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Maharajganj News: महिलाओं को भा रहा सदर सीएचसी, मई में 336 प्रसव
Mon, 24 Jun 2024 04:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 24 Jun 2024 04:20 AM IST
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महराजगंज। अब वह दिन पीछे छूट गया जब प्रसव के लिए महिलाओं को पैसा खर्च करके निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था अथवा घर पर ही प्रसव के लिए मजबूर होना पड़ता था। सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था बेहतर होने के कारण अब गरीब घर की महिलाएं भी बिना पैसा खर्च किए अस्पतालों में जा कर प्रसव कर रही हैं। इस व्यवस्था के बीच सदर सीएचसी की व्यवस्था के तहत प्रसव में बढ़ोतरी हो रही है।
सदर सीएचसी की बात करें तो यहां प्रसव के लिए विशेष वार्ड निर्धारित कर सुविधाओं से आच्छादित किया गया। प्रसव पीड़िताओं की समय से जांच व बेहतर तरीके से सुविधा मिलने के कारण यहां अधिक संख्या में प्रसव पीड़िताओं का आगमन प्रसव के लिए होने लगा है। यहां प्रसव के बाद भी 48 घंटे तक प्रसूता तथा जन्म लेने वाले बच्चे को देखरेख के लिए रोका जाता है। प्रसूता को समय अनुसार ताजा भोजन और नाश्ता देने के प्रति कर्मी सतर्क रहते हैं जिसके कारण प्रसव पीड़ित महिलाओं के स्वजन निजी अस्पताल अथवा जिला अस्पताल जाने की जगह सदर सीएचसी का रुख करते हैं। मई के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। यहां सर्वाधिक प्रसव हुए हैं। 336 प्रसव यहां पूरे महीने में नार्मल हुए हैं। 40 ऑपरेशन से प्रसव हुए हैं। हालांकि आपरेशन के लिए यहां भर्ती होने वाली महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा जाता है। लेकिन नाम उसी सीएचसी का यहां दर्ज होता है जो जिस सीएचसी से लाई गई हों।
अधीक्षक डाॅ.केपी सिंह ने कर्मियों के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि हमें इस आंकड़े को ठीक रखते हुए आगे बढ़ना है। जिससे लोग प्रसव के लिए निजी अस्पतालों में जाने की जगह सदर सीएचसी में ही आएं। उन्हें हर तरह की जांच व दवाएं व अन्य सुविधाएं निशुल्क सुविधाएं दी जा रही हैं।
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सदर सीएचसी की बात करें तो यहां प्रसव के लिए विशेष वार्ड निर्धारित कर सुविधाओं से आच्छादित किया गया। प्रसव पीड़िताओं की समय से जांच व बेहतर तरीके से सुविधा मिलने के कारण यहां अधिक संख्या में प्रसव पीड़िताओं का आगमन प्रसव के लिए होने लगा है। यहां प्रसव के बाद भी 48 घंटे तक प्रसूता तथा जन्म लेने वाले बच्चे को देखरेख के लिए रोका जाता है। प्रसूता को समय अनुसार ताजा भोजन और नाश्ता देने के प्रति कर्मी सतर्क रहते हैं जिसके कारण प्रसव पीड़ित महिलाओं के स्वजन निजी अस्पताल अथवा जिला अस्पताल जाने की जगह सदर सीएचसी का रुख करते हैं। मई के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। यहां सर्वाधिक प्रसव हुए हैं। 336 प्रसव यहां पूरे महीने में नार्मल हुए हैं। 40 ऑपरेशन से प्रसव हुए हैं। हालांकि आपरेशन के लिए यहां भर्ती होने वाली महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा जाता है। लेकिन नाम उसी सीएचसी का यहां दर्ज होता है जो जिस सीएचसी से लाई गई हों।
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अधीक्षक डाॅ.केपी सिंह ने कर्मियों के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि हमें इस आंकड़े को ठीक रखते हुए आगे बढ़ना है। जिससे लोग प्रसव के लिए निजी अस्पतालों में जाने की जगह सदर सीएचसी में ही आएं। उन्हें हर तरह की जांच व दवाएं व अन्य सुविधाएं निशुल्क सुविधाएं दी जा रही हैं।
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