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देवदह का सीमांकन कार्य शुरू
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:23 AM IST
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देवदह का सीमांकन कार्य शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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लक्ष्मीपुर। गौतम बुद्ध के ननिहाल देवदह के रूप में चर्चित बनरसिहां कला स्थित बौद्ध टीलों व संबंधित जमीन के सीमांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने राजस्व व चकबंदी विभाग के सहयोग से बुधवार से सीमांकन कार्य शुरू कर दिया। इस कार्य में करीब एक सप्ताह का समय लगने की बात कही जा रही है। इस बीच जिला प्रशासन की तरफ से देवदह की कुछ जमीन के पट्टे के साथ ही निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी जारी है।
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प्राचीन बौद्ध स्थल के रूप में चर्चाओं में रहने वाले गौतम बुद्ध के ननिहाल देवदह जो वर्तमान में ग्राम पंचायत बनरसिहां कला के नाम से जाना जाता है, इसकी भूमि का सीमांकन राज्य पुरातत्व विभाग लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम की देखरेख में राजस्व व चकबंदी विभाग ने बुधवार को शुरू कर दिया। टीम के सदस्यों ने प्राचीन स्थल के टीलों को नजदीक से देखा और स्थानीय लोगों से बात की। बनरसिहां कला देवदह करीब 88 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। लेकिन मौके पर अभिलेख के अनुसार जमीन खाली नहीं होने के साथ ही आसपास में फसल लगी हुई है। वहीं देवदह की कुछ जमीनों का पट्टा करने के बाद उसे निरस्त करने की कार्रवाई भी जिला प्रशासन की ओर से जारी है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि सीमांकन कार्य चुनौती भरा हो सकता है।
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बता दें कि यहां प्राचीन टीले, इतिहासकार कलिंगम स्तंभ, राजमहल अवशेष, आधा दर्जन पोखरे आदि को पुरातत्व विभाग ने वर्ष 1978 में ही संरक्षित कर लिया था। लेकिन काफी समय बीत जाने के कारण परिवेश बदलता रहा। इसी बीच वर्ष 2006 से बौद्ध धर्म के कुछ अनुयायी प्राचीन बौद्ध स्थल के विकास के लिए कार्यक्रम कराने लगे। जो इन टीलों पर प्रति वर्ष अक्टूबर माह में होता है। स्थानीय प्रतिनिधियों व अनुयायियों ने शासन से देवदह को संरक्षित कर इसे विकसित करने की मांग भी की। ताकि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। इसी क्रम में बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट के तहत करीब 24 लाख रुपये शासन से स्वीकृत कि गए हैं। जिससे देवदह की भूमि के सीमांकन के बाद इसके चारों तरफ बाड़ लगाए जाने का प्रस्ताव है।
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इस मौके पर क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी नरसिंह त्यागी, सर्वे अधिकारी मनमोहन डिमरी, संरक्षण सहायक प्रप्रदीप सिंह, नायब तहसीलदार रवि सिंह, लक्ष्मीचन्द्र पटेल, प्रह्लाद, रहमतुल्लाह राजस्व निरीक्षक, हरिशंकर लेखपाल, रामनयन चकबन्दी, अनुज सिंह लेखपाल, सुयश त्रिपाठी, झिनकू चौबे, विजय बहादुर चौहान, शिवटहल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।