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शिकारियों को फिर भाने लगा सोहगीबरवां
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शिकारियों को फिर भाने लगा सोहगीबरवां
शिकारियों के निशाने पर रहे जंगली सुअर व सियार
महराजगंज। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग शिकार को लेकर फिर चर्चा में है। दो वर्षों में यहां शिकार के पांच मामले सामने आए हैं। इनमें तीन बार जंगली सुअर का शिकार हुआ। जबकि एक बार जंगली सियार को निशाना बनाया गया। तीन दिन पहले हुए हिरन के शिकार के मामले ने वनकर्मियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सोहगीबरवां वन्यजीय प्रभाग सात रेंजों को मिलाकर बना है। पांच रेंज एक-दूसरे से जुड़े हैं। दो रेंज अलग-अलग हैं। जानकार बताते हैं कि आपस में जुड़े पांच रेंजों में बड़ी संख्या में वन्यजीवों की गतिविधियां होती हैं। सेंचुरी क्षेत्र के नाते वन संपदा व वन्यजीव से छेड़छाड़ का जोखिम जल्द कोई उठाता नहीं है। यदि किसी ने उठा भी लिया उसकी मुश्किलें काफी बढ़ जाती हैं। हाल के दो वर्षों में शिकार के मामलों की स्थिति पर नजर डालें तो पता चलता है कि प्रभाग के लक्ष्मीपुर, निचलौल व मधवलिया रेंज में जंगली सुअर के एक-एक मामले तथा पकड़ी रेंज में जंगली सियार के शिकार का एक मामला सामने आया है।
दक्षिणी चौक में हिरन के मांस का टुकड़ा पकड़े जाने का मामला दो वर्ष के शिकार में पांचवां मामला है। जिम्मेदार भी समझ चुके हैं शिकारियों का नेटवर्क फिर सक्रिय हो गया है। डीएफओ पुष्प कुमार कांधला ने बताया कि हिरन के मांस के साथ आठ लोगों का पकड़ा जाना शिकारियों की सक्रियता को दर्शाता है। विभाग शिकारियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सतर्क है। संवाद
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दो वर्ष में शिकार के मामले
14 जनवरी 2020 को मधवलिया रेंज में जंगली सुअर के शिकार के मामले में वनकर्मियों ने चार नामजद समेत छह आरोपितों पर कार्रवाई की थी। 14 अक्तूबर 2020 को पकड़ी रेंज में जंगली सियार के शिकार के मामले में सदर कोतवाली के चार आरोपितों पर कार्रवाई की थी। 29 अक्तूबर 2020 को निचलौल रेंज मेें जंगली सुअर के शिकार के मामले में वनकर्मियों ने तीन आरोपितों पर कार्रवाई की थी। 26 जनवरी 2021 को लक्ष्मीपुर रेंज में जंगली सुअर के शिकार के मामले में एक आरोपित पर कार्रवाई हुई थी। सात दिसंबर 2021 को दक्षिणी चौक रेंज में हिरन के शिकार के मामले में वनकर्मियों ने आठ आरोपितों पर कार्रवाई की।
13 वर्ष पूर्व हुआ था हिरन का शिकार
सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के पकड़ी रेंज में पांच जून 2008 को हिरन के शिकार का मामला सामने आया था। इस मामले में तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हुई थी।
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शिकारियों के निशाने पर रहे जंगली सुअर व सियार
महराजगंज। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग शिकार को लेकर फिर चर्चा में है। दो वर्षों में यहां शिकार के पांच मामले सामने आए हैं। इनमें तीन बार जंगली सुअर का शिकार हुआ। जबकि एक बार जंगली सियार को निशाना बनाया गया। तीन दिन पहले हुए हिरन के शिकार के मामले ने वनकर्मियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सोहगीबरवां वन्यजीय प्रभाग सात रेंजों को मिलाकर बना है। पांच रेंज एक-दूसरे से जुड़े हैं। दो रेंज अलग-अलग हैं। जानकार बताते हैं कि आपस में जुड़े पांच रेंजों में बड़ी संख्या में वन्यजीवों की गतिविधियां होती हैं। सेंचुरी क्षेत्र के नाते वन संपदा व वन्यजीव से छेड़छाड़ का जोखिम जल्द कोई उठाता नहीं है। यदि किसी ने उठा भी लिया उसकी मुश्किलें काफी बढ़ जाती हैं। हाल के दो वर्षों में शिकार के मामलों की स्थिति पर नजर डालें तो पता चलता है कि प्रभाग के लक्ष्मीपुर, निचलौल व मधवलिया रेंज में जंगली सुअर के एक-एक मामले तथा पकड़ी रेंज में जंगली सियार के शिकार का एक मामला सामने आया है।
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दक्षिणी चौक में हिरन के मांस का टुकड़ा पकड़े जाने का मामला दो वर्ष के शिकार में पांचवां मामला है। जिम्मेदार भी समझ चुके हैं शिकारियों का नेटवर्क फिर सक्रिय हो गया है। डीएफओ पुष्प कुमार कांधला ने बताया कि हिरन के मांस के साथ आठ लोगों का पकड़ा जाना शिकारियों की सक्रियता को दर्शाता है। विभाग शिकारियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सतर्क है। संवाद
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दो वर्ष में शिकार के मामले
14 जनवरी 2020 को मधवलिया रेंज में जंगली सुअर के शिकार के मामले में वनकर्मियों ने चार नामजद समेत छह आरोपितों पर कार्रवाई की थी। 14 अक्तूबर 2020 को पकड़ी रेंज में जंगली सियार के शिकार के मामले में सदर कोतवाली के चार आरोपितों पर कार्रवाई की थी। 29 अक्तूबर 2020 को निचलौल रेंज मेें जंगली सुअर के शिकार के मामले में वनकर्मियों ने तीन आरोपितों पर कार्रवाई की थी। 26 जनवरी 2021 को लक्ष्मीपुर रेंज में जंगली सुअर के शिकार के मामले में एक आरोपित पर कार्रवाई हुई थी। सात दिसंबर 2021 को दक्षिणी चौक रेंज में हिरन के शिकार के मामले में वनकर्मियों ने आठ आरोपितों पर कार्रवाई की।
13 वर्ष पूर्व हुआ था हिरन का शिकार
सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के पकड़ी रेंज में पांच जून 2008 को हिरन के शिकार का मामला सामने आया था। इस मामले में तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हुई थी।