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Maharajganj News: प्रार्थना सभाओं के जरिए धर्म परिवर्तन के प्रयास में जुटा नेटवर्क
Mon, 16 Sep 2024 03:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 16 Sep 2024 03:46 AM IST
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नेपाल के चर्च में प्राथना सभा में जाने के दौरान लोगो को पोता गया कालिख।
महराजगंज/निचलौल। भारत-नेपाल बाॅर्डर के दोनों तरफ सीमावर्ती गांवों में गोपनीय ढंग से प्रार्थना सभाएं होने की चर्चा है। इसमें पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। नेपाल में इससे जुड़े लोग छोटी-छोटी जगह पर प्रार्थना सभा कर धर्म परिवर्तन का प्रयास करते रहते हैं। नेपाल में हुई घटना को लेकर सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की जा रही है।
नेपाल के महेशपुर में शनिवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भारतीय लोगों के साथ अभद्रता की थी। प्रार्थना सभा में जाने के दौरान धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाकर कालिख पोतकर जय श्रीराम की नारेबाजी हुई थी। आरोप था कि प्रार्थना सभा में शामिल होने वाले लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। सूचना पर पहुंची नेपाली पुलिस ने एक पादरी समेत कुल 15 लोगों को पकड़ लिया था।
गिरफ्तार पादरी नेपाल के रूपनदेही जिला का निवासी है तो अन्य लोग भारत के सीमावर्ती गांवों के रहने वाले थे। सूत्रों की माने तो भारत नेपाल बार्डर के सीमावर्ती गांवों में काफी तेजी से ईसाई धर्म का प्रचार किया जा रहा था। यहां लोगों को बहला-फुसलाकर बुलाया जाता है। लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता है। पुलिस के हत्थे चढ़ने वाले पादरी सहित इससे जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तार के बाद भी धर्मांतरण के लिए कहां से फंडिग और नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, जानकारी जुटाई जा रही है।
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सूत्रों के मुताबिक हर मंगलवार और शनिवार को बड़े तादात में भारतीय लोग नेपाल के चर्च में प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। ये नेटवर्क भारत और नेपाल के कई जिलों में फैला हो सकता है। दोनों देशों के सीमावर्ती गांवों में चोरी छिपे प्रार्थना सभा आयोजित कर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सक्रिय ईसाई मिशनरी बड़े पैमाने पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराते हैं यह अपना नेटवर्क जिले से लेकर बिहार और नेपाल तक फैला रखे हैं। निचलौल क्षेत्र के पिपराकाजी, बोदना, रेंगहिया, डोमा, मनिकापुर, बकुलडिहा सहित कई गांवों 10 हजार से अधिक अनुयायी हर रविवार और मंगलवार को प्रार्थना के लिए गांव में जुटते हैं। अंधविश्वास और जादुई पानी के जरिए करिश्मे का विस्तार कर लोगों को पहले वश में कर लेते हैं। फिर प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण करा देते हैं।
सूत्रों की माने तो निचलौल ब्लॉक में करीब 22 मुसहर बस्ती में ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार होता है। यह एक पिछड़ा क्षेत्र है। भारत नेपाल बॉर्डर के सीमावर्ती गांव भी इसकी जद में आ चुके हैं।
नेपाल में भी धर्मांतरण का हिंसक विरोध
धर्मांतरण रोकने के लिए भारत के साथ ही नेपाली हिंदू संस्थाएं भी जोर-शोर से विरोध करती हैं। अक्सर ये विरोध हिंसक भी होते हैं। विश्व हिंदू परिषद ऐसी ही एक संस्था है जिसका उद्देश्य धर्मांतरण को रोकना और सभी देशों के हिंदुओं की एकता पर काम करना है। ये बातें विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री धर्माचार्य प्रकोष्ठ महंथ संतोषनाथ ने कही। उन्होंने बताया कि अगर लोग अपनी मर्जी से भी हिंदू धर्म को छोड़कर जाते हैं तो दुख होता है।
भारतीय क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं
महराजगंज। एसपी कार्यालय के सोशल मीडिया सेल की ओर से जारी विज्ञप्ति में चर्च जा रहे लोगों से हिंदू संगठन की अभ्रदता की जांच के बारे में बताया गया है। पुलिस की जांच में पता चला कि घटनाक्रम नेपाल राष्ट्र से संबंधित है। घटना नेपाल राष्ट्र में हुई है। ठूठीबारी थाना क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ है और न ही कोई प्रार्थना पत्र उक्त प्रकरण के संबंध में दिया गया है। शांति व्यवस्था की दृष्टिगत नेपाल राष्ट्र की पुलिस से वार्ता की जा रही है। इस संबंध में सतर्कता बरती जा रही है। संवाद
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नेपाल के महेशपुर में शनिवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भारतीय लोगों के साथ अभद्रता की थी। प्रार्थना सभा में जाने के दौरान धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाकर कालिख पोतकर जय श्रीराम की नारेबाजी हुई थी। आरोप था कि प्रार्थना सभा में शामिल होने वाले लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। सूचना पर पहुंची नेपाली पुलिस ने एक पादरी समेत कुल 15 लोगों को पकड़ लिया था।
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गिरफ्तार पादरी नेपाल के रूपनदेही जिला का निवासी है तो अन्य लोग भारत के सीमावर्ती गांवों के रहने वाले थे। सूत्रों की माने तो भारत नेपाल बार्डर के सीमावर्ती गांवों में काफी तेजी से ईसाई धर्म का प्रचार किया जा रहा था। यहां लोगों को बहला-फुसलाकर बुलाया जाता है। लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता है। पुलिस के हत्थे चढ़ने वाले पादरी सहित इससे जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तार के बाद भी धर्मांतरण के लिए कहां से फंडिग और नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, जानकारी जुटाई जा रही है।
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सूत्रों के मुताबिक हर मंगलवार और शनिवार को बड़े तादात में भारतीय लोग नेपाल के चर्च में प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। ये नेटवर्क भारत और नेपाल के कई जिलों में फैला हो सकता है। दोनों देशों के सीमावर्ती गांवों में चोरी छिपे प्रार्थना सभा आयोजित कर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सक्रिय ईसाई मिशनरी बड़े पैमाने पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराते हैं यह अपना नेटवर्क जिले से लेकर बिहार और नेपाल तक फैला रखे हैं। निचलौल क्षेत्र के पिपराकाजी, बोदना, रेंगहिया, डोमा, मनिकापुर, बकुलडिहा सहित कई गांवों 10 हजार से अधिक अनुयायी हर रविवार और मंगलवार को प्रार्थना के लिए गांव में जुटते हैं। अंधविश्वास और जादुई पानी के जरिए करिश्मे का विस्तार कर लोगों को पहले वश में कर लेते हैं। फिर प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण करा देते हैं।
सूत्रों की माने तो निचलौल ब्लॉक में करीब 22 मुसहर बस्ती में ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार होता है। यह एक पिछड़ा क्षेत्र है। भारत नेपाल बॉर्डर के सीमावर्ती गांव भी इसकी जद में आ चुके हैं।
नेपाल में भी धर्मांतरण का हिंसक विरोध
धर्मांतरण रोकने के लिए भारत के साथ ही नेपाली हिंदू संस्थाएं भी जोर-शोर से विरोध करती हैं। अक्सर ये विरोध हिंसक भी होते हैं। विश्व हिंदू परिषद ऐसी ही एक संस्था है जिसका उद्देश्य धर्मांतरण को रोकना और सभी देशों के हिंदुओं की एकता पर काम करना है। ये बातें विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री धर्माचार्य प्रकोष्ठ महंथ संतोषनाथ ने कही। उन्होंने बताया कि अगर लोग अपनी मर्जी से भी हिंदू धर्म को छोड़कर जाते हैं तो दुख होता है।
भारतीय क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं
महराजगंज। एसपी कार्यालय के सोशल मीडिया सेल की ओर से जारी विज्ञप्ति में चर्च जा रहे लोगों से हिंदू संगठन की अभ्रदता की जांच के बारे में बताया गया है। पुलिस की जांच में पता चला कि घटनाक्रम नेपाल राष्ट्र से संबंधित है। घटना नेपाल राष्ट्र में हुई है। ठूठीबारी थाना क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ है और न ही कोई प्रार्थना पत्र उक्त प्रकरण के संबंध में दिया गया है। शांति व्यवस्था की दृष्टिगत नेपाल राष्ट्र की पुलिस से वार्ता की जा रही है। इस संबंध में सतर्कता बरती जा रही है। संवाद