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Maharajganj News: बारिश से धान की फसल को संजीवनी, किसानों के चेहरे खिले
Fri, 25 Sep 2026 02:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:31 AM IST
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- धान की बाली निकलने के समय खेतों में पानी की कमी से परेशान थे किसान, बारिश से मिली राहत
निचलौल। तराई क्षेत्र में बुधवार की आधी रात से शुरू हुई झमाझम बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। बृहस्पतिवार की सुबह से शाम तक हुई बारिश से धान की फसल को पर्याप्त नमी मिली है। इससे खेतों में बलियां निकलने का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी साबित होगी।
निचलौल क्षेत्र की कृषि भूमि धान की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है। वर्तमान समय में अधिकांश खेतों में धान की फसल में बलियां निकलने की अवस्था है। ऐसे में पर्याप्त नमी की जरूरत थी, लेकिन कई खेतों में पानी की कमी के कारण किसान परेशान थे। फसल को सूखने से बचाने के लिए किसान पंपिंग सेट से सिंचाई करने में जुटे थे। किसान राधेश्याम, सुभाष, प्रमोद, मुन्ना, संतोष, बिछाई, ठगई और रामनिवास आदि ने बताया कि यह बारिश उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
सहायक विकास अधिकारी कृषि जगत नारायण प्रजापति ने बताया कि धान में बालियां निकलने और फूल आने के समय खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी होता है। किसानों को आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करने की सलाह दी गई थी। इसके साथ ही नाइट्रोजन की अंतिम ऊपरी खुराक बालियां निकलने की प्रारंभिक अवस्था में निर्धारित मात्रा में डालने का सुझाव भी दिया गया था।
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निचलौल। तराई क्षेत्र में बुधवार की आधी रात से शुरू हुई झमाझम बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। बृहस्पतिवार की सुबह से शाम तक हुई बारिश से धान की फसल को पर्याप्त नमी मिली है। इससे खेतों में बलियां निकलने का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी साबित होगी।
निचलौल क्षेत्र की कृषि भूमि धान की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है। वर्तमान समय में अधिकांश खेतों में धान की फसल में बलियां निकलने की अवस्था है। ऐसे में पर्याप्त नमी की जरूरत थी, लेकिन कई खेतों में पानी की कमी के कारण किसान परेशान थे। फसल को सूखने से बचाने के लिए किसान पंपिंग सेट से सिंचाई करने में जुटे थे। किसान राधेश्याम, सुभाष, प्रमोद, मुन्ना, संतोष, बिछाई, ठगई और रामनिवास आदि ने बताया कि यह बारिश उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
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सहायक विकास अधिकारी कृषि जगत नारायण प्रजापति ने बताया कि धान में बालियां निकलने और फूल आने के समय खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी होता है। किसानों को आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करने की सलाह दी गई थी। इसके साथ ही नाइट्रोजन की अंतिम ऊपरी खुराक बालियां निकलने की प्रारंभिक अवस्था में निर्धारित मात्रा में डालने का सुझाव भी दिया गया था।
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