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जीएसटी की विसंगतियों को दूर किया जाए
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जीएसटी की विसंगतियों को दूर किया जाए
समाजवादी व्यापार सभा ने पीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। समाजवादी व्यापार सभा ने बुधवार को जीएसटी की विसंगतियों को दूर करने की मांग की। इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। व्यापारियों ने कहा कि यदि जीएसटी के विसंगति को दूर नहीं की गईं तो व्यापारियों को खासा नुकसान होगा।
जिलाध्यक्ष विनोद गुप्ता ने कहा कि 2017 में जब जीएसटी व्यवस्था लागू की गई थी, तब व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को दिलासा दिया था कि सरल टैक्स प्रणाली से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन व्यापारी पांच स्लैब वाली जीएसटी से बहुत परेशान व तनाव में हैं। इसके लागू होने से जहां कई प्रतिष्ठान बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जीसएटी की समस्या को दूर कराया जाए। व्यापारियों ने अपने ज्ञापन में पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की भी मांग की। जीएसटी के तीन स्लैब बनाने, रिफंड का समय निश्चित करने, जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी को 10 लाख का बीमा लाभ देने, जीएसटी के रिटर्न की तिथि 30 सितंबर करने, जीएसटी एक्ट में जुर्माना व पेनाल्टी में से किसी एक को समाप्त करने आदि की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में कृष्ण कुमार वर्मा, विजय कुमार जायसवाल, गिरिजेश शर्मा, प्रकाश जायसवाल, साहब अली आदि शामिल रहे।
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समाजवादी व्यापार सभा ने पीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। समाजवादी व्यापार सभा ने बुधवार को जीएसटी की विसंगतियों को दूर करने की मांग की। इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। व्यापारियों ने कहा कि यदि जीएसटी के विसंगति को दूर नहीं की गईं तो व्यापारियों को खासा नुकसान होगा।
जिलाध्यक्ष विनोद गुप्ता ने कहा कि 2017 में जब जीएसटी व्यवस्था लागू की गई थी, तब व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को दिलासा दिया था कि सरल टैक्स प्रणाली से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन व्यापारी पांच स्लैब वाली जीएसटी से बहुत परेशान व तनाव में हैं। इसके लागू होने से जहां कई प्रतिष्ठान बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जीसएटी की समस्या को दूर कराया जाए। व्यापारियों ने अपने ज्ञापन में पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की भी मांग की। जीएसटी के तीन स्लैब बनाने, रिफंड का समय निश्चित करने, जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी को 10 लाख का बीमा लाभ देने, जीएसटी के रिटर्न की तिथि 30 सितंबर करने, जीएसटी एक्ट में जुर्माना व पेनाल्टी में से किसी एक को समाप्त करने आदि की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में कृष्ण कुमार वर्मा, विजय कुमार जायसवाल, गिरिजेश शर्मा, प्रकाश जायसवाल, साहब अली आदि शामिल रहे।
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