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Maharajganj News: नेपाल से पानी आने पर चंदन, प्यास नदी उफनाई, लक्ष्मीपुर गांव में घुसा पानी
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नेपाल से पानी आने पर चंदन, प्यास नदी उफनाई, लक्ष्मीपुर गांव में घुसा पानी
राप्ती, महाव, रोहिन बढ़ रही खतरे के निशान की ओर, किनारे बसे गांव के लोग चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नेपाल में हुई बारिश का असर जिले में दिखने लगा है। रविवार को भौरहिया व चंदन नदी अचानक उफना गई, इससे पास के गांव लक्ष्मीपुर में पानी घुस गया। पुलिस चौकी परिसर में जलभराव हो गया। सड़क पर पानी बह रहा है। सिवान में भी जलभराव हो गया है। वहीं, राप्ती, महाव, रोहिन बढ़ रही खतरे के निशान की ओर तेज से बढ़ रही है। इन नदियों के किनारे बसे लोगों को तबाही की चिंता सता रही है।
जानकारी के अनुसार रविवार को भौरहिया व चंदन में तेजी से पानी बढ़ने लगा। दोपहर बाद नदी ओवरफ्लो हो गई, इस वजह से लक्ष्मीपुर गांव में पानी घुस गया। हालांकि लोगाें के घरों के अंदर पानी नहीं घुसा है, लेकिन सड़क पर जलभराव हो गया है। लक्ष्मीपुर गडौरा मार्ग पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के उत्तर भौरहियां व गांव के पश्चिम चंदन नदी होकर बहती है। गांव के देवेंद्र यादव, राजू गुप्ता ने बताया कि रात में पानी ज्यादा आया तो घरों में घुस सकता है। अभी तो सड़क व गांव के अंदर पानी बह रहा है। पुलिस चौकी में पानी घुसने से पुलिस वाले भी परेशान हैं। सुरेंद्र, गोविंद ने बताया कि गांव में अनुसूचित बस्ती में ज्यादा जलभराव है। नेपाल में तेज बारिश हुई तो मुश्किल बढ़ जाएगी।
निचलौल एसडीएम सत्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को नदियों के किनारे बसे गांव का जायजा लेने के लिए निर्देशित किया गया है। हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है।
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नदियों के किनारे बसे गांव के लोग परेशान
जिले में जब भी बाढ़ आती है तो सदर व नौतनवां तहसील के सैकड़ों गांवों में भारी तबाही लेकर आती है। बाढ़ से केवलापुर खुर्द, नाथनगर, बेलवाकाज़ी, बेलासपुर, जगपुर, सलामतगढ़, पिपरहवा, अवरहवा, आराजी सुबाइन, अमहवा, रानीपुर, बिनहा छावनी, कुड़िअहवा, तेरहो टोला, दनदनहवा, मछरिअहवा, नवडीहवा, सुबेदारपुर, बीरबल टोला, भसहवा, करम टीकर, नवाबी, मठिया ईदू, विसौवा, सोनराडीह आदि गांव के नदियों के बढ़ते जल स्तर से परेशान हैं।
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बंधों की ठीक हालत नहीं होने पर चिंता
रोहिन नदी के बंधों की दशा देखकर आसपास के गांव के लोग चिंतित है। रामजीत, रामकेश ने बताया कि केवलापुर खुर्द के चट्टा टोला से अमहवा तक 6 किलोमीटर लंबे बंधे में चट्टा टोला, चानकी घाट, जिनवापुर, आराजी जगपुर, बीरबल टोला, आराजी सुबाइन, रघुनाथपुर, अमहवा, कुड़िया, सोनराडीह, कुड़िअहवा, भसहवा, सेमरहवा ठीक हालत में नहीं है।
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यहां टूटे थे रोहिन नदी के बांध
नौतनवा तहसील के लक्ष्मीपुर ब्लाॅक के सैकड़ों गांव के लोग बरसात के दिनों में बाढ़ का सामना करते करते थक चुके हैं। वर्ष 1998, 2001, 2007, 2021 एवं 2022 में आई बाढ़ ने क्षेत्र के सैकड़ों गांव के लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया था। वर्ष 1998 में जब बाढ़ आई तो पूरा इलाका मैरुंड हो गया था। सैकड़ों मवेशी बाढ़ में बह गए। रघुनाथपुर, बसहवा, आराजी सुबाइन, पिपरहवा आदि स्थानों पर बांध टूटने से जन-धन की खूब क्षति हुई थी। वर्ष 2022 में बाढ़ से आराजी जगपुर, पिपरहवा, अवरहवा, सलामतगढ़, खालिकगढ़ आदि गांव जलमग्न हुआ था।
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जिले में नदियों के जल स्तर पर एक नजर
नदी-- -- -खतरनाक स्तर-- -वर्तमान स्तर
गंडक-- 362 फीट-- -- -- -- -- 353 फीट
रोहिन-- -82.44 मीटर-- -- -- -80.98 मीटर
भौरहिया-- 79 मीटर-- -- -- -- -- 76.30 मीटर
महाव-- पांच फीट-- -- -- -- -- -4.5 फीट
राप्ती-- -- 80 मीटर-- -- -- -- -- 78.66 मीटर
चंदन-- -- 101.05 मीटर-- -- -- 101.15 मीटर
प्यास-- 102.25 मीटर-- -- -- -- 102.40 मीटर
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नेपाल में हुई बारिश का असर जिले में दिखने लगा है। रविवार को भौरहिया व चंदन नदी अचानक उफना गई, इससे पास के गांव लक्ष्मीपुर में पानी घुस गया। पुलिस चौकी परिसर में जलभराव हो गया। सड़क पर पानी बह रहा है। सिवान में भी जलभराव हो गया है। वहीं, राप्ती, महाव, रोहिन बढ़ रही खतरे के निशान की ओर तेज से बढ़ रही है। इन नदियों के किनारे बसे लोगों को तबाही की चिंता सता रही है।
जानकारी के अनुसार रविवार को भौरहिया व चंदन में तेजी से पानी बढ़ने लगा। दोपहर बाद नदी ओवरफ्लो हो गई, इस वजह से लक्ष्मीपुर गांव में पानी घुस गया। हालांकि लोगाें के घरों के अंदर पानी नहीं घुसा है, लेकिन सड़क पर जलभराव हो गया है। लक्ष्मीपुर गडौरा मार्ग पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के उत्तर भौरहियां व गांव के पश्चिम चंदन नदी होकर बहती है। गांव के देवेंद्र यादव, राजू गुप्ता ने बताया कि रात में पानी ज्यादा आया तो घरों में घुस सकता है। अभी तो सड़क व गांव के अंदर पानी बह रहा है। पुलिस चौकी में पानी घुसने से पुलिस वाले भी परेशान हैं। सुरेंद्र, गोविंद ने बताया कि गांव में अनुसूचित बस्ती में ज्यादा जलभराव है। नेपाल में तेज बारिश हुई तो मुश्किल बढ़ जाएगी।
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निचलौल एसडीएम सत्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को नदियों के किनारे बसे गांव का जायजा लेने के लिए निर्देशित किया गया है। हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है।
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नदियों के किनारे बसे गांव के लोग परेशान
जिले में जब भी बाढ़ आती है तो सदर व नौतनवां तहसील के सैकड़ों गांवों में भारी तबाही लेकर आती है। बाढ़ से केवलापुर खुर्द, नाथनगर, बेलवाकाज़ी, बेलासपुर, जगपुर, सलामतगढ़, पिपरहवा, अवरहवा, आराजी सुबाइन, अमहवा, रानीपुर, बिनहा छावनी, कुड़िअहवा, तेरहो टोला, दनदनहवा, मछरिअहवा, नवडीहवा, सुबेदारपुर, बीरबल टोला, भसहवा, करम टीकर, नवाबी, मठिया ईदू, विसौवा, सोनराडीह आदि गांव के नदियों के बढ़ते जल स्तर से परेशान हैं।
बंधों की ठीक हालत नहीं होने पर चिंता
रोहिन नदी के बंधों की दशा देखकर आसपास के गांव के लोग चिंतित है। रामजीत, रामकेश ने बताया कि केवलापुर खुर्द के चट्टा टोला से अमहवा तक 6 किलोमीटर लंबे बंधे में चट्टा टोला, चानकी घाट, जिनवापुर, आराजी जगपुर, बीरबल टोला, आराजी सुबाइन, रघुनाथपुर, अमहवा, कुड़िया, सोनराडीह, कुड़िअहवा, भसहवा, सेमरहवा ठीक हालत में नहीं है।
यहां टूटे थे रोहिन नदी के बांध
नौतनवा तहसील के लक्ष्मीपुर ब्लाॅक के सैकड़ों गांव के लोग बरसात के दिनों में बाढ़ का सामना करते करते थक चुके हैं। वर्ष 1998, 2001, 2007, 2021 एवं 2022 में आई बाढ़ ने क्षेत्र के सैकड़ों गांव के लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया था। वर्ष 1998 में जब बाढ़ आई तो पूरा इलाका मैरुंड हो गया था। सैकड़ों मवेशी बाढ़ में बह गए। रघुनाथपुर, बसहवा, आराजी सुबाइन, पिपरहवा आदि स्थानों पर बांध टूटने से जन-धन की खूब क्षति हुई थी। वर्ष 2022 में बाढ़ से आराजी जगपुर, पिपरहवा, अवरहवा, सलामतगढ़, खालिकगढ़ आदि गांव जलमग्न हुआ था।
जिले में नदियों के जल स्तर पर एक नजर
नदी
गंडक
रोहिन
भौरहिया
महाव
राप्ती
चंदन
प्यास