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Maharajganj News: दो विभागों के पेंज में अधर में लटका सड़क निर्माण
Tue, 09 Jul 2024 05:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 09 Jul 2024 05:44 PM IST
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महराजगंज। बभनौली जंगल में भटहट मार्ग पर तीन किलोमीटर चौड़ीकरण सड़क का कार्य तीन वर्षों से वन विभाग एवं प्रांतीय खंड के अधिकारियों की लापरवाही के चलते रुका हुआ है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल पनियरा के नगर अध्यक्ष दिलीप कुमार कसौधन की अगुवाई में व्यापारियों ने बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों का आरोप है कि प्रांतीय खंड विभाग ने तीन वर्ष पूर्व बभनौली जंगल से भटहट मार्ग का चौड़ीकरण कार्य शुरू कराया। जंगल में भूमि पड़ने के कारण वन विभाग के अधिकारियों ने सड़क चौड़ीकरण कार्य को रोकवा दिया। आरोप है कि कारण जानने पर प्रांतीय निर्माण विभाग की ओर से पता चला कि वन विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देने के कारण निर्माण कार्य रोका गया है। जबकि वन विभाग का कहना है कि प्रक्रिया अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड विभाग के स्तर पर लंबित है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग स्तर पर लंबित नहीं है। प्रांतीय निर्माण खंड विभाग की ओर से मुख्यमंत्री पोर्टल पर यह भी आख्या दिया गया है कि जिलाधिकारी द्वारा भूमि उपलब्ध करवा कर वन विभाग को दी गई है और अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया चल रही है, जबकि वन विभाग ने इस आख्या को सही नहीं ठहराया है।
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व्यापारियों का आरोप है कि प्रांतीय निर्माण खंड विभाग विभाग द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर गलत आख्या दी गई है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। इस दौरान अजय जायसवाल, रामनिवास सिंह, बिंदेश्वरी प्रसाद जायसवाल, राजेश गुप्ता मौजूद रहे।
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व्यापारियों का आरोप है कि प्रांतीय खंड विभाग ने तीन वर्ष पूर्व बभनौली जंगल से भटहट मार्ग का चौड़ीकरण कार्य शुरू कराया। जंगल में भूमि पड़ने के कारण वन विभाग के अधिकारियों ने सड़क चौड़ीकरण कार्य को रोकवा दिया। आरोप है कि कारण जानने पर प्रांतीय निर्माण विभाग की ओर से पता चला कि वन विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देने के कारण निर्माण कार्य रोका गया है। जबकि वन विभाग का कहना है कि प्रक्रिया अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड विभाग के स्तर पर लंबित है।
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वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग स्तर पर लंबित नहीं है। प्रांतीय निर्माण खंड विभाग की ओर से मुख्यमंत्री पोर्टल पर यह भी आख्या दिया गया है कि जिलाधिकारी द्वारा भूमि उपलब्ध करवा कर वन विभाग को दी गई है और अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया चल रही है, जबकि वन विभाग ने इस आख्या को सही नहीं ठहराया है।
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व्यापारियों का आरोप है कि प्रांतीय निर्माण खंड विभाग विभाग द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर गलत आख्या दी गई है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। इस दौरान अजय जायसवाल, रामनिवास सिंह, बिंदेश्वरी प्रसाद जायसवाल, राजेश गुप्ता मौजूद रहे।