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Maharajganj News: किशोरी के जिंदा लौटने पर नए सिरे से जांच में जुटी पुलिस
Mon, 23 Dec 2024 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:41 AM IST
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महराजगंज। घुघली क्षेत्र में मृत किशोरी के जिंदा मिलने के बाद पुलिस अब पूरे प्रकरण की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। दोबारा कोई चूक न होने पाए, इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह को जांच सौंपी गई है।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के लिए असल जिम्मेदार कौन है। इतनी तस्वीर तो साफ हो गई है कि अपहरण के बाद हत्याकांड की जांच व विवेचना में पुलिस अपने ही बुने जाल में उलझ गई है। अब जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी शुरू हो गई है। इस मामले में एक विवेचक सस्पेंड हो गया है, जबकि घुघली के तत्कालीन थानाध्यक्ष (वर्तमान में खोराबार थानाध्यक्ष) नीरज राय पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
मृत किशोरी के जिंदा मिलने की घटना के बैक फ्लैश की ओर नजर डाले तो घुघली क्षेत्र की एक तेरह वर्षीय लड़की बीते साल जून में रहस्यमय ढंग से गायब होती है। दो जुलाई 2023 को अपहरण का केस दर्ज होता है। बीस दिन बाद निचलौल थाना क्षेत्र के मधुबनी माइनर में एक अज्ञात लड़की का हाथ-पैर बंधा शव मिलता है।
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उस अज्ञात लड़की की पहचान घुघली क्षेत्र की लापता किशोरी के रूप में पुलिस कराती है। बेटी का अपहरण का केस दर्ज कराने वाला पिता घुघली पुलिस की जांच में हत्यारा बना दिया जाता है। बेटे के साथ पिता को पुलिस लड़की की हत्या में जेल भेज देती है।
ढाई माह तक पिता व भाई जेल में रहते हैं। फिर जमानत पर बाहर आते हैं। अब चौदह माह बाद वहीं लड़की मां बन कर अपने पिता के घर लौट आती है जिसकी हत्या में पिता व भाई को जेल जाना पड़ा था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब लड़की जिंदा थी तो उसकी हत्या में पिता व भाई जेल कैसे गए। वह लड़की कौन थी जिसका हाथ-पैर बंधा शव निचलौल क्षेत्र मधुबनी माइनर में मिला था।
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जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के लिए असल जिम्मेदार कौन है। इतनी तस्वीर तो साफ हो गई है कि अपहरण के बाद हत्याकांड की जांच व विवेचना में पुलिस अपने ही बुने जाल में उलझ गई है। अब जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी शुरू हो गई है। इस मामले में एक विवेचक सस्पेंड हो गया है, जबकि घुघली के तत्कालीन थानाध्यक्ष (वर्तमान में खोराबार थानाध्यक्ष) नीरज राय पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
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मृत किशोरी के जिंदा मिलने की घटना के बैक फ्लैश की ओर नजर डाले तो घुघली क्षेत्र की एक तेरह वर्षीय लड़की बीते साल जून में रहस्यमय ढंग से गायब होती है। दो जुलाई 2023 को अपहरण का केस दर्ज होता है। बीस दिन बाद निचलौल थाना क्षेत्र के मधुबनी माइनर में एक अज्ञात लड़की का हाथ-पैर बंधा शव मिलता है।
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उस अज्ञात लड़की की पहचान घुघली क्षेत्र की लापता किशोरी के रूप में पुलिस कराती है। बेटी का अपहरण का केस दर्ज कराने वाला पिता घुघली पुलिस की जांच में हत्यारा बना दिया जाता है। बेटे के साथ पिता को पुलिस लड़की की हत्या में जेल भेज देती है।
ढाई माह तक पिता व भाई जेल में रहते हैं। फिर जमानत पर बाहर आते हैं। अब चौदह माह बाद वहीं लड़की मां बन कर अपने पिता के घर लौट आती है जिसकी हत्या में पिता व भाई को जेल जाना पड़ा था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब लड़की जिंदा थी तो उसकी हत्या में पिता व भाई जेल कैसे गए। वह लड़की कौन थी जिसका हाथ-पैर बंधा शव निचलौल क्षेत्र मधुबनी माइनर में मिला था।
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