फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Rain-induced breaches at various points along the Zardi-Domra embankment; villagers terrified by the threat of floods.

Maharajganj News: जर्दी-डोमरा बांध पर जगह-जगह रेनकट, बाढ़ के खतरे से सहमे ग्रामीण

Mon, 20 Jul 2026 01:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 01:49 AM IST
विज्ञापन
Rain-induced breaches at various points along the Zardi-Domra embankment; villagers terrified by the threat of floods.
ग्राम पंचायत डोमरा खास में बंधे पर भीषण रेन कट।
बांध की मरम्मत में जिम्मेदारों पर लापरवाही का लगाया आरोप
विज्ञापन

21.700 किमी जर्दी-डोमरा व 7.100 किमी लम्बी अनन्तपुर-लालाबड़हरा बांध का है मामला
महराजगंज। पनियरा क्षेत्र में रोहिनी नदी के तट पर बने जर्दी-डोमरा और अनन्तपुर-लालाबड़हरा बांध पर जगह-जगह रेनकट होने से ग्रामीणों चिंतित हैं। आरोप है कि बाढ़ से बचाव के लिए बांध पर अभी तक जो काम हुए हैं, वह नाकाफी हैं। जबकि जिम्मेदारों का कहना है कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। बांध मजबूत है।
जानकारी के अनुसार, विकास खंड पनियरा क्षेत्र में बहने वाली रोहिनी नदी के तट पर बना जर्दी-डोमरा बांध 21.7 और अनंतपुर-लालाबड़हरा बांध 7.1 किमी लंबा है। कुल 28.8 किलोमीटर लंबे अनंतपुर-लालाबड़हरा व जर्दी-डोमरा बांध पर पहली ही बरसात में बड़े-बड़े रेनकट बनने से ग्रामीण भयभीत हैं। बांध की स्थिति यह है कि रास्ते से गुजरने वाले भी बांध की दयनीय हालत को देखकर खुद ही डर जाते हैं।
विज्ञापन

बांध पर बिछाया गया आधे से ज्यादा खड़ंजा भी रेनकट में उखड़ गया है। यह हाल कई स्थानों पर है। हालांकि अभी भी पोकलेन मशीन से वहां पर बांध की मरम्मत का कार्य अभी भी जारी है। गांव के रामकेवल निषाद ने कहा कि सिंचाई विभाग के जिम्मेदार समय से अगर काम कर लेते तो स्थिति इतनी दयनीय नहीं होती। बारिश के समय मिट्टी डाला जाएगा तो उसके बहने की आशंका अधिक होगी। जिम्मेदार तो कोरम पूरा करके चले जाते हैं मुसीबत तो ग्रामीणों को झेलनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रामदवन निषाद और लालमन निषाद ने कहा कि जब नदी का स्तर बढ़ेगा तो बांध की हालत और भी ज्यादा खराब होने की आशंका है। वर्तमान समय में ग्रामीण हर साल बाढ़ की विभीषका झेलने के लिए मजबूर हैं। नदी बढ़ती है तो रात की नींद उड़ जाती है। हमेशा खतरे का डर बना रहता है।
अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है काम
पनियरा क्षेत्र के ग्रामीण बाढ़ की तबाही भूल नहीं पाए हैं। विभाग की लापरवाही व धीमी गति से चल रहे काम से लोगों में चिंता व आक्रोश है। गांव के लोगों का आरोप है कि जर्दी-डोमरा बांध पर अभी तक बाढ़ से बचाव की तैयारी नाकाफी है। औरहिया के कोमर टोले पर रोहिन नदी बंधे से सटकर बह रही है। वहां बनाया जा बोल्डर पीचिंग का काम अभी भी अधूरा पड़ा है। बालू भरी बोरियों से नदी के रेत से पटे कमजोर बांध में रेनकट व रैटहोल को भरा गया है लेकिन पहली ही बरसात में इसकी मिट्टी जगह-जगह से बह गई। बांध कि सबसे खराब स्थिति औरहियां, डोमरा, सुचितपुर बघौना, बड़हरा लाला में है। जहां नदी बंधे से सट कर बह रही है। नदी पर ठोकर भी बेमतलब साबित हो रहे हैं।

स्पीकअप
बोल्डर पीचिंग का कार्य नवंबर से ही शुरू करना चाहिए था। बहुत देरी से काम शुरू हुआ और बहुत धीमी गति से किया जा रहा है। इससे बरसात के समय में काफी दिक्कत हो रही है।
- अमरनाथ, ग्राम पंचायत औरहियां टोला कोमर

..........................
अब तक काम पूरा हो जाना चाहिए था, बारिश के समय में काम करना समझ से परे है। इस समय ताजी मिट्टी पड़ेगी तो वह टिकेगी नहीं बह जाएगी। इससे बांध कमजोर होने की आशंका है।
-अरविंद पासवान, ग्राम पंचायत औरहियां टोला कोमर

.............................
जब बरसात का समय नजदीक आता है तो बंधे के किनारे बसे लोगों का ख्याल आता है। जिस प्रकार बंधे पर काम हो रहा है, वह ठीक नहीं है। पिछले साल नदी का जलस्तर बढ़ने पर एक दर्जन स्थानों पर बंधे में रिसाव शुरू हो गया था।
-विक्रम, ग्राम पंचायत डोमरा खास
...............
शनिवार को मेरे दरवाजे के सामने इस कदर रेनकट हो गया कि लगा अब बांध टूट जाएगा। गनीमत रहा की बारिश थम गई। नदी का जलस्तर बढ़ने से हालत गंभीर हो जाएगा। बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
- शंभू, डोमरा
वर्जन
रेनकट व रैटहोल लगातार भरे जा रहे हैं। औरहियां के कोमर टोले पर बोल्डर पिचिंग में भी ग्राउंड लेवल तक काम हो गया है। मौसम साफ होने पर कार्य को पूरा करा लिया जाएगा। बांध मजबूत है लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।

- रजत गुप्ता, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड द्वितीय, महराजगंज
जब भी टूटा जर्दी-डोमरा बांध हुई भारी तबाही
विकास खंड पनियरा क्षेत्र में बहने वाली रोहिन नदी पर बना अनन्तपुर-लालाबडहरा व जर्दी-डोमरा बांध जब भी टूटा भारी तबाही हुई है। वर्ष 2007 की घटना सबसे हृदय विदारक है। एक नाव दुर्घटना में 26 मौत हो गई थी। इसमें एक ही परिवार के छह लोग सवार थे। उक्त बांध वर्ष 1982 में ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर के लठीअहवा के पास टूटा, वर्ष 1986 में बभनी व हरिश्चंद्र स्कूल के बीच में टूटा, वर्ष 1989 में अनन्तपुर मोथहीं में टूटा, वर्ष 1992 में हरखपुरा व अहिरौली के बीच टूटा, वर्ष 2007 में चार जगह टूटा। इन सभी मामलों में लोगों को काफी नुकसान झेलना पड़ा। वर्ष 2017 में भी उक्त बांध तीन जगह टूटा था इससे फसलें बर्बाद हो गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed