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Maharajganj News: केमिकल युक्त रंगों के कारण बढ़ने लगे स्किन के मरीज
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स्किन एलर्जी के पहुंचे मरीज, डॉक्टरों ने जांच कर सतर्कता की दी सलाह
महराजगंज। होली के उत्सव के बाद जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। त्योहार की खुशियों में डूबे लोग रंग-बिरंगे रंगों और पानी के खेल में खो गए थे लेकिन अब इसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार के अनुसार, एक सप्ताह पहले त्वचा संबंधी रोजाना 15 से 20 मरीज आते थे लेकिन अब यह बढ़कर 30 से 40 के करीब हो गई है।
डॉक्टर पवन कुमार ने बताया कि रंग त्वचा पर लगने से खुजली, लालिमा, जलन, रैशेज और एलर्जिक जैसी समस्याएं हो रही हैं। कई मामलों में रंगों में मौजूद हानिकारक केमिकल जैसे लेड, क्रोमियम आदि त्वचा को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे रंगों का इस्तेमाल न केवल त्वचा को नुकसान पहुंचाता है बल्कि लंबे समय तक खुजली और संक्रमण का कारण भी बन सकता है।
यदि स्किन पर खुजली, जलन, रैशेज या लालिमा हो रही है, या सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देरी से बीमारी बढ़ सकती है और जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने सलाह दी कि घरेलू उपचार से बचें और उचित जांच के बाद ही दवाएं लें।
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महराजगंज। होली के उत्सव के बाद जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। त्योहार की खुशियों में डूबे लोग रंग-बिरंगे रंगों और पानी के खेल में खो गए थे लेकिन अब इसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार के अनुसार, एक सप्ताह पहले त्वचा संबंधी रोजाना 15 से 20 मरीज आते थे लेकिन अब यह बढ़कर 30 से 40 के करीब हो गई है।
डॉक्टर पवन कुमार ने बताया कि रंग त्वचा पर लगने से खुजली, लालिमा, जलन, रैशेज और एलर्जिक जैसी समस्याएं हो रही हैं। कई मामलों में रंगों में मौजूद हानिकारक केमिकल जैसे लेड, क्रोमियम आदि त्वचा को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे रंगों का इस्तेमाल न केवल त्वचा को नुकसान पहुंचाता है बल्कि लंबे समय तक खुजली और संक्रमण का कारण भी बन सकता है।
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यदि स्किन पर खुजली, जलन, रैशेज या लालिमा हो रही है, या सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देरी से बीमारी बढ़ सकती है और जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने सलाह दी कि घरेलू उपचार से बचें और उचित जांच के बाद ही दवाएं लें।
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