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Maharajganj News: जीएसटी की चोरी का खुला राज, जांच में जुटा विभाग
Thu, 18 Apr 2024 05:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 18 Apr 2024 05:06 AM IST
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महराजगंज/सोनौली। सीमावर्ती क्षेत्र में बनाए गए अवैध गोदामों को चिह्नित करने की प्रकिया शुरू हो गई है। बीते दिनों एक गोदाम पर कस्टम पुलिस के साथ छापा मारकर गोदाम सील कर दिया गया था। इसमें यह बात सामने आई थी कि एक कंपनी का 2021 से जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं है। गोदाम में पड़े कपड़े सहित अन्य सामानों का कोई बिल भी नहीं था। मंगलवार रात जीएसटी विभाग के अधिकारियों के पहुंचने के बाद सील गोदाम को खोला गया।
बताया गया कि जांच के दौरान विभाग को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है कि रोडवेज की बसों से कैसे जीएसटी चोरीकर भारत के महानगरों से माल बॉर्डर तक पहुंचाया जा रहा है। तस्करों के माध्यम से पगडंडियों के रास्ते नेपाल भेज दिया जा रहा है।
एसडीएम नौतनवा नंद प्रकाश मौर्या ने बताया कि अवैध गोदाम बनाने की सूचना पर एक गोदाम से कपड़े सहित अन्य सामान सीलकर जीएसटी विभाग को सुपुर्द किया गया था। इसमें मंगलवार की रात पहुंचे अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। पेनाल्टी और जुर्माने की स्थिति जीएसटी विभाग को ही करना है।
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रोडवेज बसों का लिया जाता है सहारा
जांच में दिल्ली सहित अन्य महानगरों से जीएसटी चोरी के लिए रोडवेज बसों का सहारा लिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया गया है कि रास्ते में यात्री बसों को संबंधित विभाग टैक्स को लेकर नहीं रोकता है, जिससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा हो। इसके कारण कार्गो सेवा कंपनी के लोग सरकारी बसों में कच्चे बिल का माल लोड कर देते हैं। एक व्यापारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एक लाख का माल 25 हजार के बिल पर आता है। वह भी कच्चे बिल पर माल गंतव्य तक पहुंचने के बाद उक्त कच्चे बिल को भी रद्द कर दिया जाता है। एआरएम सोनौली एनके चौधरी ने बताया कि कार्गो सेवा के लिए बसों में बुकिंग होती है। नग और वजन विभाग देखता है। उसकी फीस जमा होती है।
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बताया गया कि जांच के दौरान विभाग को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है कि रोडवेज की बसों से कैसे जीएसटी चोरीकर भारत के महानगरों से माल बॉर्डर तक पहुंचाया जा रहा है। तस्करों के माध्यम से पगडंडियों के रास्ते नेपाल भेज दिया जा रहा है।
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एसडीएम नौतनवा नंद प्रकाश मौर्या ने बताया कि अवैध गोदाम बनाने की सूचना पर एक गोदाम से कपड़े सहित अन्य सामान सीलकर जीएसटी विभाग को सुपुर्द किया गया था। इसमें मंगलवार की रात पहुंचे अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। पेनाल्टी और जुर्माने की स्थिति जीएसटी विभाग को ही करना है।
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रोडवेज बसों का लिया जाता है सहारा
जांच में दिल्ली सहित अन्य महानगरों से जीएसटी चोरी के लिए रोडवेज बसों का सहारा लिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया गया है कि रास्ते में यात्री बसों को संबंधित विभाग टैक्स को लेकर नहीं रोकता है, जिससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा हो। इसके कारण कार्गो सेवा कंपनी के लोग सरकारी बसों में कच्चे बिल का माल लोड कर देते हैं। एक व्यापारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एक लाख का माल 25 हजार के बिल पर आता है। वह भी कच्चे बिल पर माल गंतव्य तक पहुंचने के बाद उक्त कच्चे बिल को भी रद्द कर दिया जाता है। एआरएम सोनौली एनके चौधरी ने बताया कि कार्गो सेवा के लिए बसों में बुकिंग होती है। नग और वजन विभाग देखता है। उसकी फीस जमा होती है।