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कोटेदारो को मिलने वाले राशन ढुलाई में घोटाले की आशंका

Tue, 18 Feb 2020 12:19 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 12:19 AM IST
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कोटेदारों को मिलने वाले राशन ढुलाई में घोटाले की आशंका
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महराजगंज। राशन की ढुलाई में घोटाले की आशंका जाहिर हो रही है। यह गड़बड़ी जिले में ही नहीं आसपास के जिलों में भी है। कोटेदारों को राशन की ढुलाई का भाड़ा नहीं दिया गया है। कहीं ऐसा तो नहीं की विभाग की ओर से ढुलाई मद के रकम को हजम कर लिया गया हो। इसे लेकर कोटेदारों ने अपने संगठन के माध्यम से कई बार आवाज बुलंद की, लेकिन उनकी आवाज आज भी फाइलों में बंद है। इस मामले की जानकारी जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मिली सूचना से हुई है। संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी गोरखपुर ने पूरी जानकारी दी है।
संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी की ओर से जारी पत्र के अनुसार महराजगंज जिले के सदर, सिसवा, निचलौल, लक्ष्मीपुर एवं परतावल ब्लॉक के कोटेदारों को ढुलाई भाड़ा वर्ष 2014 में दिया गया है। शासन के निर्देश के मुताबिक 10 किमी की दूरी तक 15 रुपया प्रति क्विंटल एवं 11 किमी से अधिक दूरी के लिए 18 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भाड़ा देना है। वहीं गोरखपुर एवं देवरिया के कुछ ब्लॉक के कोटेदारों को वर्ष 2016-17 में भुगतान किया गया है। वहीं गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर में वर्ष 2012-13, 2013-14 एवं वर्ष 2015-16 में कोई भुगतान नहीं हुआ है, जबकि नियम के मुताबिक विशेष सचिव की ओर से जारी पत्र में ढुलाई भाड़ा देने का निर्देश है।
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आरटीआई कार्यकर्ता अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि जन सूचना अधिकार के तहत सूचना मिलने पर इस बात की जानकारी हुई है। कोटेदारों को राशन ढुलाई मद में रकम नहीं दी जा रही है। उन्हें यह रकम मिलनी चाहिए। विभागीय अधिकारियों की यह लापरवाही है। कहीं ऐसा तो नहीं की ढुलाई मद में आए रकम को अधिकारी हजम कर गए।
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जिलापूर्ति अधिकारी गौरीशंकर शुक्ल ने बताया कि भाडे़ के भुगतान के लिए कोटेदारों को पत्रावली तैयार कर जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय को देना पड़ता है। वहीं से उनके भाड़े की धनराशि दी जाती है। जिले में 993 ग्रामीण एवं 54 कोटेदार शहरी क्षेत्र में हैं।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि कोटेदारों से डिमांड करने के लिए कहा जाता है। जब तक जरूरी प्रपत्र कार्यालय को उपलब्ध नहीं होंगे तो भुगतान कैसे किया जाएगा।
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