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Maharajganj News: नहीं रहे भोजपुरी रामायण सहित दर्जनों ग्रंथों के रचयिता पतंग मणि
Thu, 14 Mar 2024 06:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 14 Mar 2024 06:40 PM IST
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लक्ष्मीपुर। लक्ष्मीपुर नौतनवा तहसील क्षेत्र में भोजपुरी में रामायण का अनुवाद करने वाले महेशपुर मेहदिया निवासी परमात्मा मणि पतंग इस दुनिया में नहीं रहे। इस खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। 92 वर्षीय परमात्मा मणि पतंग ने अपने जीवन का सफर शिक्षक के साथ-साथ कवि के रूप में शुरू किया था। उनकी पत्नी की असमय मृत्यु ने उन्हें आधुनिक तुलसीदास बना दिया।
उन्होंने रामायण, वेद, रामरमईया, सजनी, मत चूको चौहान, पतंग गोरखपुरी, दशमेश, आराधना गीत, भारत और भारती पतंग सतसई, गीता पतंग, सत्यम शिवम सुंदरम, शिवतांडव की भोजपुरी भाषा में रचना की है। पतंग कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। पूर्व विधान परिषद सभापति गणेश शंकर पांडेय, नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी, पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी, कुंवर कौशल किशोर सिंह, हरिकेश पाठक, सीपी मिश्र ने गहरा शोक प्रकट किया है। संवाद
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उन्होंने रामायण, वेद, रामरमईया, सजनी, मत चूको चौहान, पतंग गोरखपुरी, दशमेश, आराधना गीत, भारत और भारती पतंग सतसई, गीता पतंग, सत्यम शिवम सुंदरम, शिवतांडव की भोजपुरी भाषा में रचना की है। पतंग कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। पूर्व विधान परिषद सभापति गणेश शंकर पांडेय, नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी, पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी, कुंवर कौशल किशोर सिंह, हरिकेश पाठक, सीपी मिश्र ने गहरा शोक प्रकट किया है। संवाद
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