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Maharajganj News: डायरिया और हीटवेव की चपेट में आ रहे लोग
Tue, 13 May 2025 06:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 13 May 2025 06:40 PM IST
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महराजगंज। तापमान और हीटवेव से प्रभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले किशोर और 35 वर्ष तक के युवा ही गिरफ्त में थे, लेकिन अब उम्रदराज भी हीटवेव और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 810 मरीज पहुंचे। इसमें डायरिया व निर्जलीकरण की समस्या लेकर 23 मरीज पहुंचे थे, जिसमें छह मरीज ऐसे थे जिनकी उम्र 50 से 60 वर्ष के मध्य रही।
मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में अधिक पहुंच रहे हैं। डायरिया व निर्जलीकरण की चपेट में आने के साथ त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। हीटवेव व डायरिया से प्रभावित मरीजों को डाॅ. बैभव इलाज करते मिले। उन्होंने बताया कि तापमान में लगातार वृद्धि के कारण हीटस्ट्रोक व डायरिया, पेचिस के मरीज अधिक आ रहे हैं। बढ़े तापमान में खानपान के प्रति ध्यान न देने के कारण इसके मरीज बढ़ रही हैं।
तेल और अधिक मिर्च मसाला वाले खाद्य पदार्थ इस समय सर्वाधिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा बाजार के फास्ट फूड, कटे बिक रहे फल, अशुद्ध पानी का उपयोग इसे और बढ़ा रहे हैं। डायरिया अगर दो से तीन दिन बनी रहती है तो पेचिश में बदल जा रही है। ऐसे मरीजों पर हीटस्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए खानपान के प्रति उदासीनता न बरतें।
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इच्छा के विरुद्ध खाने व कई बार खाने से परहेज करेंगे। ताजा व सादा भोजन ही करें। ककड़ी, खीरा, तरबूज, प्याज, नींबू के सलाद का अधिक उपयोग करें। पानी का सेवन अधिक करें। पेट से जुड़ी किसी समस्या की अनदेखी न करें, दिक्कत होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा प्रारंभ करें। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने कहा कि अस्पताल में इलाज की बेहतर व्यवस्था है। दवाएं पर्याप्त हैं।
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मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में अधिक पहुंच रहे हैं। डायरिया व निर्जलीकरण की चपेट में आने के साथ त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। हीटवेव व डायरिया से प्रभावित मरीजों को डाॅ. बैभव इलाज करते मिले। उन्होंने बताया कि तापमान में लगातार वृद्धि के कारण हीटस्ट्रोक व डायरिया, पेचिस के मरीज अधिक आ रहे हैं। बढ़े तापमान में खानपान के प्रति ध्यान न देने के कारण इसके मरीज बढ़ रही हैं।
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तेल और अधिक मिर्च मसाला वाले खाद्य पदार्थ इस समय सर्वाधिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा बाजार के फास्ट फूड, कटे बिक रहे फल, अशुद्ध पानी का उपयोग इसे और बढ़ा रहे हैं। डायरिया अगर दो से तीन दिन बनी रहती है तो पेचिश में बदल जा रही है। ऐसे मरीजों पर हीटस्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए खानपान के प्रति उदासीनता न बरतें।
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इच्छा के विरुद्ध खाने व कई बार खाने से परहेज करेंगे। ताजा व सादा भोजन ही करें। ककड़ी, खीरा, तरबूज, प्याज, नींबू के सलाद का अधिक उपयोग करें। पानी का सेवन अधिक करें। पेट से जुड़ी किसी समस्या की अनदेखी न करें, दिक्कत होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा प्रारंभ करें। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने कहा कि अस्पताल में इलाज की बेहतर व्यवस्था है। दवाएं पर्याप्त हैं।