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Maharajganj News: रैन बसेरे में गुजारी रात, चाय ब्रेड से मिटाई भूख
Sun, 18 Feb 2024 08:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 18 Feb 2024 08:00 PM IST
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महराजगंज। जिले में दो दिन पुलिस भर्ती की परीक्षा हुई। शनिवार रात में शहर के रैन बसेरे में दूर-दराज से आए परीक्षार्थी मिले। रैन बसेरे में उनको मुफ्त में रहने की सुविधा मिली तो मुश्किल दूर हो गई। कुछ छात्र बैठकर किताबें पढ़ रहे थे तो कुछ बरामदे में चाय ब्रेड खाकर भूख मिटा रहे थे। कुछ घर से बनी रोटी-सब्जी खा रहे थे। थके परीक्षार्थी आराम कर रहे थे।
शनिवार देर रात शहर के रैन बसेरे में परीक्षार्थी दिखे। कमरे में सभी बेड पर बैठे रहे कुछ खड़े थे। देवरिया से राज गोंड ने बताया कि दूरी होने के कारण थकान हो गई है। ब्रेड खाकर आराम करूंगा। सुबह परीक्षा देकर घर जाना है। परिसर में बाइक है। उन्होंने बताया कि आने के बाद होटल में कमरे ढूंढा तो नहीं मिला, एक युवक ने रैन बसेरे के बारे में जानकारी दी तो यहां आया और बेहतर व्यवस्था मुफ्त में मिल गई। सुमित यादव ने बताया कि यहां रूकने में अच्छी बात यह है कि बेड ठीक है। समय बचा है तो थोड़ी बहुत तैयारी भी हो जाएगी। विद्यार्थियों के लिए यह तो बेहतर है। वहीं पास में बैठे कृष्ण कुमार, धर्मवीर सिंह ने बताया कि शहर में आने पर जानकारी मिली की रैन बसेरा बेहतर है तो यहीं चला आया। करीब 20 परीक्षार्थी रैन बसेरे में रूके थे।
अधीशासी अधिकारी आलोक कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर में रैन बसेरे में बेहतर व्यवस्था है। यहां सभी बुनियादी उपलब्ध हैं। देखरेख के लिए एक कर्मी को जिम्मेदारी दी गई है।
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शनिवार देर रात शहर के रैन बसेरे में परीक्षार्थी दिखे। कमरे में सभी बेड पर बैठे रहे कुछ खड़े थे। देवरिया से राज गोंड ने बताया कि दूरी होने के कारण थकान हो गई है। ब्रेड खाकर आराम करूंगा। सुबह परीक्षा देकर घर जाना है। परिसर में बाइक है। उन्होंने बताया कि आने के बाद होटल में कमरे ढूंढा तो नहीं मिला, एक युवक ने रैन बसेरे के बारे में जानकारी दी तो यहां आया और बेहतर व्यवस्था मुफ्त में मिल गई। सुमित यादव ने बताया कि यहां रूकने में अच्छी बात यह है कि बेड ठीक है। समय बचा है तो थोड़ी बहुत तैयारी भी हो जाएगी। विद्यार्थियों के लिए यह तो बेहतर है। वहीं पास में बैठे कृष्ण कुमार, धर्मवीर सिंह ने बताया कि शहर में आने पर जानकारी मिली की रैन बसेरा बेहतर है तो यहीं चला आया। करीब 20 परीक्षार्थी रैन बसेरे में रूके थे।
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अधीशासी अधिकारी आलोक कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर में रैन बसेरे में बेहतर व्यवस्था है। यहां सभी बुनियादी उपलब्ध हैं। देखरेख के लिए एक कर्मी को जिम्मेदारी दी गई है।
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