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Maharajganj News: सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बढ़े 1.53 लाख मरीज
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आईपीडी में भी 3168 मरीजों का इजाफा, सात ब्लॉकों में घटे भर्ती मरीज
अगस्त 2026 तक सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 11,17,920 मरीज पहुंचे
महराजगंज। जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अगस्त 2026 तक के आंकड़ों की पिछले वर्ष की इसी अवधि से तुलना में ओपीडी में 1.53 मरीजों की वृद्धि हुई है। वहीं, अस्पतालों में भर्ती होकर उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या (आईपीडी) भी 3168 बढ़ी है। हालांकि, सात ब्लॉकों में आईपीडी के मरीज पिछले वर्ष की तुलना में कम हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तुलनात्मक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 तक सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 11,17,920 मरीज पहुंचे। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 9,64,107 थी। यानी एक वर्ष में ओपीडी में 1,53,815 मरीज बढ़े। नौतनवा, सिसवा, लक्ष्मीपुर, फरेंदा और घुघली समेत कई क्षेत्रों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इंडोर में अगस्त 2026 तक 35,782 मरीज भर्ती हुए जबकि अगस्त 2025 तक 32,614 मरीज भर्ती हुए थे। इस तरह इस दौरान 3168 मरीजों की वृद्धि हुई। वहीं, धानी, घुघली, लक्ष्मीपुर, महराजगंज, पनियरा, परतावल और सिसवा में भर्ती मरीजों की संख्या घटी है। नौतनवा में इंडोर मरीजों की संख्या में सर्वाधिक 2662 की वृद्धि हुई। मिठौरा में 1127 और शहरी क्षेत्र में 750 मरीज अधिक भर्ती हुए। इसके अलावा निचलौल और फरेंदा में भी आईपीडी बढ़ी है।
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सीएमओ डॉ. सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में भर्ती मरीजों की संख्या कम हुई है, वहां सुधार के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
सात ब्लॉकों में कम हुई भर्ती मरीजों की संख्या
सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 3,168 की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि जिले के सात सीएचसी क्षेत्रों में भर्ती मरीजों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले कम हुई है। सबसे अधिक गिरावट लक्ष्मीपुर में दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में लक्ष्मीपुर में 1,001, पनियरा में 532, सिसवा में 397, सदर में 337, धानी में 264, घुघली में 146 और परतावल में 109 भर्ती मरीज कम हुए हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ी है, उनमें नौतनवां सबसे आगे है। यहां 2,662 मरीज अधिक भर्ती हुए। इसके बाद मिठौरा में 1,127, सदर शहरी क्षेत्र में 750, निचलौल में 625, फरेंदा में 591 और बृजमनगंज में 199 मरीजों की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह जिले के कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद सात सीएचसी क्षेत्रों में गिरावट दर्ज हुई है। इससे संबंधित क्षेत्रों में अस्पतालों की सेवाओं, रेफरल व्यवस्था और भर्ती की जरूरतों को लेकर अलग-अलग स्थिति सामने आती है।
सुधरी सेवाओं से बढ़ा मरीजों का भरोसा
डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में जिले के सभी सीएचसी पर जांच की व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ी है। शासन की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन का असर मरीजों की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है। जिले के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में एक लाख से अधिक मरीज बढ़े हैं, जबकि भर्ती मरीजों की संख्या में भी 3,168 का इजाफा हुआ है। इससे सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति मरीजों का भरोसा बढ़ने का संकेत मिलता है।
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अगस्त 2026 तक सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 11,17,920 मरीज पहुंचे
महराजगंज। जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अगस्त 2026 तक के आंकड़ों की पिछले वर्ष की इसी अवधि से तुलना में ओपीडी में 1.53 मरीजों की वृद्धि हुई है। वहीं, अस्पतालों में भर्ती होकर उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या (आईपीडी) भी 3168 बढ़ी है। हालांकि, सात ब्लॉकों में आईपीडी के मरीज पिछले वर्ष की तुलना में कम हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तुलनात्मक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 तक सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 11,17,920 मरीज पहुंचे। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 9,64,107 थी। यानी एक वर्ष में ओपीडी में 1,53,815 मरीज बढ़े। नौतनवा, सिसवा, लक्ष्मीपुर, फरेंदा और घुघली समेत कई क्षेत्रों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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इंडोर में अगस्त 2026 तक 35,782 मरीज भर्ती हुए जबकि अगस्त 2025 तक 32,614 मरीज भर्ती हुए थे। इस तरह इस दौरान 3168 मरीजों की वृद्धि हुई। वहीं, धानी, घुघली, लक्ष्मीपुर, महराजगंज, पनियरा, परतावल और सिसवा में भर्ती मरीजों की संख्या घटी है। नौतनवा में इंडोर मरीजों की संख्या में सर्वाधिक 2662 की वृद्धि हुई। मिठौरा में 1127 और शहरी क्षेत्र में 750 मरीज अधिक भर्ती हुए। इसके अलावा निचलौल और फरेंदा में भी आईपीडी बढ़ी है।
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सीएमओ डॉ. सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में भर्ती मरीजों की संख्या कम हुई है, वहां सुधार के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
सात ब्लॉकों में कम हुई भर्ती मरीजों की संख्या
सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 3,168 की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि जिले के सात सीएचसी क्षेत्रों में भर्ती मरीजों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले कम हुई है। सबसे अधिक गिरावट लक्ष्मीपुर में दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में लक्ष्मीपुर में 1,001, पनियरा में 532, सिसवा में 397, सदर में 337, धानी में 264, घुघली में 146 और परतावल में 109 भर्ती मरीज कम हुए हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ी है, उनमें नौतनवां सबसे आगे है। यहां 2,662 मरीज अधिक भर्ती हुए। इसके बाद मिठौरा में 1,127, सदर शहरी क्षेत्र में 750, निचलौल में 625, फरेंदा में 591 और बृजमनगंज में 199 मरीजों की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह जिले के कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद सात सीएचसी क्षेत्रों में गिरावट दर्ज हुई है। इससे संबंधित क्षेत्रों में अस्पतालों की सेवाओं, रेफरल व्यवस्था और भर्ती की जरूरतों को लेकर अलग-अलग स्थिति सामने आती है।
सुधरी सेवाओं से बढ़ा मरीजों का भरोसा
डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में जिले के सभी सीएचसी पर जांच की व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ी है। शासन की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन का असर मरीजों की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है। जिले के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में एक लाख से अधिक मरीज बढ़े हैं, जबकि भर्ती मरीजों की संख्या में भी 3,168 का इजाफा हुआ है। इससे सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति मरीजों का भरोसा बढ़ने का संकेत मिलता है।