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सावन में सूना रहेगा पशु पतिनाथ का दरबार
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सावन में सूना रहेगा पशु पतिनाथ का दरबार
भैरहवा (नेपाल)। भगवान शिव के सात ज्योतिर्लिंग में एक काठमांडू के पशु पतिनाथ नाथ मंदिर में इस सावन भी सन्नाटा रहेगा। कोविड की तीसरी लहर आने की आशंका के कारण यहां दर्शन पर रोक लगी है। मंदिर के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ है।
मंदिर के बाहरी क्षेत्र से ही भगवान की पूजा-अर्चना की जा रही है। मंदिर में मौजूद पुजारी ही भगवान भोले की पूजा-अर्जन कर रहे हैं। पुजारी ही भोले नाथ पर दूध चढ़ाएंगे। बीते वर्ष 30 अप्रैल से मंदिर में श्रद्धालुओं के जाने पर रोक लगी है। इस मंदिर में भारत से लगायत कई देशों से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन कोविड के कारण पर्यटकों के नेपाल जाने पर रोक लगी है। एक नवंबर 2020 से 20 जनवरी 2021 तक पशु पतिनाथ मंदिर के कपाट सुबह छह से दोपहर एक बजे तक खुलते थे। कोरोना की दूसरी लहर में फिर श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। पशुपति क्षेत्र विकास कोष के सदस्य सचिव डॉ. प्रदीप ढकाल ने बताया कि 25 जुलाई से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगी है। कोरोना महामारी की स्थिति सामान्य होने पर मंदिर के कपाट खोले जा सकते हैं ।
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भैरहवा (नेपाल)। भगवान शिव के सात ज्योतिर्लिंग में एक काठमांडू के पशु पतिनाथ नाथ मंदिर में इस सावन भी सन्नाटा रहेगा। कोविड की तीसरी लहर आने की आशंका के कारण यहां दर्शन पर रोक लगी है। मंदिर के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ है।
मंदिर के बाहरी क्षेत्र से ही भगवान की पूजा-अर्चना की जा रही है। मंदिर में मौजूद पुजारी ही भगवान भोले की पूजा-अर्जन कर रहे हैं। पुजारी ही भोले नाथ पर दूध चढ़ाएंगे। बीते वर्ष 30 अप्रैल से मंदिर में श्रद्धालुओं के जाने पर रोक लगी है। इस मंदिर में भारत से लगायत कई देशों से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन कोविड के कारण पर्यटकों के नेपाल जाने पर रोक लगी है। एक नवंबर 2020 से 20 जनवरी 2021 तक पशु पतिनाथ मंदिर के कपाट सुबह छह से दोपहर एक बजे तक खुलते थे। कोरोना की दूसरी लहर में फिर श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। पशुपति क्षेत्र विकास कोष के सदस्य सचिव डॉ. प्रदीप ढकाल ने बताया कि 25 जुलाई से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगी है। कोरोना महामारी की स्थिति सामान्य होने पर मंदिर के कपाट खोले जा सकते हैं ।
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