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Maharajganj News: गरीबों के राशन पर डाका, धंधेबाज भर रहे तिजोरी
Mon, 16 Dec 2024 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 16 Dec 2024 12:57 AM IST
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महराजगंज। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर बिकने वाले फोर्टीफाइड राइस पर धंधेबाजों की नजर है। पिकअप पर लदा 52 बोरी चावल बरामद हुआ है। चावल का नमूना जांच के लिए भेजा गया तो पता चला कि यह सरकारी दुकान का राशन है। यह कहां से आया इसकी जांच चल रही है। मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को पिकअप पर लदे चावल की बोरियां कोल्हुई से बरामद की गई थीं। प्रकरण में 12 नवंबर को जिलापूर्ति अधिकारी ने जांच के लिए निर्देशित किया था। तहरीर के अनुसार, कोल्हुई पुलिस क्षेत्र में जांच कर रही थी। तभी एक पिकअप आते दिखी। उसको रोककर जांच की गई तो चावल की बोरियां लदी मिलीं।
चावल से संबंधित कागजात मांगे गए तो वाहन चालक नहीं दिखा सका।
वाहन को एमबी एक्ट में चालान कर पिकअप को थाना परिसर में खड़ा कराया गया। इसके बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी नौतनवा एवं पूर्ति निरीक्षक लक्ष्मीपुर को 13 नवंबर 2024 को टीम में शामिल करते हुए जांच अधिकारी नामित किया गया। जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट 20 नवंबर को जिला पूर्ति अधिकारी को दी।
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जांच टीम ने अपनी आख्या में उल्लेख किया कि पिकअप पर लदा चावल 52 बोरा (प्रत्येक बोरे लगभग 60 किग्रा) हाथ से सिले हुए मिले। सभी बोरों से चावल के सैंपल लिए गए। जांच टीम ने सभी बोरों में से तीन थैलों में चावल के सैंपल को जिला पूर्ति अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया।
22 नवंबर 2024 को चावल के नमूने को जांच के लिए भेजा गया था। यह एफआरके चावल है अथवा नहीं। प्रबंधक (गुनि) भा.खा.नि. पीईजी बृजमनगंज ने तीन दिसंबर को बताया कि चावल के नमूने का विश्लेषण करने के बाद नमूने में एफआरके चावल की मात्रा (मानक के सापेक्ष 0.9 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत) 0.70 प्रतिशत मिली।
पिकअप पर लदे चावल के संबंध में कोई व्यक्ति/फर्म अभी तक अपना मालिकाना हक प्रस्तुत नहीं किया है। परिस्थियों से स्पष्ट है कि वाहन में मिले चावल की बोरियाें में एफआरके मिश्रित चावल हैं।
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जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को पिकअप पर लदे चावल की बोरियां कोल्हुई से बरामद की गई थीं। प्रकरण में 12 नवंबर को जिलापूर्ति अधिकारी ने जांच के लिए निर्देशित किया था। तहरीर के अनुसार, कोल्हुई पुलिस क्षेत्र में जांच कर रही थी। तभी एक पिकअप आते दिखी। उसको रोककर जांच की गई तो चावल की बोरियां लदी मिलीं।
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चावल से संबंधित कागजात मांगे गए तो वाहन चालक नहीं दिखा सका।
वाहन को एमबी एक्ट में चालान कर पिकअप को थाना परिसर में खड़ा कराया गया। इसके बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी नौतनवा एवं पूर्ति निरीक्षक लक्ष्मीपुर को 13 नवंबर 2024 को टीम में शामिल करते हुए जांच अधिकारी नामित किया गया। जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट 20 नवंबर को जिला पूर्ति अधिकारी को दी।
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जांच टीम ने अपनी आख्या में उल्लेख किया कि पिकअप पर लदा चावल 52 बोरा (प्रत्येक बोरे लगभग 60 किग्रा) हाथ से सिले हुए मिले। सभी बोरों से चावल के सैंपल लिए गए। जांच टीम ने सभी बोरों में से तीन थैलों में चावल के सैंपल को जिला पूर्ति अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया।
22 नवंबर 2024 को चावल के नमूने को जांच के लिए भेजा गया था। यह एफआरके चावल है अथवा नहीं। प्रबंधक (गुनि) भा.खा.नि. पीईजी बृजमनगंज ने तीन दिसंबर को बताया कि चावल के नमूने का विश्लेषण करने के बाद नमूने में एफआरके चावल की मात्रा (मानक के सापेक्ष 0.9 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत) 0.70 प्रतिशत मिली।
पिकअप पर लदे चावल के संबंध में कोई व्यक्ति/फर्म अभी तक अपना मालिकाना हक प्रस्तुत नहीं किया है। परिस्थियों से स्पष्ट है कि वाहन में मिले चावल की बोरियाें में एफआरके मिश्रित चावल हैं।