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पुरी शंकराचार्य का कार्यक्रम===फरेंदा
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दूसरों के हितों की रक्षा व देश की सुरक्षा लक्ष्य होना चाहिए : शंकराचार्य
फरेंदा (महराजगंज)। पुरी शंकराचार्य गोवर्धन पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महराज का तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत बुधवार को महदेवा बुजुर्ग में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य महराज से धर्म व आस्था सहित देश से जुड़े विभिन्न प्रकार की जिज्ञासाएं प्रकट की जिसमें उन्होंने प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर जिज्ञासाएं दूर कीं। इस मौके पर शंकराचार्य ने धर्म और राष्ट्रवाद के पथ पर चलने के लिए श्रद्धालुओं को प्रेरित किया।
शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि वेदों से ही सृष्टि की संरचना हुई है। वेदों के अध्ययन के लिए समाज को आगे आना चाहिए। वेदों में ही हमारी सारी शंकाओं के समाधान मौजूद हैं। गणित वेदों की ही देन है। गणित नहीं होता तो आज विज्ञान का कोई महत्व नहीं होता है। शंकराचार्य से सवाल पूछे, जिनके जवाब में उन्होंने न सिर्फ लोगों की जिज्ञासा शांत की बल्कि धर्म, आचरण, सदाचार, भक्ति, कर्त्तव्य आदि के मायने भी समझाए। ऊं में पूरा विश्व निहित है। राम का जो अर्थ है, वही ऊं का भी अर्थ है। राम में ही सूर्य, चंद्र व अग्नि सहित सभी तत्व समाहित है। परमात्मा के बिना कोई महत्व नहीं। किसी भी व्यक्ति की जो उपयोगिता है, वही उसका धर्म है। हर व्यक्ति की जीविका उसके जन्म से ही आरक्षित है और यही सनातन धर्म है।
उन्होंने कहा कि दूसरों के हितों की रक्षा व देश की सुरक्षा लोगों का लक्ष्य होना चाहिए। पाप ही व्यक्ति को खोखला करता है। सज्जन संगठित होकर चलें तो दुर्जनों का मनोबल टूट जाएगा। इस दौरान ऋषिकेश ब्रहमचारी, निर्बकल्पानंद सरस्वती, प्रेमचंद झा, प्रफुल्ल महराज, समिति के सदस्य कपिलदेव मणि, राकेश मणि,पियुष मणि,पूर्व विधायक विनोद तिवारी, चौधरी शिवेंद्र सिंह, संतोष पांडेय, अमित चौबे, अरुण चतुर्वेदी, विनोद गुप्ता, परमात्मा अग्रहरि, रघुवंश चौधरी, चंद्रशेखर मिश्रा, मनोज मिश्रा, जीएस मालवीय, अशोक जायसवाल, अर्जुन मिश्रा, हर्षबर्धन वर्मा, हरिकृष्ण मणि, परमात्मा विश्वकर्मा,ओपी तिवारी आदि मौजूद रहे।
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शोभा यात्रा में गूंजा सनातन धर्म की जय और विश्व कल्याण का जयघोष
फरेंदा। श्रीगोवर्धनपीठ पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज के फरेंदा आगमन पर बुधवार को कस्बे में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। इस दौरान महिलाओं व पुरुषों ने शंकराचार्य व उनकी पादुका पर पुष्प अर्पित कर उनका स्वागत किया। शोभा यात्रा महदेवा बुजुर्ग से निकल कर विष्णु मंदिर, आंबेडकर तिराहा, बस स्टैंड, मिल गेट होते हुए पटवा मैरिज हाल पहुंचा। कस्बे में व्यापारियों ने उन पर पुष्प की वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। शोभा यात्रा के दौरान भारत की अखंडता व सनातन धर्म की जय हो, विश्व का कल्याण हो तथा हर हर महादेव के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। शोभा यात्रा में सेठ आनंदराम जयपुरिया इंटर कालेज के एनसीसी व स्काउट गाइड के छात्र शामिल हुए। यात्रा मैरिज हाल में पहुंची। जहां धर्मसभा व पदुका पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दुर्गा मंदिर समिति के अध्यक्ष परमात्मा अग्रहरि,मनोज जायसवाल, प्रेम गुप्ता, देवेंद्र पांडेय,अमृत पांडेय,नवीन सोनकर, दिलीप तिवारी,अशोक यादव, मनीष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
‘भौतिकता में व्यक्ति ईश्वर व धर्म से दूर हो रहा है’
फरेंदा। मनुष्य भगवत ज्ञान को जान लिया तो जीवन धन्य हो गया। लोभ, मोह को त्याग कर ईश्वर की भक्ति ही जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। आत्म सत्य को जान लेना जरूरी है चूक हुई तो जीवन बेकार साबित होगा। जन्म व मृत्यु एक परंपरा है। यह बात गोवर्धन पीठाधीश्वर जगतगुरु पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कस्बे के एक मैरिज हाल में आयोजित धर्मसभा में कही। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि जीवन में प्रमाद का कोई स्थान नहीं है। मनुष्य का शरीर चार तत्वों से मिलकर बना है। सनातन धर्म व्यवहारिक है जिसमें पौरुष शक्ति भी प्रदान निहित है। मनुष्य विकास के नाम पर ईश्वर व धर्म से दूर हो रहा है। जो पतन का कारण है। घर में बालिका के जन्म पर मां भगवती का अवतार माना जाता है। हिंदू समाज को सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए काम करना चाहिए। पुरी शंकराचार्य ने धर्म, राजनीति, आध्यात्म और गृहस्थ जीवन के साथ ही संन्यास के बारे में जानकारी दी। हमें सनातनी परंपरा का पालन करना चाहिए। श्रद्धालुओं को धर्म की रक्षा का संकल्प भी दिलाया गया।
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फरेंदा (महराजगंज)। पुरी शंकराचार्य गोवर्धन पीठाधीश्वर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महराज का तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत बुधवार को महदेवा बुजुर्ग में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य महराज से धर्म व आस्था सहित देश से जुड़े विभिन्न प्रकार की जिज्ञासाएं प्रकट की जिसमें उन्होंने प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर जिज्ञासाएं दूर कीं। इस मौके पर शंकराचार्य ने धर्म और राष्ट्रवाद के पथ पर चलने के लिए श्रद्धालुओं को प्रेरित किया।
शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि वेदों से ही सृष्टि की संरचना हुई है। वेदों के अध्ययन के लिए समाज को आगे आना चाहिए। वेदों में ही हमारी सारी शंकाओं के समाधान मौजूद हैं। गणित वेदों की ही देन है। गणित नहीं होता तो आज विज्ञान का कोई महत्व नहीं होता है। शंकराचार्य से सवाल पूछे, जिनके जवाब में उन्होंने न सिर्फ लोगों की जिज्ञासा शांत की बल्कि धर्म, आचरण, सदाचार, भक्ति, कर्त्तव्य आदि के मायने भी समझाए। ऊं में पूरा विश्व निहित है। राम का जो अर्थ है, वही ऊं का भी अर्थ है। राम में ही सूर्य, चंद्र व अग्नि सहित सभी तत्व समाहित है। परमात्मा के बिना कोई महत्व नहीं। किसी भी व्यक्ति की जो उपयोगिता है, वही उसका धर्म है। हर व्यक्ति की जीविका उसके जन्म से ही आरक्षित है और यही सनातन धर्म है।
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उन्होंने कहा कि दूसरों के हितों की रक्षा व देश की सुरक्षा लोगों का लक्ष्य होना चाहिए। पाप ही व्यक्ति को खोखला करता है। सज्जन संगठित होकर चलें तो दुर्जनों का मनोबल टूट जाएगा। इस दौरान ऋषिकेश ब्रहमचारी, निर्बकल्पानंद सरस्वती, प्रेमचंद झा, प्रफुल्ल महराज, समिति के सदस्य कपिलदेव मणि, राकेश मणि,पियुष मणि,पूर्व विधायक विनोद तिवारी, चौधरी शिवेंद्र सिंह, संतोष पांडेय, अमित चौबे, अरुण चतुर्वेदी, विनोद गुप्ता, परमात्मा अग्रहरि, रघुवंश चौधरी, चंद्रशेखर मिश्रा, मनोज मिश्रा, जीएस मालवीय, अशोक जायसवाल, अर्जुन मिश्रा, हर्षबर्धन वर्मा, हरिकृष्ण मणि, परमात्मा विश्वकर्मा,ओपी तिवारी आदि मौजूद रहे।
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शोभा यात्रा में गूंजा सनातन धर्म की जय और विश्व कल्याण का जयघोष
फरेंदा। श्रीगोवर्धनपीठ पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज के फरेंदा आगमन पर बुधवार को कस्बे में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। इस दौरान महिलाओं व पुरुषों ने शंकराचार्य व उनकी पादुका पर पुष्प अर्पित कर उनका स्वागत किया। शोभा यात्रा महदेवा बुजुर्ग से निकल कर विष्णु मंदिर, आंबेडकर तिराहा, बस स्टैंड, मिल गेट होते हुए पटवा मैरिज हाल पहुंचा। कस्बे में व्यापारियों ने उन पर पुष्प की वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। शोभा यात्रा के दौरान भारत की अखंडता व सनातन धर्म की जय हो, विश्व का कल्याण हो तथा हर हर महादेव के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। शोभा यात्रा में सेठ आनंदराम जयपुरिया इंटर कालेज के एनसीसी व स्काउट गाइड के छात्र शामिल हुए। यात्रा मैरिज हाल में पहुंची। जहां धर्मसभा व पदुका पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दुर्गा मंदिर समिति के अध्यक्ष परमात्मा अग्रहरि,मनोज जायसवाल, प्रेम गुप्ता, देवेंद्र पांडेय,अमृत पांडेय,नवीन सोनकर, दिलीप तिवारी,अशोक यादव, मनीष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
‘भौतिकता में व्यक्ति ईश्वर व धर्म से दूर हो रहा है’
फरेंदा। मनुष्य भगवत ज्ञान को जान लिया तो जीवन धन्य हो गया। लोभ, मोह को त्याग कर ईश्वर की भक्ति ही जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। आत्म सत्य को जान लेना जरूरी है चूक हुई तो जीवन बेकार साबित होगा। जन्म व मृत्यु एक परंपरा है। यह बात गोवर्धन पीठाधीश्वर जगतगुरु पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कस्बे के एक मैरिज हाल में आयोजित धर्मसभा में कही। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि जीवन में प्रमाद का कोई स्थान नहीं है। मनुष्य का शरीर चार तत्वों से मिलकर बना है। सनातन धर्म व्यवहारिक है जिसमें पौरुष शक्ति भी प्रदान निहित है। मनुष्य विकास के नाम पर ईश्वर व धर्म से दूर हो रहा है। जो पतन का कारण है। घर में बालिका के जन्म पर मां भगवती का अवतार माना जाता है। हिंदू समाज को सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए काम करना चाहिए। पुरी शंकराचार्य ने धर्म, राजनीति, आध्यात्म और गृहस्थ जीवन के साथ ही संन्यास के बारे में जानकारी दी। हमें सनातनी परंपरा का पालन करना चाहिए। श्रद्धालुओं को धर्म की रक्षा का संकल्प भी दिलाया गया।