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Maharajganj News: अपनी ही जमापूंजी के लिए भटक रहे लोग, मूलधन में कटौती कर भुगतान कर रहा बैंक
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गोरखपुर स्थित एक क्षेत्रीय बैंक की ठूठीबारी शाखा में उपभोक्ताओं ने जमा किए थे रुपये
महीनों दौड़भाग के बाद भी नहीं मिल रहे रुपये, 30 से 50 प्रतिशत तक कटौती कर रहा बैंक
ठूठीबारी। एक क्षेत्रीय बैंक में अपनी ही जमा पूंजी को पानी के लिए उपभोक्ता भटक रहे हैं। निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी लोगों को रकम नहीं मिल रही है। आरोह है कि काफी दौड़भाग के बाद भी रकम मिल भी रही है तो कंपनी मूलधन में 30 से 50 प्रतिशत तक कटौती कर रही है। पूरा पैसा न मिलने के कारण उपभोक्ताओं में आक्रोश है। बताया जा रहा है 200 उपभोक्ताओं में से 80 को मूलधन में कटौती कर भुगतान किया गया है जबकि अन्य अभी भी चक्कर लगा रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर स्थित एक क्षेत्रीय बैंक की शाखा ठूठीबारी में 13 सितंबर 2017 से संचालित थी। कंपनी की ओर से कमीशन के आधार पर करीब 12 से 13 नवयुवकों को एजेंट बनाया गया था। एजेंट जितना अधिक रुपया बैंक में जमा कराते थे उतना अधिक उनको कमीशन मिलता था। कमीशन के चक्कर में एजेंटों ने मजदूर, छोटे दुकानदार और किसानों को अच्छे ब्याज का झांसा दिया था।
वह अपनी क्षमता के अनुसार नियमित तौर पर 200 से लेकर 500 रुपये बैंक में एजेंटों के माध्यम से जमा करते रहे। खाताधारकों को साल भर पूरा होने पर ब्याज समेत मूलधन एकमुश्त देने को कहा गया था। समय सीमा पूरा होने के दो माह बाद भी खाताधारकों को जमा रुपये नहीं मिले। लोग जमा धनराशि की मांग करते तो उन्हें बार-बार अगली तारीख दी जाती। परेशान होकर उपभोक्ताओं ने 17 अप्रैल 2026 को बैंक शाखा पर प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
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इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर उपभोक्ताओं ने ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। तब से लगातार बैंक बंद चल रहा है। लोग रोजाना बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमा धनराशि की भुगतान को लेकर करीब 120 उपभोक्ताओं को चेक दिया गया। इसमें से करीब 80 लोगों का मूलधन में 30 से 50 प्रतिशत तक कटौती करके भुगतान किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं ने कहा कि शिकायत के बाद भी अभी तक बैंक के जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। जिस तरह से पैसे दिए जा रहे हैं उससे तो लग रहा है कि हमारी गाढ़ी कमाई ही डूब जाएगी।
ये खाताधारक हैं परेशान
खाताधारक अनिल वर्मा, शत्रुघ्न प्रजापति, कृष्णा मुरारी रौनियार, गीता देवी, विश्वनाथ प्रसाद गुप्त, गोविन्द चौहान, लक्ष्मण रौनियार, अंजनी गुप्ता, मीना गुप्ता, मैनुद्दिन, अनीता गुप्ता, रिंकी मोदनवाल, मेराज कुरैशी, किरन गुप्ता, सुशीला, मीरा, प्रभावती, अंशु, सुबोध, जाहिदा, अलीअहमद, नेबूलाल, अनिल यादव आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि बैंक में जमा रुपये मिलने की आस लिए अधिकारियों से मनुहार किया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि संस्था की ओर से मूलधन में कटौती करके पैसा दिया जा रहा है। मजबूरी में कम पैसे लेना पड़ रहा है।
स्पीकअप
ठूठीबारी रामनगर चौराहे पर मेरी पत्तल, गिलास की दुकान है। संस्था में मैं दो खाता खोलकर डेली रुपये जमा करता था। एक खाते में 32 हजार और दूसरे में 22 हजार रुपये जमा किए थे। 32 हजार रुपये के लिए संस्था हमको चेक दिया था। हमसे चेक वापस लेकर 32 हजार की जगह पर 24 हजार रुपये और 22 हजार रुपये में 6 हजार रुपये ही मिला है।
- मनोहर, धरमौली
...................
मैंने संस्थान में 67,300 रुपये जमा किया था। कंपनी की ओर से चेक दिया गया था। अभी तक मुझे मात्र 13 हजार रुपये मिले हैं। रुपयों के अभाव में कई जरूरी काम रुके हुए हैं।
-सूरज कुमार, ठूठीबारी
..................
मैंने बैंक में 58,800 रुपये जमा किए थे। काफी दौड़ भाग के बाद अभी तक मुझे 50 हजार रुपये मिले हैं। पैसे की आस लिए अधिकारियों का चक्कर लगा रहा हूं लेकिन अब पूरे रुपये मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
- कृष्णा मद्धेशिया, ठूठीबारी
वर्जन
अभी हाल ही में मेरी पोस्टिंग हुई है। इस मामले की जांच करवाता हूं। उपभोक्ताओं का संस्था में जमा पैसे दिलवाया जाएगा। आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
-रविंद्र कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी, निचलौल
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महीनों दौड़भाग के बाद भी नहीं मिल रहे रुपये, 30 से 50 प्रतिशत तक कटौती कर रहा बैंक
ठूठीबारी। एक क्षेत्रीय बैंक में अपनी ही जमा पूंजी को पानी के लिए उपभोक्ता भटक रहे हैं। निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी लोगों को रकम नहीं मिल रही है। आरोह है कि काफी दौड़भाग के बाद भी रकम मिल भी रही है तो कंपनी मूलधन में 30 से 50 प्रतिशत तक कटौती कर रही है। पूरा पैसा न मिलने के कारण उपभोक्ताओं में आक्रोश है। बताया जा रहा है 200 उपभोक्ताओं में से 80 को मूलधन में कटौती कर भुगतान किया गया है जबकि अन्य अभी भी चक्कर लगा रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर स्थित एक क्षेत्रीय बैंक की शाखा ठूठीबारी में 13 सितंबर 2017 से संचालित थी। कंपनी की ओर से कमीशन के आधार पर करीब 12 से 13 नवयुवकों को एजेंट बनाया गया था। एजेंट जितना अधिक रुपया बैंक में जमा कराते थे उतना अधिक उनको कमीशन मिलता था। कमीशन के चक्कर में एजेंटों ने मजदूर, छोटे दुकानदार और किसानों को अच्छे ब्याज का झांसा दिया था।
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वह अपनी क्षमता के अनुसार नियमित तौर पर 200 से लेकर 500 रुपये बैंक में एजेंटों के माध्यम से जमा करते रहे। खाताधारकों को साल भर पूरा होने पर ब्याज समेत मूलधन एकमुश्त देने को कहा गया था। समय सीमा पूरा होने के दो माह बाद भी खाताधारकों को जमा रुपये नहीं मिले। लोग जमा धनराशि की मांग करते तो उन्हें बार-बार अगली तारीख दी जाती। परेशान होकर उपभोक्ताओं ने 17 अप्रैल 2026 को बैंक शाखा पर प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
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इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर उपभोक्ताओं ने ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। तब से लगातार बैंक बंद चल रहा है। लोग रोजाना बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमा धनराशि की भुगतान को लेकर करीब 120 उपभोक्ताओं को चेक दिया गया। इसमें से करीब 80 लोगों का मूलधन में 30 से 50 प्रतिशत तक कटौती करके भुगतान किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं ने कहा कि शिकायत के बाद भी अभी तक बैंक के जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। जिस तरह से पैसे दिए जा रहे हैं उससे तो लग रहा है कि हमारी गाढ़ी कमाई ही डूब जाएगी।
ये खाताधारक हैं परेशान
खाताधारक अनिल वर्मा, शत्रुघ्न प्रजापति, कृष्णा मुरारी रौनियार, गीता देवी, विश्वनाथ प्रसाद गुप्त, गोविन्द चौहान, लक्ष्मण रौनियार, अंजनी गुप्ता, मीना गुप्ता, मैनुद्दिन, अनीता गुप्ता, रिंकी मोदनवाल, मेराज कुरैशी, किरन गुप्ता, सुशीला, मीरा, प्रभावती, अंशु, सुबोध, जाहिदा, अलीअहमद, नेबूलाल, अनिल यादव आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि बैंक में जमा रुपये मिलने की आस लिए अधिकारियों से मनुहार किया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि संस्था की ओर से मूलधन में कटौती करके पैसा दिया जा रहा है। मजबूरी में कम पैसे लेना पड़ रहा है।
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ठूठीबारी रामनगर चौराहे पर मेरी पत्तल, गिलास की दुकान है। संस्था में मैं दो खाता खोलकर डेली रुपये जमा करता था। एक खाते में 32 हजार और दूसरे में 22 हजार रुपये जमा किए थे। 32 हजार रुपये के लिए संस्था हमको चेक दिया था। हमसे चेक वापस लेकर 32 हजार की जगह पर 24 हजार रुपये और 22 हजार रुपये में 6 हजार रुपये ही मिला है।
- मनोहर, धरमौली
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मैंने संस्थान में 67,300 रुपये जमा किया था। कंपनी की ओर से चेक दिया गया था। अभी तक मुझे मात्र 13 हजार रुपये मिले हैं। रुपयों के अभाव में कई जरूरी काम रुके हुए हैं।
-सूरज कुमार, ठूठीबारी
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मैंने बैंक में 58,800 रुपये जमा किए थे। काफी दौड़ भाग के बाद अभी तक मुझे 50 हजार रुपये मिले हैं। पैसे की आस लिए अधिकारियों का चक्कर लगा रहा हूं लेकिन अब पूरे रुपये मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
- कृष्णा मद्धेशिया, ठूठीबारी
वर्जन
अभी हाल ही में मेरी पोस्टिंग हुई है। इस मामले की जांच करवाता हूं। उपभोक्ताओं का संस्था में जमा पैसे दिलवाया जाएगा। आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
-रविंद्र कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी, निचलौल