{"_id":"5c06d2d8bdec22416555e90e","slug":"people-thrown-at-the-distance-from-the-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनता से दूरी रखने पर भड़के लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनता से दूरी रखने पर भड़के लोग
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:47 AM IST
विज्ञापन
जनता से दूरी रखने पर भड़के लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। आगामी लोकसभा चुनाव भाजपा के लिए जिले में आसान नहीं होगा। इसकी बानगी सदर विधानसभा क्षेत्र के बरवां राजा गांव के टोला बरईपट्टी में मंगलवार को दिख गया। गांव के युवाओं ने विधायक के खिलाफ विरोध प्रदर्शित कर यह साबित कर दिया कि अब उनका वादे से मुकरने वाले नेताओं से मोह भंग हो रहा है। आखिर युवाओं का आक्रोश अचानक क्यों भडक उठा? यह सवाल सभी के जेहन में कौंध रहा है। कोई विधायक के गांव में नहीं आने की चर्चा कर रहा है तो कोई यह कह रहा था कि विधायक ने यज्ञ के दौरान चंदा कम दिया था।
गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि वादे पूरे हुए नहीं और विधायक उपलब्धि बताने आ गए। चुनाव जीतने के बाद विधायक कभी गांव नहीं पहुंचे और अब जबकि लोकसभा चुनाव करीब आ गया है तो जनता के हमदर्द बनने आ गए हैं। युवाओं ने कहा कि विरोध को विधायक ने सत्ता के दम पर दबाने की कोशिश की है। यह उचित नहीं है। अगर लोकतंत्र में अपनी बात संवैधानिक ढंग से कहने पर किसी को नागवार लग रहा है तो इसे क्या समझा जाय। उन्होंने कहा कि चंद साथियों और गनर को लेकर विधायक ने गांव के लोगों को डराने की कोशिश की। विधायक के साथ आए लोग गुंडागर्दी पर उतारू हो गए तो बचाव में कुछ लोगों की पिटाई कर दी गई। युवाओं ने कहा कि भीड़ में विधायक ने भी गुस्से में आपा खो दिया। जिस जनता के भरोसे वह विधायक बने उन्हें वह जेल भेजवाने की धमकी देने लगे, अपशब्द भी कहे। कुछ गांववालों का कहना था कि गांव में यज्ञ के दौरान विधायक स्वयं नहीं आए, चंदा भेजवा दिया, जिससे आक्रोश था। वहीं कुछ लोग कह रहे थे कि जबसे चुनाव जीते टोले पर दर्शन नहीं दिया। गांव के काशीनाथ, अब्दुल, रणजीत, राजेश कुमार ने बताया कि विधायक का व्यवहार ठीक नहीं रहा। विरोध हुआ तो समझाने के बजाय सत्ता की धौंस दिखाने लगे। इस मामले में विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने कहा कि आरोप निराधार हैं। जनता के बीच में हमेशा रहता हूं। विरोधी साजिश रचकर बदनाम कराने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि वादे पूरे हुए नहीं और विधायक उपलब्धि बताने आ गए। चुनाव जीतने के बाद विधायक कभी गांव नहीं पहुंचे और अब जबकि लोकसभा चुनाव करीब आ गया है तो जनता के हमदर्द बनने आ गए हैं। युवाओं ने कहा कि विरोध को विधायक ने सत्ता के दम पर दबाने की कोशिश की है। यह उचित नहीं है। अगर लोकतंत्र में अपनी बात संवैधानिक ढंग से कहने पर किसी को नागवार लग रहा है तो इसे क्या समझा जाय। उन्होंने कहा कि चंद साथियों और गनर को लेकर विधायक ने गांव के लोगों को डराने की कोशिश की। विधायक के साथ आए लोग गुंडागर्दी पर उतारू हो गए तो बचाव में कुछ लोगों की पिटाई कर दी गई। युवाओं ने कहा कि भीड़ में विधायक ने भी गुस्से में आपा खो दिया। जिस जनता के भरोसे वह विधायक बने उन्हें वह जेल भेजवाने की धमकी देने लगे, अपशब्द भी कहे। कुछ गांववालों का कहना था कि गांव में यज्ञ के दौरान विधायक स्वयं नहीं आए, चंदा भेजवा दिया, जिससे आक्रोश था। वहीं कुछ लोग कह रहे थे कि जबसे चुनाव जीते टोले पर दर्शन नहीं दिया। गांव के काशीनाथ, अब्दुल, रणजीत, राजेश कुमार ने बताया कि विधायक का व्यवहार ठीक नहीं रहा। विरोध हुआ तो समझाने के बजाय सत्ता की धौंस दिखाने लगे। इस मामले में विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने कहा कि आरोप निराधार हैं। जनता के बीच में हमेशा रहता हूं। विरोधी साजिश रचकर बदनाम कराने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन