंचाई के उद्देश्य से चौतरवां, मदरहना, मध्यनगर, मैनहवा व लेहड़ा में पांच माइनर बनाया गया था। इस पुल के बनने के बाद से जहां क्षेत्र का व्यापार गुलजार था, वहीं सैलानियों के लिहाज से भी इस क्षेत्र की चर्चा रहती थी। क्योंकि श्रीनगर ताल में विदेशी पक्षियों पटेरा, साइवेरियन, टिकिया, लालसर, कसार, घोघिला, कामन हिल्स, नीलगिरी, सारस आदि का बसेरा भी लगा रहता था। फरेंदा व नौतनवां विधानसभा के सीमा के रूप में मौजूद श्रीनगर ताल का महज नौतनवां तहसील का रकबा 105.45 हेक्टेयर है। ताल पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद उसके मरम्मत पर करीब 10 लाख खर्च भी किया गया। 20 मई 2016 से 24 मई तक पुल के पुनर्निर्माण के लिए स्थानीय लोगों ने आन्दोलन किया, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं हुआ। बुधवार को बैराज का बचा हिस्सा भी गिर गया।